NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नौदीप कौर मामले में सह आरोपी शिवकुमार घायल : मेडिकल रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘ दाहिने और बाए पांव में सूजन है। दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है। बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है। बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
25 Feb 2021
 शिवकुमार
Image courtesy: National Herald

सोनीपत में दायर कथित आपराधिक मामले में गिरफ्तार नवदीप कौर के साथ सह आरोपी एवं मजदूर अधिकार संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार का चंडीगढ़ स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच)में चिकित्सा परीक्षण कराया गया जिसमें उनके हाथ एवं पैर में दो फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई एवं पैरों की उंगलियों में कील चुभने के निशान मिले हैं।

श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता कौर की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद कुमार की गिरफ्तारी हुई थी।

कौर को 12 जनवरी को हरियाणा के सोनीपत जिले में एक औद्योगिकी इकाई का घेराव करने और कथित तौर पर जबरन उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सोनीपत जिले में इस संबंध में दायर मामले में कुमार सह आरोपी है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 19 फरवरी को सोनीपत जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया था कि वह जीएमसीएच में कुमार का चिकित्सा परीक्षण कराएं। अदालत ने यह आदेश कुमार के पिता की याचिका पर दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनीपत पुलिस ने उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की है और यातना दी है।

अदालत में बुधवार को जीएमसीएच की ओर से जमा चिकित्सा रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ सभी चोटें करीब दो हफ्ते से अधिक पुरानी हैं और किसी वस्तु एवं कुंद हथियार से आई हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक बाएं हाथ और दाहिनी पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है।

इसके अलावा चार जख्म साधारण श्रेणी के हैं जबकि दो गंभीर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘ दाहिने और बाए पांव में सूजन है। दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है। बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है। बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है।’’

कुमार (24) के मुताबिक 16 जनवरी को पुलिस उसे कुंडली स्थित प्रदर्शन स्थल से उठाकर सोनीपत की पुरानी कचहरी लेकर गई थी जहां पर पुलिस कर्मियों ने उसके साथ मारपीठ की थी।

हालांकि, कुमार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके।

इस बीच, हरियाण पुलिस ने मजदूर कार्यकर्ता कौर से मारपीट करने के आरोपों से इनकार किया है और उनपर उद्योगपति से रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है।

हरियाणा पुलिस द्वारा उच्च न्यायालय में दायर स्थिति रिपोर्ट में आरोपों को ‘आधारहीन’ करार दिया गया है।

पुलिस ने यह रिपोर्ट कौर को कथित तौर पर अवैध तरीके से बंधक बनाने के आरोप पर जमा की है। अदालत ने इससे पहले मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था।

पंजाब के मुक्तसर जिले की रहने वाली कौर ने उच्च न्यायालय में अपनी नियमित जमानत याचिका में आरोप लगाया कि पिछले महीने सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद एक थाने में उनसे बुरी तरह मारपीट की गई।

23 वर्षीय कार्यकर्ता ने यह भी दावा किया कि कानून का ‘‘उल्लंघन’’करते हुए उनकी चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई।

कौर वर्तमान में करनाल जेल में बंद हैं। हरियाणा के सोनीपत में एक कंपनी का घेराव करने और उससे पैसे मांगने के आरोप में कौर को 12 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

सोनीपत के पुलिस उपाधीक्षक के माध्यम से दाखिल जवाब में हरियाणा पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान कौर ने कहा कि उसने अपने सहयोगियों शिव कुमार, सुमित, आशीष और साहिल के साथ मजदूर अधिकार संगठन बनाया और ‘‘फैक्टरी मालिकों से मजदूरों को वेतन दिलाने में वे अपना कमीशन लेते हैं और मालिकों से धन की उगाही भी करते हैं।’’

पुलिस ने उसके साथ मारपीट के आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उसे थाने में महिला प्रतीक्षा कक्ष में रखा गया जहां दो महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं।

थाने से उसे उसी दिन चिकित्सा जांच के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘उसकी न केवल सामान्य चिकित्सा जांच कराई गई बल्कि महिला चिकित्सक द्वारा विशेष चिकित्सा जांच भी कराई गई।’’

Nodeep Kaur
Dalit activist Nodeep Kaur
Shivkumar

Related Stories

“हिरासत में हौसले तोड़ने की पुरज़ोर कोशिश की गई.... वो सिर्फ टांग तोड़ पाए.....”

सारे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए : नौदीप कौर

ख़ास मुलाक़ात: बिना लड़े हमें कुछ नहीं मिल सकता - नौदीप कौर

डिजिटल मीडिया पर अंकुश, नवदीप-शिव दमन और राज्यों के चुनाव

चुनावों का ऐलान, नौदीप कौर को ज़मानत और अन्य

उच्च न्यायालय ने श्रम अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर को दी ज़मानत

ये हमारी चॉइस नहीं है कि हमें एक्टिविस्ट बनना है : राजवीर कौर

पुलिस थाने में मुझे कई बार बेरहमी से पीटा गया : नौदीप कौर

दिल्ली: दलित शोषण मुक्ति मंच का दलितों पर बढ़ते अत्याचार और नौदीप कौर की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन

दलित-श्रमिक कार्यकर्ता नौदीप की रिहाई को लेकर सड़क से सोशल मीडिया तक संघर्ष जारी


बाकी खबरें

  • bose
    प्रबीर पुरकायस्थ
    मोदी सरकार और नेताजी को होलोग्राम में बदलना
    28 Jan 2022
    बोस की सच्ची विरासत को उनकी होलोग्राफिक छवि के साथ खत्म कर देना : बिना किसी सार और तत्व के प्रकाश तथा परछाइयों का खेल। यह लगातार मोदी सरकार की वास्तविक विरासत बनती जा रही है!
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License