NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया के लोग संकट और हिंसा को लेकर सड़कों पर उतरे
ये राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन पुलिस की बर्बरता, आर्थिक संकट, नरसंहार और राष्ट्रीय सरकार की उदासीनता को लेकर किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
22 Sep 2020
कोलंबिया

21 सितंबर को हज़ारों कोलम्बियावासी राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल हुए और राष्ट्रपति इवान ड्यूके की दक्षिणपंथी सरकार के ख़िलाफ़ देश भर में इकट्ठा हुए। COVID-19 महामारी के चलते आर्थिक संकट का सामना करने और सोशल लीडर की निर्मम हत्या और देश में पुलिस की क्रूरता को ख़ारिज करने के लिए विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर कई प्रदर्शन किए गए।

इस महामारी के बावजूद, बड़ी संख्या में नागरिकों और विभिन्न मानवाधिकार संगठनों के सदस्य, वामपंथी राजनीतिक दल, सोशल मूवमेंट्स, छात्र, शिक्षक, महिलाएं, एलजीबीटीक्यूआई, स्वदेशी और अफ्रो-वंश के संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में असंतोष व्यक्त करने के लिए देश भर में सड़कों पर उतरे। कई सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों द्वारा इस राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का आह्वान किया गया था।

राजधानी बोगोटा राष्ट्रीय विरोध के केंद्रों में से एक था जो इस गंभीर स्थिति के प्रति राष्ट्रीय सरकार की उदासीनता को लेकर आलोचना कर रहा था। इस शहर के कम से कम 14 अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए।

यद्यपि सरकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पुलिस अधिकारी मार्च के दौरान बंदूक का इस्तेमाल नहीं करेंगे या शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को नहीं कुचलेंगे। यह रिपोर्ट में सामने आया कि ईएसएमएमडी के अधिकारियों ने बोगोटा, मेडेलिन, पोपायन में भीड़ में शामिल लोगों को रोका और भीड़ को आंसू गैस का इस्तेमाल करके तितर-बितर किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और कई अन्य घायल हो गए।

विरोध प्रदर्शनों की मुख्य मांगों में से एक था 46 वर्षीय क़ानून के छात्र और टैक्सी चालक जेवियर ऑर्डोनेज़ के लिए न्याय जिनको 9 सितंबर को बोगोटा में दो अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई और साथ ही 10 सितंबर को ऑर्डोनेज़ के लिए न्याय की मांग करने वाली भीड़ में पुलिस द्वारा मारे गए 13 अन्य लोगों के लिए न्याय की मांग थी।

आर्थिक संकट का गहरा होना और बढ़ती बेरोज़गारी जो जुलाई में 20.2% से अधिक थी जिसने विरोध प्रदर्शन करने को प्रेरित किया। राष्ट्रीय हड़ताल समिति में इकट्ठा हुए विभिन्न श्रमिक यूनियन्स, पेंशनर्स और छात्रों ने हाल ही में स्वीकृत डिक्री 1174 को खारिज करते हुए प्रदर्शन किया। ये डिक्री कठोरतापूर्वक पूर्ववर्ती श्रम और पेंशन सुधारों को लागू करता है।

इन प्रदर्शनकारियों ने देश में नरसंहारों को रोकने, मानवाधिकारों और भूमि रक्षकों, कम्यूनिटी और सोशल लीडर की व्यवस्थित हत्या को रोकने, एफएआरसी गुरिल्ला समूह के पूर्व लड़ाकों और महिलाओं और एलजीबीटीक्यूआई लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा को रोकने की भी मांग की। इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एंड पीस स्टडीज (आईएनडीईपीएजेड) के अनुसार इस साल 20 सितंबर तक 61 नरसंहारों में 246 लोग मारे गए जो कोलंबिया में पंजीकृत थे।

colombia
Colombians Protest
Colombian national strike
COVID-19
economic crises

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक


बाकी खबरें

  • veto
    एपी/भाषा
    रूस ने हमले रोकने की मांग करने वाले संरा के प्रस्ताव पर वीटो किया
    26 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे।
  • Gujarat
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: गोबर-धन को आने दो!
    26 Feb 2022
    छुट्टा जानवरों की आपदा का शोर मचाने वाले यह नहीं भूलें कि इसी आपदा में से गोबर-धन का अवसर निकला है।
  • Leander Paes and Rhea Pillai
    सोनिया यादव
    लिएंडर पेस और रिया पिल्लई मामले में अदालत का फ़ैसला ज़रूरी क्यों है?
    26 Feb 2022
    लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा को मान्यता देने वाला ये फ़ैसला अपने आप में उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक उम्मीद है, जो समाज में अपने रिश्ते के अस्तित्व तो लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022: किस तरफ होगा पूर्वांचल में जनादेश ?
    26 Feb 2022
    इस ख़ास बातचीत में परंजॉय गुहा ठाकुरता और शिव कुमार बात कर रहे हैं यूपी चुनाव में पूर्वांचाल की. आखिर किस तरफ है जनता का रुख? किसको मिलेगी बहुमत? क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पायेगी? जवाब ढूंढ रहे हैं…
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता
    26 Feb 2022
    ड्रग्स, अफस्पा, पहचान और पानी का संकट। नतीजतन, 5 साल की डबल इंजन सरकार को अब फिर से ‘फ्री स्कूटी’ का ही भरोसा रह गया है। अब जनता को तय करना है कि उसे ‘फ्री स्कूटी’ चाहिए या पीने का पानी?    
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License