NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोर्ट सीएए को चुनौती देने वाली पत्रकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार साकेत गोखले की याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी किया और इस याचिका को सीएए को चुनौती देने वाली 160 अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। इन याचिकाओं पर इसी माह सुनवाई होनी है। 
भाषा
06 Mar 2020
supreme court

दिल्ली: उच्चतम न्यायालय संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की संवैधानिक वैद्यता को चुनौती वाली एक पत्रकार की याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार को सहमत हो गया। 

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने पत्रकार साकेत गोखले की याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी किया और इस याचिका को सीएए को चुनौती देने वाली 160 अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। इन याचिकाओं पर इसी माह सुनवाई होनी है।  

न्यायालय ने 22 जनवरी को 143 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सीएए के क्रियान्वयन पर रोक नहीं लगाई जाएगी और न्यायालय ने सरकार से चार सप्ताह में याचिकाओं पर जवाब मांगा था।

अदालत ने कहा था कि त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाएं तथा नियम तैयार हुये बगैर ही सीएए को लागू कर रहे उत्तर प्रदेश से संबंधित मामलों पर अलग से विचार किया जा सकता है।

पीठ ने कहा कि सीएए को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के तरीके के बारे में निर्णय करने के लिये न्यायालय कुछ याचिकाओं को चेंबर में सुनेगा और इसके चार सप्ताह बाद अदालत रोजाना सुनवाई कर सकती है। 

सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुये उच्चतम न्यायालय में अनेक याचिकाएं दायर की गयी हैं। याचिका दायर करने वालों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा, राजद नेता मनोज झा, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं।       

आईयूएमएल ने अपनी याचिका में कहा था कि सीएए समता के अधिकार का उल्लंघन करता है और इसका मकसद धर्म के आधार पर एक वर्ग को अलग रखते हुये अन्य गैरकानूनी शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करना है। 

Supreme Court
CAA
Citizenship Amendment Act
Journalist Saket Gokhale

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • देश के लिए लड़े लाहौरी, पर मोदी सरकार नहीं देती सम्मान
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश के लिए लड़े लाहौरी, पर मोदी सरकार नहीं देती सम्मान
    06 Sep 2021
    स्पेशल रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दूसरे विश्व युद्ध में अंग्रेजों की तरफ से लड़े, शहीद हुए लाहौरी राम को युद्ध शहीद का दर्जा दिलाने के लिए वर्षों से सरकारी दफ्तरों की ठोकरें खा रहे…
  • पेज भर विज्ञापन, मैदान भर किसान, विपक्ष निहाल, सरकार परेशान
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    पेज भर विज्ञापन, मैदान भर किसान, विपक्ष निहाल, सरकार परेशान
    06 Sep 2021
    किसानों की महापंचायत मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और उसे पेज भर के विज्ञापनों, पेज भर की खबरों से ख़ारिज करने की कोशिश हो रही है। लेकिन उन दस लाख किसानों का क्या करेंगे जो हर तरह की गर्मी…
  • ‘UN खाद्यान्न सुरक्षा सम्मेलन’ के बहिष्कार की अपील, भारतीय संगठनों ने आयोजित की चर्चा
    दित्सा भट्टाचार्य
    ‘UN खाद्यान्न सुरक्षा सम्मेलन’ के बहिष्कार की अपील, भारतीय संगठनों ने आयोजित की चर्चा
    06 Sep 2021
    नागरिक समाज संगठनों का कहना है कि सम्मेलन को सिर्फ़ कुछ तकनीकी समाधानों तक सीमित कर दिया गया है, जो मानवाधिकारों की परवाह नहीं करते।
  • जेंडर आधारित भेदभाव और हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम
    विवेक गुप्ता
    जेंडर आधारित भेदभाव और हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम
    06 Sep 2021
    उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की वैधानिकता की जांच-परख के लिए इसे बड़ी पीठ को सौंप दिया है। अंततोगत्वा, इसका गठन किया जा रहा है। 
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा, शिक्षकपर्व और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
    राज वाल्मीकि
    वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा, शिक्षकपर्व और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
    06 Sep 2021
    पर्व मनाना अलग है और अच्छी शिक्षा सभी बच्चों तक पहुंचे और शिक्षकों को समय पर वेतन और सेवा-निवृति के बाद समय से पेंशन और ग्रेच्युटी मिले यह अलग बात है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License