NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोस्टा रिकाः आईएमएफ़ से सरकार के क़रार के ख़िलाफ़ सामाजिक संगठन और ट्रेड यूनियन की आंदोलन की तैयारी
राष्ट्रपति कार्लोस अल्वाराडो की सरकार आईएमएफ़ से 1.75 बिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण प्राप्त करने के लिए कई नवउदारवादी आर्थिक नियमों को लागू करना चाहती है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Jan 2021
कोस्टा रिका

नेशनल रेस्क्यू मूवमेंट (एमआरएन) के बैनर तले कोस्टा रिका के सामाजिक संगठन और ट्रेड यूनियन उस समझौते के खिलाफ लामबंद होने की तैयारी कर रहे हैं जिसे सरकार 1.75 बिलियन अमरीकी डॉलर के ऋण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ हस्ताक्षर करने जा रही है। 18 जनवरी को एमआरएन के नेताओं और सदस्यों ने इस ऋण की अस्वीकृति को लेकर समर्थन जुटाने के लिए और नियोलिबरल आर्थिक नियमों के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करना शुरू कर दिया है जिसे सरकार इस ऋण को प्राप्त करने के लिए लागू करना चाहती है।

एक बयान में एमआरएन ने कहा कि "कोस्टा रिका को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ किसी समझौते की आवश्यकता नहीं है" और कहा कि "देश जो आर्थिक संकट का सामना कर रहा है उससे निपटने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं"।

एमआरएन के एक नेता सेलिमो गाइडो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि "कोस्टा रिका अगले कुछ दिनों में सड़कों पर उतर आएगी।" गाइडो ने पब्लिक एम्प्लायमेंट लॉ बिल का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसे केंद्र सरकार पारित करना चाहती है।

विभिन्न क्षेत्रों के कई राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने कहा है कि पब्लिक एम्प्लायमेंट लॉ एक श्रमिक-विरोधी कानून है जो 12 घंटे के काम को मंजूरी देना चाहता है जो नई नौकरियों के निर्माण के बजाय श्रमिकों के शोषण को बढ़ावा देता है। यह सरकार को करों में वृद्धि करने और सरकारी संस्थानों जैसे बैंक ऑफ कोस्टा रिका (बीसीआर), नेशनल इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट (आईएनएस) सहित अन्य संस्थानों को बेचने की शक्ति देता है।

हालांकि, सामाजिक असंतोष के बावजूद कल 18 जनवरी को राष्ट्रपति कार्लोस अल्वाराडो ने कांग्रेस को इस बिल को मंजूरी देने के लिए कहा।

पिछले हफ्ते 11 जनवरी को सरकार ने आईएमएफ के साथ वार्ता फिर से शुरू की जिसे अक्टूबर 2020 में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद स्थगित कर दिया गया था। सरकार ने सरकारी खर्च को 2020 में सकल घरेलू उत्पाद के 16.45% से घटाकर 2025 में 13% कम करने का प्रस्ताव दिया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने, करों को बढ़ाने, नए करों को लागू करने, अन्य सख्त नियमों के साथ साथ वेतन वृद्धि रोकने के आईएमएफ की शर्तों को स्वीकार करने के लिए सहमति व्यक्त की है।

costa rica
IMAF
National Rescue Movement
trade unions

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

केंद्रीय बजट-2022: मजदूर संगठनों ने कहा- ये कॉर्पोरेटों के लिए तोहफ़ा है

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

वेतन संशोधन समझौते: तमिलनाडु के मज़दूरों ने जीतीं अहम लड़ाइयां 

“27 सितम्बर के भारत बंद को बिहार के किसान-मज़दूर बनाएंगे ऐतिहासिक”

ई-श्रम पोर्टल में ‘गड़बड़ियों’ से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के रजिस्ट्रेशन-प्रक्रिया पर असर


बाकी खबरें

  • रवि कौशल
    आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता
    28 Apr 2022
    जनजातीय समूह मानते रहे हैं कि वे हिंदू धर्म से अलग रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं, इसलिए उन्हें अलग धर्म संहिता दी जाना चाहिए, ताकि आने वाली जनगणना में उन्हें अलग समहू के तौर पर पहचाना जा…
  • संदीप चक्रवर्ती
    कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च
    28 Apr 2022
    नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी-आरएसएस की ताक़त बढ़ी तो वह देश को हिन्दू राष्ट्र बना देंगे जहां अल्पसंख्यकों के साथ दोयम दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव किया जाएगा।
  • राज वाल्मीकि
    ब्राह्मणवादी व्यवस्था ने दलितों को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण स्त्री समुदाय को मानवाधिकारों से वंचित रखा: चौथीराम यादव
    28 Apr 2022
    पंडिता रमाबाई के परिनिर्वाण दिवस के 100 साल पूरे होने पर सफाई कर्मचारी आंदोलन ने “पंडिता रमाबाई : जीवन और संघर्ष” विषय पर कार्यक्रम किया।
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 साल में रोज़गार दर 46 फ़ीसदी से घटकर हुई 40 फ़ीसदी
    28 Apr 2022
    CMIE के आंकड़ों के मुताबिक भारत की काम करने लायक़ 90 करोड़ आबादी में नौकरी और नौकरी की तलाश में केवल 36 करोड़ लोग हैं। तकरीबन 54 करोड़ आबादी रोज़गार की दुनिया से बाहर है। बेरोज़गरी के यह आंकड़ें क्या कहते…
  • राजु कुमार
    बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा
    28 Apr 2022
    मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी सहित आठ राजनीतिक दलों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने खरगोन के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License