NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संभावित मानवीय संकट को लेकर यूएन का यूएस से हौदी को आतंकवादी घोषित करने के फैसले को पलटने का आग्रह
हौदी युद्ध ग्रस्त यमन में 2014 के बाद से राजधानी साना सहित बड़ी आबादी पर नियंत्रण किए हुए है और सऊदी नेतृत्व और अमेरिका समर्थित गठबंधन के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Jan 2021
houthis

यूनाइटेड नेशन ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमनिटेरियन अफेयर्स के महानिदेशक मार्क लोकोक ने गुरुवार 14 जनवरी को सुरक्षा परिषद में चेतावनी दी कि हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा हाइथिस को "विदेशी आतंकवादी संगठन" के रूप में घोषित करने से बड़े पैमाने पर भुखमरी होगी जिसे हमने 40 साल में भी नहीं देखा है।” और अमेरिका से इस फैसले को रद्द करने का आग्रह किया।

लोकोक ने चेतावनी दी कि ऐसा करने में विफलता के कारण देश में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी होगी जो पहले से ही अमेरिका की मदद से सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा इस देश पर लगाए गए युद्ध और नाकाबंदी के कारण "सदी की दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट" का सामना कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रतिबंध जारी रहने पर खाद्य वस्तुओं की कीमतें 400% तक जा सकती हैं।

रविवार 10 जनवरी को ट्रम्प प्रशासन द्वारा हाउथिस या अंसार अल्लाह को एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया गया था। अमेरिकी कांग्रेस को भेजी गई अधिसूचना के अनुसार ये घोषणा राष्ट्रपति के रुप में डोनाल्ड के कार्यकाल के समाप्त होने के एक दिन पहले यानी 19 तारीख से लागू होगा।

लोकोक ने इस तथ्य को दोहराया कि देश में लगभग 50,000 यमनी पहले से ही गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं और अन्य 5 मिलियन इसका सामना करने की कगार पर हैं। यह फैसला यमन में 30 मिलियन की कुल आबादी के कम से कम आधी आबादी को प्रभावित करेगा क्योंकि देश अपनी कुल खाद्य आवश्यकताओं का 90% आयात करता है।

इस बीच, दुनिया की प्रमुख राहत एजेंसी रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति ने यह भी चेतावनी दी कि हाउथिस को एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित करने से इस देश में नागरिकों के बीच बचाव और राहत कार्य पहुंचाने के इसके प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

हाउथिस को एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित करने के इस फैसले से चैरिटी समूहों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लिए हाउथिस से निपटना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि उसका अधिकांश यमनी लोगों और राजधानी सना पर नियंत्रण है। यह अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर प्रतिबंध के कारण धन के प्रवाह में बाधा पैदा कर सकता है जो इस फैसले का एक हिस्सा होगा।

इस फैसले की अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा पहले ही आलोचना की जा चुकी है। इनमें से कुछ ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन से आग्रह किया है कि जब वे 20 जनवरी को अपना पद संभाल लें तो इस फैसले के निरस्त करने की घोषणा करें।

Houthis
yemen
USA
America
trump administration

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License