NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह मनाई
पिछले साल से चल रहे इस समारोह में सीपीसी की उपलब्धियों को उजागर किया गया है, जो चीन को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और एक तकनीकी महाशक्ति बनने के लिए सामंतवाद, औपनिवेशिक कब्जे, गरीबी और कई युद्धों से बचाया है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jul 2021
चीन ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह मनाई

गुरुवार 1 जुलाई को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के गठन के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे चीन में समारोह आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम बीजिंग के तियानमेन चौक पर हुआ जहां राष्ट्रपति शी जिंगपिन ने साल भर के उत्सव की परिणति के रूप में एक भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संभोधन में सीपीसी के महासचिव शी ने घोषणा की कि पार्टी ने चीन को सामान्य रूप से समृद्ध समाज बनाने का अपना पहला शताब्दी लक्ष्य हासिल कर लिया है।

इस वर्षगांठ से पहले COVID-19 के चलते प्रतिबंधों के बावजूद पिछले साल जुलाई से पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंतिम उत्सव के क्रम में 29जून को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 29मॉडल सीपीसी सदस्यों को पार्टी और लोगों के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पार्टी के सर्वोच्च सम्मान जुलाई 1 मेडल से सम्मानित किया।”

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का गठन 1 जुलाई 1921 को शंघाई में हुआ था जिसमें 50 कुल सदस्यों में से केवल 13 डिप्युटी उपस्थित थे। आज इसकी 95मिलियन से अधिक सदस्यता है। यह 1949 की तुलना में कम से कम 20 गुना अधिक है।

रूस में महान अक्टूबर क्रांति के विचारों और कार्ल मार्क्स के कार्यों से प्रेरित होकर सीपीसी ने माओ जेदान्ग के नेतृत्व में दो दशकों से अधिक समय तक कई किसानों की मदद से देश के सामंती शासकों के खिलाफ युद्ध का नेतृत्व किया। 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक की स्थापना के बाद पार्टी ने पुरानी सामंती राजनीतिक व्यवस्था को समाप्त कर दिया और चीन में समाजवादी समाज के निर्माण के उद्देश्य से केंद्रीकृत योजना के साथ एक पार्टी शासन पर आधारित एक नई प्रणाली बनाई। 1978 में देंग शियाओपिंग के नेतृत्व में पार्टी ने एक नया दृष्टिकोण अपनाया जिसे मोटे तौर पर "चीनी विशेषता के साथ समाजवाद" के रूप में बताया गया, जिसमें अर्थव्यवस्था के अधिक से अधिक उदार और एक केंद्रीकृत योजना प्रणाली के तहत निजी निवेश को प्रोत्साहित किया गया, जिसे उसने बरकरार रखा। इसने चीनी अर्थव्यवस्था को दुनिया की अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में तेजी से बढ़ने में मदद की। पार्टी ने इस सरप्लस का उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अत्यधिक गरीबी और भूख को मिटाने के लिए किया।

चीन आज दुनिया की किसी भी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्था से उच्च वृद्धि दर के साथ 15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था है और इसके अधिकांश लोगों के लिए शालीन जीवन स्तर है। तियानमेन स्क्वायर से बोलते हुए शी जिनपिंग ने जोर देकर कहा कि चीन "अब हर तरह से एक महान आधुनिक समाजवादी देश के निर्माण के दूसरे शताब्दी लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है।"

China
communist party
100 years of Communist Party

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र

बुका हमले के बावजूद रशिया-यूक्रेन के बीच समझौते जारी

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

जम्मू-कश्मीर : रणनीतिक ज़ोजिला टनल के 2024 तक रक्षा मंत्रालय के इस्तेमाल के लिए तैयार होने की संभावना

जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद

सऊदी अरब और चीन: अब सबसे अच्छे नए दोस्त?


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License