NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कॉमरेड बीबी पांडेय: एक आदर्श शिक्षक और संरक्षक
विज्ञान से लेकर साहित्य तक और संस्कृति से लेकर राजनीति और इतिहास तक सभी विषयों में उनकी गहरी रुचि थी। जिस भी विषय की तरफ वे ध्यान लगाते थे, जल्दी ही उसमें दक्षता हासिल कर लेते थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Aug 2021
कॉमरेड बीबी पांडेय: एक आदर्श शिक्षक और संरक्षक

दलित-गरीबों, भूमिहीन किसानों के ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी उभार के दौर के भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता कॉमरेड बृजबिहारी पांडेय का गुरुवार को निधन हो गया।

पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हाल ही में उनके पेट की सर्जरी हुई थी, वे  ठीक हो गए थे, लेकिन सर्जरी के बाद छाती में संक्रमण और अन्य जटिलताओं से पीड़ित हो गए और 26 अगस्त की सुबह पटना के अस्पताल में उनका निधन हो गया।

बृजबिहारी पांडेय कानपुर में भाकपा-माले के पूर्व महासचिव कामरेड विनोद मिश्र के बचपन के मित्र थे। दोनों 1966 में आरईसी दुर्गापुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने एक साथ गए थे, जहां उनकी मुलाकात धूर्जटी प्रसाद बक्शी (डीपी बक्शी) और गौतम सेन से हुई। ये सभी युवक एक साथ नक्सलबाड़ी के उभार से गहरे तौर पर प्रभावित हुए, और कैंपस रेजिमेंटेशन के खिलाफ चल रहे युवा विद्रोह को मजदूर- किसानों के प्रतिरोध के साथ एकजुटता में बदल रहे थे। पांडेय जी के निधन के साथ, दुर्गापुर आरईसी के चार लोगों के समूह का आखिरी हिस्सा भी हमने खो दिया है।

कॉमरेड वीएम और डीपी बक्शी के साथ एक पूर्णकालिक पार्टी कार्यकर्ता बनकर, पांडेय जी ने विभिन्न भूमिकाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया। 1974 से, उन्होंने दिल्ली, पंजाब, बंगाल, झारखंड (जहां उन्होंने एक समय के लिए गिरिडीह सचिव के रूप में भी कार्य किया) के साथ-साथ पार्टी की केंद्रीय समिति और पार्टी के मुखपत्रों लिबरेषन और लोकयुद्ध सहित कई अन्य विभागों में काम किया। वह वर्तमान में पार्टी के केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन के रूप में कार्यरत थे।

पांडेय जी एक बहुभाषाविद थे। उन्हें कई विषयों में महारत हासिल थी। अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली के साथ-साथ वह काफी हद तक पंजाबी भी बोल सकते थे और कुछ तमिल भी समझ सकते थे। विज्ञान, साहित्य, संस्कृति से लेकर राजनीति और इतिहास तक - पांडेय जी की इन सभी क्षेत्रों में गहरी रुचि थी, और जिस भी विषय पर वे ध्यान देते, उस पर शीघ्र ही अधिकार कर लेते। उनके पास धैर्य जैसा दुर्लभ गुण था, जिसने उन्हें एक आदर्श शिक्षक और संरक्षक बना दिया। असंख्य युवा साथियों - पार्टी प्रकाशनों के संपादकों से लेकर जन मोर्चों पर कार्यरत कार्यकर्ताओं तक - ने उनके उदारतापूर्ण संरक्षण का लाभ उठाया। वे खुशी-खुशी एक नौसिखिए को भी कंप्यूटर का उपयोग करने व सिखाने; या भौतिकी के छात्र के साथ क्वांटम भौतिकी पर चर्चा करने के लिए, या जन संस्कृति मंच के साथियों के साथ नवीनतम रोचक उपन्यास या कविता पर चर्चा करने; या फिर अपने दैनिक कार्यों में किसी कॉमरेड द्वारा सामने की जाने वाली जटिल समस्या पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार रहते।

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने गुरुवार को उनके निधन की सूचना देते हुए गहर दुख प्रकट किया। और तुरंत दिल्ली से पटना के लिए रवाना हो गए। जहां आज उन्हें अंतिम विदाई दी जा रही है।

Absolutely heartbreaking! Comrade BB Pandey is no more! He was recovering after a surgery in a Patna hospital. A close comrade of Comrade VM since their Kanpur childhood and Durgapur RE College days, Comrade BBP served the party in various capacities. Adieu, Comrade! #RedSalute pic.twitter.com/PyRbD0KaZY

— Dipankar (@Dipankar_cpiml) August 26, 2021

पांडेय जी अपने पीछे अपने पार्टी साथियों के अलावा अपनी जीवन साथी विभा गुप्ता जिन्हें कॉमरेड झूमा के नाम से जाना जाता है और दो बेटियों अदिति और रिया को छोड़ गए हैं।

image

कॉमरेड झूमा ने भी एक कविता के जरिये अपने जीवन साथी को याद किया-

अंतिम बिदाई

***********

तुम उस जंग के सिपाही थे

जो दबे-कुचलों की आवाज़ थे

मज़दूर किसान का आंदोलन थे

औरतों के प्रगति के समर्थक थे

सर्वहारा के जीवन के नारा थे

ज्ञान का अथाह सागर थे तुम

तुम मेरे दिल में चालीस साल से बसे रहे

लंबी बीमारी के दौरान भी तुम्हारे

चेहरे की चमक नहीं हुई कभी भी कम

तुम हर राज्य में सबके दिल में बसे हो कॉमरेड

तुम्ही तुम छाए हुए हो मेरे दिल में।

लंबी बीमारी से जूझते हुए भी

अंतिम सांस तक समाज के बारे में ही सोचते रहे तुम

बेहतर समाज का सपना संजोए थे

उस सपने को अब पूरा करना है हमें

इन्कलाबी सम्मान के साथ अंतिम बिदाई तुम्हें

लाल सलाम कॉमरेड बृज बिहारी जी।

Comrade BB Panday
Comrade DP Bakshi
Comrade VM
CPI-ML

Related Stories

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, पुलिस की भूमिका पर सवाल

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह

बिहार: "मुख्यमंत्री के गृह जिले में दलित-अतिपिछड़ों पर पुलिस-सामंती अपराधियों का बर्बर हमला शर्मनाक"

‘बिहार विधान सभा पुस्तकालय समिति’ का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर वामपंथ के माले विधायक ने रचा इतिहास

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग में भाकपा-माले विधायकों का प्रदर्शन

झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Bulli Bai', 'Sully Deals
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स क्या दर्शाते हैं?
    16 Jan 2022
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स के आने के बाद कई नयी चीज़ें सामने आयीं. क्या ऐसा पहली बार हुआ? 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बताते हैं कि दक्षिणपंथी विचार ने…
  • पीपल्स डिस्पैच
    ऑस्ट्रेलिया : बढ़ते मामलों के बीच ट्रेड यूनियनों ने मुफ़्त कोविड टेस्टिंग की मांग की
    16 Jan 2022
    ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ़ 2 हफ़्तों में कोविड के क़रीब 10 लाख मामले सामने आए हैं, जो दुनिया भर में ओमिक्रोन के मामलों के सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है। इस बीच, स्कॉट मॉरिसन सरकार क्लोज़ कांटैक्ट श्रमिकों के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: सभी से पूछता हूं मैं… मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे
    16 Jan 2022
    हमारे दौर के बेहतरीन शायर अशोक रावत हमारे समय की सच्चाइयों को बहुत ही बेबाकी से अपनी ग़ज़लों के ज़रिये पेश कर रहे हैं। इतवार की कविता में पढ़ते हैं उनकी ऐसी ही एक नई ग़ज़ल।  
  • education
    अजय कुमार
    यूपी चुनाव: बदहाल शिक्षा क्षेत्र की वे ख़ामियां जिन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए लेकिन नहीं होती!
    16 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के सभी दलों के राजनीतिक कार्यकर्ता शिक्षा के महत्व पर बात करते हैं। प्रचार प्रसार करते समय बच्चों को स्कूल भेजने की बात करते हैं। लेकिन राजनीति अंतिम तौर पर केवल चुनाव से जुड़ी हुई…
  • bjp punjab
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...
    16 Jan 2022
    यह एक बहुत ही सुखद समाचार रहा। सरकार जी पर हमला किसने किया, कब किया, कैसे किया, किसी को भी नहीं पता। परन्तु सरकार जी सकुशल लौट आए, यह सबको पता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License