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भारत
राजनीति
नौदीप कौर मामले में सह आरोपी शिवकुमार घायल : मेडिकल रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘ दाहिने और बाए पांव में सूजन है। दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है। बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है। बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
25 Feb 2021
 शिवकुमार
Image courtesy: National Herald

सोनीपत में दायर कथित आपराधिक मामले में गिरफ्तार नवदीप कौर के साथ सह आरोपी एवं मजदूर अधिकार संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार का चंडीगढ़ स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच)में चिकित्सा परीक्षण कराया गया जिसमें उनके हाथ एवं पैर में दो फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई एवं पैरों की उंगलियों में कील चुभने के निशान मिले हैं।

श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता कौर की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद कुमार की गिरफ्तारी हुई थी।

कौर को 12 जनवरी को हरियाणा के सोनीपत जिले में एक औद्योगिकी इकाई का घेराव करने और कथित तौर पर जबरन उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सोनीपत जिले में इस संबंध में दायर मामले में कुमार सह आरोपी है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 19 फरवरी को सोनीपत जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया था कि वह जीएमसीएच में कुमार का चिकित्सा परीक्षण कराएं। अदालत ने यह आदेश कुमार के पिता की याचिका पर दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनीपत पुलिस ने उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की है और यातना दी है।

अदालत में बुधवार को जीएमसीएच की ओर से जमा चिकित्सा रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ सभी चोटें करीब दो हफ्ते से अधिक पुरानी हैं और किसी वस्तु एवं कुंद हथियार से आई हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक बाएं हाथ और दाहिनी पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है।

इसके अलावा चार जख्म साधारण श्रेणी के हैं जबकि दो गंभीर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘ दाहिने और बाए पांव में सूजन है। दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है। बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है। बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है।’’

कुमार (24) के मुताबिक 16 जनवरी को पुलिस उसे कुंडली स्थित प्रदर्शन स्थल से उठाकर सोनीपत की पुरानी कचहरी लेकर गई थी जहां पर पुलिस कर्मियों ने उसके साथ मारपीठ की थी।

हालांकि, कुमार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके।

इस बीच, हरियाण पुलिस ने मजदूर कार्यकर्ता कौर से मारपीट करने के आरोपों से इनकार किया है और उनपर उद्योगपति से रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है।

हरियाणा पुलिस द्वारा उच्च न्यायालय में दायर स्थिति रिपोर्ट में आरोपों को ‘आधारहीन’ करार दिया गया है।

पुलिस ने यह रिपोर्ट कौर को कथित तौर पर अवैध तरीके से बंधक बनाने के आरोप पर जमा की है। अदालत ने इससे पहले मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था।

पंजाब के मुक्तसर जिले की रहने वाली कौर ने उच्च न्यायालय में अपनी नियमित जमानत याचिका में आरोप लगाया कि पिछले महीने सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद एक थाने में उनसे बुरी तरह मारपीट की गई।

23 वर्षीय कार्यकर्ता ने यह भी दावा किया कि कानून का ‘‘उल्लंघन’’करते हुए उनकी चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई।

कौर वर्तमान में करनाल जेल में बंद हैं। हरियाणा के सोनीपत में एक कंपनी का घेराव करने और उससे पैसे मांगने के आरोप में कौर को 12 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

सोनीपत के पुलिस उपाधीक्षक के माध्यम से दाखिल जवाब में हरियाणा पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान कौर ने कहा कि उसने अपने सहयोगियों शिव कुमार, सुमित, आशीष और साहिल के साथ मजदूर अधिकार संगठन बनाया और ‘‘फैक्टरी मालिकों से मजदूरों को वेतन दिलाने में वे अपना कमीशन लेते हैं और मालिकों से धन की उगाही भी करते हैं।’’

पुलिस ने उसके साथ मारपीट के आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उसे थाने में महिला प्रतीक्षा कक्ष में रखा गया जहां दो महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं।

थाने से उसे उसी दिन चिकित्सा जांच के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘उसकी न केवल सामान्य चिकित्सा जांच कराई गई बल्कि महिला चिकित्सक द्वारा विशेष चिकित्सा जांच भी कराई गई।’’

Nodeep Kaur
Dalit activist Nodeep Kaur
Shivkumar

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