NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीन का अमेरिका पर सुरक्षा परिषद में इज़रायल की आलोचना को रोकने का आरोप
फ़िलिस्तीन के भीतर नागरिकों की मौत को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच एक सप्ताह में दूसरी बार गाज़ा में इज़रायल के हमले पर औपचारिक बयान जारी करने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विफल रहा।
पीपल्स डिस्पैच
17 May 2021
चीन का अमेरिका पर सुरक्षा परिषद में इज़रायल की आलोचना को रोकने का आरोप

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दूसरी आपात बैठक में गाजा में इजरायली हमले को लेकर औपचारिक बयान पर सहमति बनने में असफल होने के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा रविवार 16 मई को कहा कि ऐसा यूएस द्वारा बाधा उत्पन्न करने के चलते हुआ है।

वांग यी ने बैठक के दौरान कहा, "अफसोस की बात है कि सिर्फ एक देश की रुकावट के कारण सुरक्षा परिषद एक स्वर में नहीं बोल पा रही है।" ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन ने "परिषद को कार्रवाई करने के लिए मार्गदर्शन करने के लिए पहले ही एक प्रेस बयान तैयार किया है।"

चीन सत्र की अध्यक्षता कर रहा था और उसके आग्रह पर आपात बैठकें बुलाई गईं। ये बैठक वर्चुअल तरीके से की गई थी।

अमेरिका ने गाजा के अंदर इजरायल के हमले का आधिकारिक तौर पर ये कहते हुए समर्थन किया है कि आत्मरक्षा इजरायल का अधिकार है।

रूस के उप विदेश मंत्री सेगेई वर्शिनिन ने भी बैठक को संबोधित किया और संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ से बने मिड्ल ईस्ट क्वार्टेट की एक तत्काल बैठक के लिए कहा।

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वांग यी ने पहले इस बात पर जोर दिया था कि हाल के वर्षों में "एक स्वतंत्र राष्ट्र के निर्माण के फिलिस्तीनी अधिकार का लगातार उल्लंघन किया गया है" और "फिलिस्तीनी मुद्दे के उचित समाधान के बिना" इस क्षेत्र में वास्तविक शांति नहीं हो सकती है।

इस बैठक को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संबोधित किया जिन्होंने दोनों पक्षों से लड़ाई रोकने का आग्रह किया। इस बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी इसी तरह का आह्वान किया।

इस बैठक में बोलते हुए फिलिस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता और इजरायल के हमले की निंदा करने में उनकी विफलता की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष दो पड़ोसियों के आपस में लड़ने का मुद्दा नहीं है ब्लकि यह उपनिवेशवाद का मुद्दा है।

भारत सहित कई अन्य सदस्यों ने फिलीस्तीनी मुद्दे और द्विराष्ट्र समाधान का समर्थन किया और युद्धस्थिति को समाप्त करने का आह्वान किया। हालांकि, इजरायल के राजदूत गिलाद एर्डन ने रक्षात्मक कार्रवाई के रूप में गाजा पर इजरायल के हमलों को उचित ठहराया और अन्य सदस्यों को इसका समर्थन करने के लिए कहा।

घनी आबादी वाले फिलीस्तीनी क्षेत्र गाजा के अंदर इजरायल के हवाई हमला दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। इन हमलों में 58 बच्चों सहित कम से कम 191 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक घायल हुए हैं।

China
America
UN Security Council
Palestine
Gaza
Israel

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License