NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
तेलंगाना में सड़क परिवहन निगम कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए, बस सेवा बाधित होने से यात्री परेशान
कर्मचारी यूनियन की मांग है कि टीएसआरटीसी का सरकार में पूर्ण विलय कर दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में निगम के खाली पदों को भरना, चालक और सह चालकों को रोजगार की सुरक्षा देना, वेतनमान की 2017 की सिफारिशों को लागू करना और डीजल पर लगने वाले कर को समाप्त करना शामिल है।
भाषा
05 Oct 2019
telangana
Image Courtesy: Wikimedia

हैदराबाद: राज्य सरकार के स्वामित्व वाले तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल से पूरे राज्य में बस सेवा बाधित होने से शनिवार को यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इससे पहले राज्य सरकार की तीन सदस्यीय समिति और टीएसआरटीसी यूनियन के बीच हुई बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकला था। इस खींचतान का खामियाजा पूरे तेलंगाना राज्य में बस से यात्रा करने वालों को भुगतना पड़ रहा है।

कर्मचारी यूनियन की मांग है कि टीएसआरटीसी का सरकार में पूर्ण विलय कर दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में निगम के खाली पदों को भरना, चालक और सह चालकों को रोजगार की सुरक्षा देना, वेतनमान की 2017 की सिफारिशों को लागू करना और डीजल पर लगने वाले कर को समाप्त करना शामिल है।

राज्य सरकार ने हड़ताल को अवैध करार दिया है और स्वेच्छा से निगम की नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को वापस न लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि शनिवार शाम 6 बजे तक ड्यूटी पर रिपोर्ट करने वाले को ही नौकरी पर माना जाएगा।
 
एक आधिकारिक आदेश जारी कर कहा गया है कि जो कर्मचारी आज शाम 6 बजे तक कार्य के लिए उपस्थित नहीं होंगे उन्हें किसी भी स्थिति में दोबारा काम पर नहीं रखा जायेगा। यूनियन के नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा निगम के पूर्ण विलय की मांग ठुकराने के बाद हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया।

टीएसआरटीसी ज्वॉइंट एक्शन समिति के सदस्यों ने शनिवार को राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। टीएसआरटीसी अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है और लंबे मार्गों पर 30 प्रतिशत सेवाएं बहाल कर दी गयी हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए निजी बसों की सेवाएं ली जा रही हैं और अस्थायी तौर पर चालकों और सह चालकों की भर्ती भी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ टी एस आर टी सी यूनियन के नेताओं ने हड़ताल को सफल बताते हुए कहा कि बस सेवाओं के बाधित न होने का दावा झूठा है।

उन्होंने कहा कि यदि अनुभवहीन बस चालकों के कारण कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। टी एस आर टी सी जॉइंट एक्शन समिति के नेता अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि हड़ताल पूर्ण रूप से सफल है और सभी कर्मचारी इसमें स्वेच्छा से भाग ले रहे हैं।

इसी बीच हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक एनवीएस रेड्डी ने कहा कि यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को देखते हुए मेट्रो ट्रेन के परिचालन की अवधि बढ़ा दी गयी है। उन्होंने बताया कि व्यस्त समय के दौरान प्रत्येक तीन मिनट पर और सामान्य स्थिति में प्रत्येक पांच मिनट पर ट्रेन चलायी जा रही है।

रेड्डी ने बताया कि भीड़ को देखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त मशीनों और कर्मचारियों की तैनाती की गयी है लेकिन यदि सोमवार को भी हड़ताल की स्थिति बनी रहती है तो और भी अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।

Telangana
Road transport corporation
workers protest
TMTRC
Metro Rail Limited

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

मज़दूर हड़ताल : "कृषि कानूनों की तरह ही लेबर कोड की भी होगी वापसी"


बाकी खबरें

  • अदिति निगम
    25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स
    26 Mar 2022
    दो साल पहले भारत के शहरों से प्रवासी परिवारों का अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा गया था। इसके लिए किसी भी तरह की बस या ट्रेन की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी, लिहाज़ा ग़रीब परिवार अपने गांवों तक पहुंचने…
  • सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में कॉलेज छात्रों की गैंग जबरन कर रही है, रेहड़ी-पटरी वालों से ‘हफ़्ता वसूली‘
    25 Mar 2022
    फिल्मों में ‘हफ्ता वसूली‘ गुन्डे करते हैं और गुरुग्राम की धरती पर पढ़े लिखे नौजवान कर रहे हैं।
  • रवि शंकर दुबे
    योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मज़बूती दर्शाता है या मजबूरी?
    25 Mar 2022
    योगी आदित्यनाथ जब दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो भाजपा हाईकमान के चेहरे पर बिखरी खुशी कितनी असली थी कितनी नकली? शायद सबसे बड़ा सवाल यही है।
  • सोनिया यादव
    यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी
    25 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में जहां बीजेपी दूसरी बार सरकार बना रही है, तो वहीं बिहार में बीजेपी जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन कर सत्ता पर काबिज़ है। बीते कुछ सालों में दोनों राज्यों पितृसत्तात्मक राजनीति की…
  • अजय कुमार
    श्रीलंका की तबाही इतनी भयंकर कि परीक्षा के लिए कागज़ का इंतज़ाम भी नहीं हो पा रहा
    25 Mar 2022
    श्रीलंका में रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत तकरीबन 4200 श्रीलंकन रुपये तक पहुंच गयी है। एक किलो दूध का पैकेट तकरीबन 600 श्रीलंकन रुपये में मिल रहा है। कागज की कमी की वजह से सरकार ने स्कूली परीक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License