NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोलकाता में मनाई गई कम्युनिस्ट नेता मुज़फ़्फ़र अहमद की 133वीं जयंती
माकपा नेताओं ने बंगाल में प्रगतिशील परंपराओं को मजबूत करने के लिए 'काका बाबू' द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों को याद किया।
संदीप चक्रवर्ती
07 Aug 2021
Translated by महेश कुमार
कोलकाता में मनाई गई कम्युनिस्ट नेता मुज़फ़्फ़र अहमद की 133वीं जयंती

कोलकाता : शुरुआत से ही भारतीय उपमहाद्वीप के कम्युनिस्ट आंदोलन की अग्रणी शख्सियतों में से एक 'काका बाबू' उर्फ़ मुज़फ़्फ़र अहमद की 133वीं जयंती गुरुवार को कोलकाता में मनाई गई। मुज़फ़्फ़र अहमद, जिन्हें प्यार से बंगाली में 'काका बाबू' या 'प्रिय चाचा' कहा जाता था,बंगाल के उन सबसे बड़े वामपंथी नेताओं में से एक थे, जिन्होंने 1973 में हुई मृत्यु से पहले तक कम्युनिस्ट पार्टी को कई संकटों से उबारने में मदद की थी। वे अपनी मृत्यु के समय भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे।

पार्टी की बंगाल प्रांतीय समिति के सचिव होने के नाते,मुज़फ़्फ़र अहमद ने आज़ादी से पहले काफी मुश्किलों भरा समय देखा था, खासकर जब ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने कम्युनिस्ट पार्टी को अवैध घोषित कर दिया था। 1920 से 1973 तक के अपने राजनीतिक जीवन काल के दौरान वे काफी वर्षों तक जेल में रहे थे और हमेशा प्रगतिशील आंदोलन और बाद में कम्युनिस्ट आंदोलन के प्रति दृढता से प्रतिबद्ध रहे। उन्हे मेरठ षडयंत्र मामले में भी जेल जाना पड़ा था।

गुरुवार को प्रमोद दासगुप्ता भवन में आयोजित समारोह में इस वर्ष का मुज़फ़्फ़र अहमद मेमोरियल पुरस्कार दो लोगों को दिया गया –एक, स्निग्धेदु भट्टाचार्य जिनकी पुस्तक, मिशन बंगाल - ए सेफरन एक्सपेरिमेंट, और मधुश्री बंध्यपाध्याय को बंगाली में प्रगतिशील परंपरा पर लिखी किताब भारतबर्षे परिजन ओ जानोगोष्ठीगाथा के लिए दिया गया।

सभा का आयोजन कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया गाया। सभा को संबोधित करते हुए, माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य बिमान बसु ने कहा कि कम्युनिस्ट आंदोलन के नेताओं को मुज़फ़्फ़र अहमद और ऐसे ही अन्य नेताओं का अनुकरण करना चाहिए, जैसे कि अब्दुल हलीम, जिन्होंने एक संयमी जीवन व्यतीत किया। राज्य में हुए 1964 के दंगों के दौरान काक बाबू के साथ दंगों को रोकने के काम को याद करते हुए, बसु ने याद दिलाया कि कैसे सभी साथियों ने पार्टी के जिला कार्यालय, 20 हैरिसन रोड में रातें बिताईं थी, और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार रहते थे।

माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों (जिसमें तृणमूल कांग्रेस को भारी जनादेश मिला और वाम मोर्चा को हार का सामना करना पड़ा) के बावजूद लोग एक विकल्प की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिरीक्षण और आत्म-मूल्यांकन एक निरंतर प्रक्रिया है और पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद इसकी और अधिक जरूरत है, क्योंकि ये चुनाव वाम दलों की "तबाही" से कम नहीं थे।

मिश्रा ने कहा कि जिन लोगों ने टीएमसी या बीजेपी को वोट दिया था, वे भी अभी भी विकल्प की तलाश में हैं, उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में ही लोग मजबूत होते हैं।

मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और टीएमसी समान नहीं हैं, क्योंकि भाजपा  फासीवादी राष्ट्रीय सेवक संघ या आरएसएस की सलाह पर चलती है, लेकिन ये टीएमसी नेता ममता बनर्जी ही थीं जिन्होंने पहले आरएसएस को "देशभक्त" होने का प्रमाण पत्र दिया था, और आरएसएस मुखपत्र, पंचजन्य, ने उन्हें 'देवी दुर्गा' के रूप में संदर्भित किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी कि अर्थव्यवस्था "ग्रीन शूट्स" यानी ऊपर जाने के संकेत दे रही है,पर तंज कसते हुए मिश्रा ने कहा कि यह सरकार बैंक, बीमा से लेकर रक्षा क्षेत्र की उत्पादन इकाइयों तक सब कुछ बेचने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का आर्थिक अवसाद आज दुनिया देख रही है ऐसा पिछले 140 सालों में नहीं देखा गया।

सभा को संबोधित करते हुए, माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि प्रत्येक चुनाव अब एक तकनीकी तख्तापलट बन गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के आलोचक, चाहे वे  सोशल मीडिया पर हों या मुख्यधारा का मीडिया हो, लगातारसमर्थकों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

सकारात्मक पक्ष पर बात करते हुए, सलीम ने कहा कि बंगाल में रेड वालंटियर्स बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और संकट के समय में गरीब लोगों के साथ खड़े हैं, जैसा कि रेड वालंटियर्स ने चक्रवात, लॉकडाउन, महामारी और बाढ़ के दौरान राहत कार्य किए और उनके दुखों को साझा किया।

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। 

Communist Leader Muzaffar Ahmad’s 133rd Birth Anniversary Observed in Kolkata

Muzzafar Ahmad
kaka Babu
Bengal CPIM
Red Volunteers

Related Stories

बंगाल ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आये ‘रेड वालंटियर्स’

कोलकाता नगर निकाय चुनाव: वाम मोर्चा ने कई महिलाओं, युवा ‘रेड वॉलंटियर' को बनाया उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल: रेड वॉलंटियर्स को राज्य सरकार का नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी की तरफ़ से भारी समर्थन

प.बंगाल में गहराता कोरोना संकट और प्रभावी तरीके से लड़ते रेड वॉलिंटियर्स!


बाकी खबरें

  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • bhagwant mann
    भाषा
    भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की
    16 Mar 2022
    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मान को पद एवं गोपनीयता की…
  • रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: संसद सत्र के बीच स्कीम वर्कर्स का प्रदर्शन, नियमितीकरण और बजट आवंटन में वृद्धि की मांग
    16 Mar 2022
    इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मध्याह्न भोजन (मिड डे मिल) कार्यकर्ता और आशाकर्मी  शामिल थीं। इन सभी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इन सभी योजनाओ के लिए "बजट आवंटन में…
  • protest
    मंजीत सिंह पटेल
    क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?
    16 Mar 2022
    समस्या यह है कि नई पेंशन योजना सेवा के वर्षों से कोई इत्तेफाक नहीं रखती है बल्कि यह कार्पस बेस्ड है यानी जितना फंड NPS अकाउंट में होगा उसी हिसाब से पेंशन।
  • ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    अभिवाद
    ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    16 Mar 2022
    डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License