NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर साधा निशाना
‘‘पेट्रोल-डीज़ल के दामों में ग़ज़ब का ‘विकास’ हुआ है। मोदी सरकार ईंधन पर भारी कर वसूलकर जनता को लूट रही है। यही कारण है कि सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर जीएसटी लागू करने को तैयार नहीं।’’
भाषा
07 Jan 2021
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर साधा निशाना

नयी दिल्ली: कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश की जनता को इस मुश्किल समय में राहत देने के लिए इन दोनों पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क को कम करके संप्रग सरकार के समय की दरों के बराबर किया जाना चाहिए।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से एक फिर यह आग्रह किया कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की किसानों की मांग भी स्वीकार की जानी चाहिए।

दूसरी तरफ, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल पर ‘लूट’ के कारण ही सरकार इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में नहीं ला रही है।

सोनिया ने एक बयान में कहा, ‘‘कोरोना की चौतरफ़ा मार से ध्वस्त अर्थव्यवस्था के बीच मोदी सरकार अपना ख़ज़ाना भरने के लिए आपदा को अवसर बनाने में लगी है। आज कच्चे तेल की क़ीमत 50.96 डॉलर प्रति बैरल है यानी मात्र 23.43 रुपये प्रति लीटर। इसके बावजूद डीजल 74.38 रुपये और पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर में बेचा जा रहा है। ये पिछले 73 साल में सबसे अधिक है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अंतराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमतें कम होने के बावजूद सरकार ने आम उपभोक्ता को इसका लाभ देने की बजाय उत्पाद शुल्क में बेतहाशा बढ़ोतरी करके मुनाफ़ा वसूली के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले साढ़े छह सालों में मोदी सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ा कर लगभग 19 लाख करोड़ आम जनता की जेब से वसूले हैं।’’ सोनिया के मुताबिक, गैस सिलेंडर के दामों को भी भाजपा सरकार ने बेतहाशा बढ़ा हर घर का बजट बिगाड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से मांग करती हूं कि वह पेट्रोल व डीज़ल पर उत्पाद शुल्क की दरें संप्रग सरकार के समान करे और त्रस्त जनता को तत्काल राहत प्रदान करे। मैं सरकार से तीनों खेती कानूनों को भी तत्काल रद्द करके किसानों की सभी मांगें पूरी करने का आग्रह करती हूं।’’

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘पेट्रोल-डीज़ल के दामों में ग़ज़ब का ‘विकास’ हुआ है। मोदी सरकार ईंधन पर भारी कर वसूलकर जनता को लूट रही है। यही कारण है कि सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर जीएसटी लागू करने को तैयार नहीं।’’

कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले साढ़े छह साल में इस सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 19 लाख करोड़ रुपये कमाएं हैं। आज भी कच्चे तेल की कीमत 50.96 डॉलर प्रति बैरल है। यानी कच्चे तेल की प्रति लीटर कीमत 23.43 रुपये है। ऐसे में पेट्रोल 84.20 रुपये और डीजल 74.38 रुपये प्रति लीटर क्यों बेचा जा रहा है?’’

उन्होंने कहा कि मई 2014 के बाद मोदी सरकार ने डीज़ल पर उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत व पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 258 प्रतिशत बढ़ाया।

सुरजेवाला ने दावा किया, ‘‘सस्ता पेट्रोल-डीजल के वादे कर सत्ता पर काबिज हुई मोदी सरकार यदि पिछले 6.5 वर्षों के दौरान खुद के द्वारा बढ़ाए उत्पाद शुल्क को ही वापस कर ले तो जनता का कल्याण हो जाएगा। ऐसा होने पर पेट्रोल की कीमत 60.42 रुपये प्रति लीटर व डीजल की कीमत 46.01 रुपये प्रति लीटर हो सकती है। पर ये करेंगे नहीं क्योंकि लूट का खेल चल रहा है।’’

गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा लगातार दूसरे दिन कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत बृहस्पतिवार को 84.20 रुपये प्रति लीटर हो गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।

तेल विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, बृहस्पतिवार को पेट्रोल की कीमत में 23 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 84.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 74.38 रुपये हो गई है। मुंबई में पेट्रोल 90.83 रुपये प्रति लीटर और डीजल 81.07 रुपये प्रति लीटर है।

Congress
Rahul Gandhi
sonia gandhi
petrol price hike
Bharat Petroleum
BJP
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • इमाद उल हसन
    नफ़रती सिनेमाई इतिहास की याद दिलाती कश्मीर फ़ाइल्स
    24 Mar 2022
    यह फ़िल्म मुसलमानों के ख़िलाफ़ मौजूदा रूढ़ धारणाओं को मज़बूती देने के लिए फिल्मों का इस्तेमाल करते हुए एक हालिया घटना को बड़ा बनाकर पेश करती है और और इसका इस्तेमाल देश को ज़्यादा सांप्रदायिक बनाने के…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: "मुख्यमंत्री के गृह जिले में दलित-अतिपिछड़ों पर पुलिस-सामंती अपराधियों का बर्बर हमला शर्मनाक"
    24 Mar 2022
    भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के हिलसा में अतिपिछड़ी जाति से आने वाले विरेश चंद्रवंशी की बर्बर किस्म से की गई हत्या, उसके बाद अतिपिछड़े व दलित समुदाय पर ही…
  • आमिर मलिक
    भगत सिंह झुग्गियाँ- वह स्वतंत्रता सेनानी जो सदा लड़ते रहे
    24 Mar 2022
    ब्रितानिया सल्तनत के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाले, भगत सिंह झुग्गियाँ सदा लोगों के हक़ में आवाज़ उठाते रहे। इसी महीने आठ तारीख़ को उन्होंने अंतिम साँस ली। लेखक उनकी ज़िंदगी की कुछ झलकियाँ दिखा रहे हैं...
  • सबरंग इंडिया
    मौन कोई विकल्प नहीं है: पत्रकारों ने भारत के संवैधानिक संस्थानों की चुप्पी पर सवाल उठाया
    24 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकारों ने हेट स्पीच और नरसंहार के खुले आह्वान के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
  • प्रभात पटनायक
    वैश्वीकरण और पूंजी तथा श्रम का स्थान परिवर्तन
    24 Mar 2022
    वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में, उत्तर के उन्नत पूंजीवादी देशों से, दक्षिण के कम मजदूरी वाले देशों की ओर, पूंजी के स्थानांतरण पर तो काफ़ी चर्चा हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License