NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ : ग़रीबी पर कोरोना का सबसे ख़राब प्रभाव होना अभी बाक़ी
संयुक्त राष्ट्र के एक बयान के अनुसार विशेषज्ञ ने गरीबी उन्मूलन और असमानता में कमी लाने के लिए और अधिक निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया।
एपी
11 Sep 2020
ग़रीबी
प्रतीकात्मक तस्वीर

जिनेवा: निर्धनता के संबंध में संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस महामारी का गरीबी पर सबसे बुरा प्रभाव होना अभी बाकी है तथा लोगों की सुरक्षा के लिए सरकारों द्वारा अब तक किए गए उपाय अपर्याप्त हैं।

अत्यधिक गरीबी और मानवाधिकारों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा विशेष रूप से नियुक्त बेल्जियम के कानूनी विशेषज्ञ ओलिवियर डे शटर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के लिए उपाय में कई कमियां हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ये मौजूदा उपाय आम तौर पर अल्पकालिक हैं, वित्तपोषण अपर्याप्त है और कई लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।’’

उनका यह संदेश इसी महीने होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से संबंधित विश्व नेताओं के लिए था।

शुक्रवार को जारी संयुक्त राष्ट्र के एक बयान के अनुसार उन्होंने गरीबी उन्मूलन और असमानता में कमी लाने के लिए और अधिक निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया।

विशेषज्ञ ने कहा कि इस महामारी से उत्पन्न आर्थिक मंदी 1930 के दशक की महामंदी के बाद से अभूतपूर्व है।

उन्होंने आगाह किया कि गरीबी रेखा के लिए प्रतिदिन 3.20 डॉलर प्रति दिन के आधार पर दुनिया भर में 17.6 करोड़ अतिरिक्त लोग गरीबी के दायरे में आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हालांकि सरकारों ने मदद के लिए सामाजिक योजनाओं की बात की है लेकिन दुनिया के निर्धनतम लोग अक्सर उसके लाभ से बाहर रह जाते हैं क्योंकि वे डिजिटल साक्षर नहीं हैं या इंटरनेट तक उनकी पहुंच नहीं है।

Coronavirus
COVID-19
poverty
Hunger Crisis
Global Pandemic

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • covid
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटो में क़रीब ढाई लाख नए मामले, एक्टिव मामले 11 लाख के पार 
    13 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,47,518 नए मामले सामने आए हैं। और एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 11 लाख 17 हज़ार 531 हो गयी है।
  • election
    अजय कुमार
    चंद रुपए खाते में डालकर वोट हड़पने की रणनीति आम क्यों हो गई है?
    13 Jan 2022
    चंद रुपए खाते में डालने और चंद राहतें पहुंचाने वाली भाजपा, आम आदमी पार्टी से लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति का क्या मतलब है?
  •  Catholic Association of Goa
    सबरंग इंडिया
    कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ गोवा ने अधिकारियों से सेंट जोसेफ वाजो पर्व के दौरान शांति सुनिश्चित करने को कहा
    13 Jan 2022
    पारंपरिक उत्सव 16 जनवरी को आयोजित होने वाला है, हालांकि, ऐसी आशंकाएं हैं कि कुछ "दक्षिणपंथी संगठन शरारत कर सकते हैं"
  • KHOJ KHABER
    खोज ख़बर: स्वामी प्रसाद मौर्य तो झांकी है, पिक्चर अभी बाक़ी है, मोदी जी?
    12 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने भाजपा नेता, योगी सरकार में मंत्री ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफ़े को पिछले कुछ समय से भाजपा का साथ छोड़ रहे नेताओं की घटना के साथ जोड़ते हुए बताया…
  • कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    एम.ओबैद
    कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    12 Jan 2022
    कोरोना काल में अपनी जान की बाज़ी लगा देने वाले डॉक्टरों को वेतन भुगतान में देरी को लेकर जूझना पड़ा है। यह सिलसिला अब भी जारी है। चेन्नई के डॉक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला जिसकी वजह से उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License