NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
खेल
अंतरराष्ट्रीय
महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत
दर्शकों के बिना आयोजित किये जा रहे ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में भी भावनाओं का ज्वार उमड़ता दिखा। लेकिन जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस को उन्हें हटाने के लिये कार्रवाई करनी पड़ी।
भाषा
24 Jul 2021
महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत

टोक्यो: पिछले एक साल से भी अधिक समय से दुनिया को अपनी गिरफ्त में लेने वाली कोविड-19 महामारी के भय को पीछे छोड़ते हुए 32वें ओलंपिक खेलों की एक साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार को यहां रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ शुरुआत हो गयी जिसमें जापानी संस्कृति और प्रौद्योगिकी की झलक देखने को मिली।

जापान के सम्राट नारूहितो ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक, आयोजन समिति की प्रमुख सीको हाशिमोतो, कई अन्य हस्तियों तथा 205 देशों के खिलाड़ियों की मौजूदगी में खेलों के शुरुआत की घोषणा की। इससे एक महीने पहले ही उन्होंने ओलंपिक के दौरान कोरोना वायरस फैलने को लेकर चिंता जतायी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आधुनिक युग के 32वें ओलंपिक खेलों का जश्न मनाते हुए टोक्यो खेलों की शुरुआत की घोषणा करता हूं। ’’

दर्शकों के बिना आयोजित किये जा रहे ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में भी भावनाओं का ज्वार उमड़ता दिखा और ऐसे में ‘भावनाओं से एकजुट’ की इसकी विषय वस्तु भी कार्यक्रम के अनुकूल रही। टोक्यो में जब रात घिर आयी थी तब यहां का ओलंपिक स्टेडियम दमक रहा था जिससे उठी नयी उम्मीद की धमक पूरे विश्व में सुनायी दे रही थी।

बाक ने अपने उद्घाटन भाषण में खेलों की एकजुट करने की क्षमता का उल्लेख किया और साथ ही महामारी के बीच खेलों का आयोजन करने के लिये जापान का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज उम्मीद का पल है। आइए हम इस पल को संजोएं, क्योंकि आखिरकार हम एक साथ यहां हैं। कुल 205 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों और आईओसी शरणार्थी ओलंपिक टीम के एथलीट, ओलंपिक गांव में एक साथ एक छत के नीचे रह रहे हैं। यह खेल की एकजुट करने की शक्ति है।’’

महामारी के कारण सभी देशों के कम खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। कुछ खिलाड़ियों के अगले दिन प्रतियोगिताएं होने और बीमारी के संक्रमण से बचने के लिये समारोह में भाग नहीं लिया।

ओलंपिक मार्च पास्ट की शुरुआत हमेशा की तरह यूनान से हुई जहां पहले ओलंपिक खेल हुए थे। सभी टीमों के खिलाड़ी अपनी पांरपरिक वेषभूषा में दिखे और उन्होंने कुछ लोकप्रिय वीडियो गेम के संगीत पर स्टेडियम में प्रवेश किया। मेजबान जापान का दल सबसे आखिर में स्टेडियम में पहुंचा जिसके बाद आतिशबाजी का एक और दौर देखने को मिला।

भारत 25वीं बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रहा है और इस बार उसने अपना सबसे बड़ा दल उतारा है। भारतीय दल जापानी वर्णमाला के अनुसार 21वें नंबर पर आया।

पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकॉम के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था और उनके साथ भारत के अन्य खिलाड़ियों और छह अधिकारियों के चेहरे पर मुस्कान और जोश दिख रहा था।

भारत के 127 खिलाड़ियों सहित 228 सदस्यीय दल ओलंपिक में भाग ले रहा है लेकिन इनमें से केवल 20 खिलाड़ियों को उदघाटन समारोह में भाग लिया।

जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस को उन्हें हटाने के लिये कार्रवाई करनी पड़ी।

टोक्यो दूसरी बार ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले उसने 1964 में ओलंपिक का सफल आयोजन किया था लेकिन उदघाटन समारोह में शुरू में उस दिन को याद किया गया जब 2013 में उसने मेजबानी हासिल की थी।

समारोह की शुरुआत टोक्यो 2020 के प्रतीक को प्रदर्शित करने के लिये 20 सेकेंड तक नीली और सफेद रंग की आतिशबाजी के साथ की गयी जिसे जापानी संस्कृति में शुभ माना जाता है।

समारोह में विविधता में एकता, शांति और एकजुटता पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वस्थ रहना है तो अच्छी फिटनेस आवश्यक है का संदेश देता नृत्य आकर्षक था। ट्रेडमिल पर दौड़ती अकेली महिला अरिसा सुबाता संदेश दे रही थी खिलाड़ियों ने महामारी के दौरान भले ही अकेले अभ्यास किया लेकिन वे रुके नहीं, वे हारे नहीं। सुबाता नर्स भी हैं और मुक्केबाज भी।

जापान के सम्राट नारूहितो और बाक एक साथ स्टेडियम में पहुंचे। इसके बाद स्टेडियम में जापान का ध्वज फहराया गया। जापान का ध्वज लेकर चलने वालों में एक स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल था और इस तरह से महामारी के दौरान चिकित्साकर्मियों के योगदान को सराहा गया।

उदघाटन समारोह के दौरान उन लोगों और पूर्व ओलंपियनों को भी याद किया गया जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण जान गंवायी। इस दौरान म्यूनिख 1972 ओलंपिक में आतंकवादी हमले में मारे गये इजरायली खिलाड़ियों, 2011 के भूकंप और सुनामी में मारे गये लोगों का भी उल्लेख किया गया। इन सभी की याद में एक मिनट का मौन रखा गया। जापान की प्रसिद्ध गायिका मिसिया ने राष्ट्रगान गाया।

ओलंपिक के पांच चक्र भी रंगारंग कार्यक्रम के बीच स्टेडियम में लाये गये। इन रिंग को उन पेड़ों से तैयार किया गया है जिन्हें ओलंपिक 1964 के दौरान जापान के खिलाड़ियों ने लगाया था। खेलों में योगदान देने के लिये आईओसी ने बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को ‘द ओलंपिक लॉरेल’ से सम्मानित किया।

ओलंपिक में पहली बार खिलाड़ियों, जजों और प्रशिक्षकों की तरफ से एक पुरुष और एक महिला ने शपथ ली। खिलाड़ियों की तरफ से यामागाता रियोता (एथलेटिक्स) और इशिकावा कासुमी (टेबल टेनिस) ने शपथ ली।

टोक्यो 2020 का प्रतीक चिन्ह बनाने के लिये 1824 ड्रोन का उपयोग किया गया था जो आकर्षक था।

उदघाटन समारोह में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं देने का फैसला कई सप्ताह पहले किया था। इसको देखने के लिये स्टेडियम में 1000 हस्तियां ही उपस्थित थी जिसमें अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन भी शामिल हैं।

समारोह का आकर्षण निश्चित तौर पर 205 देशों और शरणार्थी टीम के खिलाड़ी थे जो पिछले एक साल से महामारी और आशंकाओं के बीच अपनी तैयारियां कर रहे थे।

पहली बार उदघाटन समारोह में केवल 10,400 लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें लगभग 6000 खिलाड़ी और टीम अधिकारी शामिल थे। खेलों से जुड़े लोग और विशेष अतिथियों की संख्या लगभग 900 के करीब थी जबकि बाकी संख्या प्रसारण और मीडियाकर्मियों की थी।

Tokyo Olympics

Related Stories

क्या है विनेश फोगाट और सोनम मलिक के निलंबन के पीछे का कारण? अनुशासन की आड़ में, मुखर होने की सजा!

इतवार की कविता : हॉकी खेलती लड़कियाँ

जाति की ज़ंजीर से जो जकड़ा हुआ है,  कैसे कहें मुल्क वह आज़ाद है!

एथलेटिक्स में भारत के ओलंपिक पदक का इंतज़ार ख़त्म करने के लिये निगाहें नीरज पर

हारकर भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता देशवासियों का दिल

जर्मनी को हराकर भारत ने कांस्य पदक जीता, 41 साल बाद ओलंपिक पदक; देशभर से आ रही हैं बधाईयां

ओलंपिक में महिला खिलाड़ी: वर्तमान और भविष्य की चुनौतियां

निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश

टोक्यो ओलंपिक: भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में

टोक्यो ओलंपिक: सिंधू ने जीता कांस्य, पुरुष हॉकी टीम सेमीफाइनल में


बाकी खबरें

  • भाषा
    ओमीक्रॉन वंचित इलाकों को हर तरह से करेगा प्रभावित
    22 Dec 2021
    वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने बीमारी के स्वास्थ्य और वित्तीय बोझ को असमान रूप से महसूस किया है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    अखिलेश के "लाल रंग" से क्यों घबरा रही है बीजेपी?
    22 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज अपने कार्यक्रम में चर्चा कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव की। अखिलेश यादव क्या योगी आदित्यनाथ पर भारी पड़ रहे हैं और बीजेपी से नाराज़ लोग क्या समाजवादी…
  • Urban
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!
    22 Dec 2021
    अर्बन कंपनी(Urban Company) से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने तीन दिन के अपने धरने के बाद बुधवार को कंपनी गेट से अपना धरना उठा लिया है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया क
  • झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
    22 Dec 2021
    2019 के विधानसभा चुनावों में सत्तासीन जेएमएम-आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन ने मॉब लिंचिंग क़ानून बनाने का वादा किया था। झारखंड में साल 2014 से एक के बाद एक मॉब लिंचिंग की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तय समय से एक दिन पहले ही समाप्त हुआ संसद का शीतकालीन सत्र
    22 Dec 2021
    शीत सत्र के दौरान भी दोनों सदनों में सरकार की मनमानी और विपक्ष का विरोध लगातार देखने को मिला। सरकार ने जहां तीन कृषि क़ानून बिना चर्चा के ही वापस ले लिए वहीं कई और अहम विधेयक बिना चर्चा के ही पास कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License