NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
न्यायालय ने महामारी के दौरान वेदांता को तमिलनाडु में ऑक्सीजन संयंत्र चलाने की अनुमति दी
आदेश में कहा गया, “इससे आवेदक के पक्ष में कोई न्यायसंगतता नहीं बनती कि वह भविष्य में पूरे संयंत्र के संचालन की मांग या उम्मीद करे। मौजूदा आदेश सिर्फ इस समय चिकित्सीय स्तर की ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत के मद्देनजर पारित किया जा रहा है।”
भाषा
29 Apr 2021
न्यायालय

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए “राष्ट्रीय जरूरत” के मद्देनजर वेदांता को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में उसके बंद ऑक्सीजन संयंत्र को चलाने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने तमिलनाडु सरकार को संयंत्र के संचालन पर नजर रखने के लिये एक समिति गठित करने का निर्देश दिया।

कंपनी के तांबा गलाने संबंधी काम के कारण पर्यावरण संबंधी चिताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर मई 2018 में हुई पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद संयंत्र को बंद कर दिया गया था।

बुधवार को अपलोड हुई मंगलवार को पारित आदेश में पीठ ने कहा, “महामारी के दौरान राष्ट्रीय जरूरतों को पूरा करने के लिये हम ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन के लिये प्रार्थना (वेदांता की) को मंजूरी देने के इच्छुक हैं।”

आदेश में कहा गया, “इससे आवेदक के पक्ष में कोई न्यायसंगतता नहीं बनती कि वह भविष्य में पूरे संयंत्र के संचालन की मांग या उम्मीद करे। मौजूदा आदेश सिर्फ इस समय चिकित्सीय स्तर की ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत के मद्देनजर पारित किया जा रहा है।”

तमिलनाडु की तरफ से दायर ज्ञापन को स्वीकार करते हुए उच्चतम न्यायालय ने प्रदेश सरकार को एक समिति बनाने को कहा है जो संयंत्र के संचालन पर नजर रखेगी। इस समिति में तूतीकोरिन के कलेक्टर अध्यक्ष होंगे। उनके अलावा समिति में तूतीकोरिन के पुलिस अधीक्षक, तूतीकोरिन के उपजिलाधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जिला पर्यावरण अभियंता, ऑक्सीजन संयंत्र के बारे में तकनीकी जानकारी रखने वाला एक सरकारी अधिकारी और दो पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ होंगे।

शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि संयंत्र का संचालन सिर्फ चिकित्सीय ऑक्सीजन बनाने के उद्देश्य से होगा किसी और उद्देश्य के लिये नहीं।

पीठ ने कहा, “मौजूदा आदेश के तहत याचिकाकर्ता तांबा गलाने के संयंत्र या उसकी किसी उपयुक्त सुविधाओं में प्रवेश के लिये अधिकृत नहीं होगा, रखरखाव के लिये भी नहीं। आवेदक को पूर्व में इस अदालत द्वारा दिये गए सभी निर्देशों का पालन करना होगा और सिवाय ऑक्सीजन संयंत्र के संचालन के लिये दिये गए इस आदेश के तहत किये गए फेरबदल को छोड़कर।”

COVID-19
Coronavirus
tamil nadu
Supreme Court
Oxygen shortage

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License