NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना संकट: पूरे देश में 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन, घरों में रहने के निर्देश
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी को लेकर एक सप्ताह में दूसरी बार किए राष्ट्र के नाम संबोधन में पूरे देश में 14 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। पीएम ने कहा- इसे कर्फ़्यू ही समझें और इस दौरान घर में ही रहें। बाहर न निकलें। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Mar 2020
Modi

दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात पूरे देश में 21 दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने की घोषणा की। यह लॉकडाउन आज रात 12 बजे से प्रभावी होगा। 

इस बीच, कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 10 हो गई है जबकि संक्रमितों की संख्या 519 हो गई है।

कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है। ’’ इसी के साथ उन्होंने कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 15 हज़ार करोड़ के आर्थिक पैकेज का भी ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है।

मोदी ने कहा, ‘‘ देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी।

मोदी ने कहा, ‘‘ लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी,भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो, कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है ।

उन्होंने लोगों से अपील की कि चाहे जो हो जाए... घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। उन्होंने लोगों से कहा कि यह धैर्य और अनुशासन का समय है और जब तक देश में लॉकडालन की स्थिति है, हमें अपना संकल्प और वचन निभाना है । 

मोदी ने कहा कि हमें कोरोना वायरस के फैलने की श्रृंखला को तोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और विशेषज्ञ भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- सामाजिक दूरी।

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण के चक्र को तोड़ना ही होगा।

मोदी ने कहा कि कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सामाजिक दूरी बनाना केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक दूरी हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है।

उन्होंने कहा, ‘‘ कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। ’’

मोदी ने कहा कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ,पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है,जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर,एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं ।

मोदी ने कहा कि आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है ।
 
प्रधानमंत्री ने इसी के साथ आज स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आर्थिक पैकेज का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए आज केंद्र ने 15 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे टेस्ट सुविधा, सुरक्षा उपकरण, आईसीयू बैड, वेंटिलेटर और अन्य ज़रूरी साधनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 
 
उधर, इससे पहले कोरोना वायरस के कारण भारतीय उद्योग और नौकरियों पर पड़ रहे बुरे प्रभाव के मद्देनजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संकट से निपटने में मदद के लिए जल्द ही एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाएगी। सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा कि पैकेज की जल्द से जल्द घोषणा की जाएगी।

संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 500 के पार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार शाम को अपडेट किए गए डेटा के अनुसार देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 519 तक पहुंच गई है जिनमें 470 सक्रिय मामले हैं। इन आंकड़ों में 41 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 65 वर्षीय एक रोगी की मुंबई में मौत हो गई जिससे महानगर में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। इसके साथ ही देश में महाराष्ट्र में सर्वाधिक मामले सामने आए हैं जिनकी संख्या 107 है और 91 मामलों के साथ केरल दूसरे नंबर पर है। 

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक बयान में कहा कि मुंबई में जिस व्यक्ति की मौत हुई है, वह हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात से अहमदाबाद लौटा था। बाद में उसने बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की।

मरीज को 20 मार्च को मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई।

बीएमसी ने कहा कि इस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप और गंभीर मधुमेह सहित पहले से मौजूद कई बीमारियां थीं। उसकी मौत सोमवार की शाम को हुई।

इससे पहले हुईं नौ मौत महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में दर्ज की गईं।

आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार 40 लोगों का उपचार किया जा चुका है/अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है/वापस जा चुके हैं।

सरकार के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को सलाह दी गई है कि जहां जरूरी हो, वे कर्फ्यू लगाएं क्योंकि विषाणु के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से लॉकडाउन का आदेश दिए जाने के बावजूद लोग लगातार घरों से बाहर घूम रहे हैं।

राज्य सरकारों से कहा गया है कि लोगों के एकत्र होने से मौजूदा स्थिति और खराब हो सकती है।

अधिकारी ने कहा कि यह अब राज्य सरकारों पर है कि वे स्थानीय स्थिति के हिसाब से कार्रवाई करें और जिला मजिस्ट्रेटों को आवश्यक निर्देश दें जिनके पास कर्फ्यू लगाने की शक्ति है।

दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन का उल्लंघन करनेवाले सैकड़ों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। हैदराबाद में पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

दोपहिया, ऑटोरिक्शा और निजी वाहन लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन करते दिखे।

हरियाणा में कुछ स्थानों पर गैर आवश्यक कार्य से घरों से बाहर निकले लोगों को समझाने और वापस घर भेजने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा।

भिवानी में एक नाके पर पुलिस को अनेक दोपहिया वाहन चालकों से जूझना पड़ा जो गैर आवश्यक कार्य के बिना ही सड़कों पर घूम रहे थे।
ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने कहा, ‘‘हम लोगों को समझा रहे हैं और उन्हें वापस घर भेज रहे हैं।’’

मंत्रिमंडल सचिव राजीव गौबा ने पत्र के माध्यम से राज्य सरकारों से कोरोना वायरस से निपटने के लिए तत्काल अस्पतालों की पहचान करने को कहा।

दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश में कोविड-19 की रोकथाम के स्तर और प्रबंधन की समीक्षा की और सामुदायिक निगरानी तथा संपर्क का पता लगाने की गुणवत्ता और मजबूती पर जोर दिया।

हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के नियंत्रण कक्ष और जांच प्रयोगशालाओं का दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूदा स्तर की समीक्षा की।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ निगरानी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी की।

उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं जो समय पर, सही और महत्वपूर्ण सूचना के साथ लोगों की मदद कर राष्ट्र की उत्तम सेवा कर रहे हैं।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘मैं वैज्ञानिकों को नमन करता हूं जो परीक्षण प्रक्रियाओं के साथ काम करते हैं और अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए खुद को जोखिम में डालते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह समय की आवश्यकता है कि सभी लोग जो घर पर या केंद्र में अलग-थलग हैं, वे सतर्कता बरतें, और वे सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉल तथा निजी स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की विशेष देखभाल किए जाने की आवश्यकता है।’’

भारत में सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता कम: रिपोर्ट

भारत में सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता काफी कम है और कोरोना वायरस जैसी महामारी बहुत तेजी से समस्या को और भी जटिल कर सकती है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

ब्रूकिंग्स इंडिया ने 'क्या भारत का स्वास्थ्य ढांचा महामारी से निपटने के लिए तैयार है' नामक विषय पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि हालांकि भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अभी कम है, लेकिन विशेषज्ञों ने इस बीमारी के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने को लेकर आगाह किया है, जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बहुत तेजी से काफी बढ़ जाएगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, ''भारत में सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता काफी कम है और कोरोनावायरस जैसी महामारी बहुत जल्दी समस्या को और भी बढ़ा सकती है। कुल रोगियों में से अनुमानित 5-10 प्रतिशत रोगियों को जीवनरक्षक प्रणाली और अधिक देखभाल की आवश्यकता होगी।''

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Coronavirus
novel coronavirus
COVID-19
Coronavirus lockdown
India Lockdown
21days lockdown
Narendra modi
Coronavirus Epidemic
Full lockdown Announced
health care facilities
health sector in India

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • lakheempur
    अनिल जैन
    विशेष: किसिम-किसिम के आतंकवाद
    24 Oct 2021
    विविधता से भरे भारत में आतंकवाद के भी विविध रूप हैं! राजकीय आतंकवाद से लेकर कॉरपोरेट आतंकवाद तक।
  • china
    अनीश अंकुर
    चीन को एंग्लो-सैक्सन नज़रिए से नहीं समझा जा सकता
    24 Oct 2021
    आख़िर अमेरिका या पश्चिमी देशों के लिए चीन पहेली क्यों बना हुआ है? चीन उन्हें समझ क्यों नहीं आता? ‘हैज चाइना वॉन' किताब लिखने वाले सिंगापुर के लेखक किशोर महबूबानी के अनुसार "चीन को जब तक एंग्लो-सैक्सन…
  • Rashmi Rocket
    रचना अग्रवाल
    रश्मि रॉकेट : महिला खिलाड़ियों के साथ होने वाले अपमानजनक जेंडर टेस्ट का खुलासा
    24 Oct 2021
    फ़िल्म समीक्षा: किसी धाविका से यह कहना कि वह स्त्री तो है, लेकिन उसके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक होने के कारण वह स्त्री वर्ग में नहीं आ सकती अपने आप में उसके लिए असहनीय मानसिक यातना देने…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    शाह का कश्मीर दौरा, सत्ता-निहंग संवाद और कांग्रेस-राजद रिश्ते में तनाव
    23 Oct 2021
    अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी किये जाने के बाद गृहमंत्री अमित शाह पहली बार कश्मीर गये हैं. सुरक्षा परिदृश्य और विकास कार्यो का जायजा लेने के अलावा कश्मीर को लेकर उनका एजेंडा क्या है?…
  • UP Lakhimpur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    ‘अस्थि कलश यात्रा’: लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए चार किसानों की अस्थियां गंगा समेत दूसरी नदियों में की गईं प्रवाहित 
    23 Oct 2021
    12 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी से यह कलश यात्रा शुरू हुई थी, यह देश के कई राज्यों में फिलहाल जारी है। उत्तर प्रदेश में ये यात्रा पश्चिमी यूपी के कई जिलों से निकली, जिनमें मुझफ्फरनगर और मेरठ जिले शामिल थे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License