NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ याचिकाओं पर न्यायालय का केंद्र को नोटिस
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र से चार हफ्तों के अंदर नोटिस पर जवाब मांगा है।
भाषा
12 Oct 2020
SC

नयी दिल्ली: हाल में बनाए गए तीन विवादित कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर उसकी प्रतिक्रिया मांगी है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र से चार हफ्तों के अंदर नोटिस पर जवाब मांगा है।

तीन कानून - कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम -2020, कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद 27 सितंबर को प्रभावी हुए थे।

पीठ राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज झा, केरल से कांग्रेस के लोकसभा सांसद टीएन प्रतापन और तमिलनाडु से द्रमुक के राज्यसभा सदस्य तिरुची शिवा और राकेश वैष्णव की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन भी शामिल हैं।

याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि है कि संसद द्वारा पारित कृषि कानून किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मुल्य सुनिश्चित कराने के लिये बनाई गई कृषि उपज मंडी समिति व्यवस्था को खत्म कर देंगे।

कृषि कानूनों के खिलाफ भाकपा सांसद ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद विनय विश्वम ने भी हाल में लागू कृषि संबंधी तीन कानूनों की संवैधानिक वैधानिकता को चुनौती देते हुए सोमवार को उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका दायर की।

विश्वम ने कानूनों को ‘असंवैधानिक’ करार देकर इनको निरस्त करने का आग्रह करते हुए अपनी याचिका में आरोप लगाया कि ये कानून भारत की संवैधानिक व्यवस्था के संघीय ढांचे का उल्लंघन करते हैं।

वामपंथी नेता ने एक बयान में कहा कि इन विधेयकों को राज्यसभा में चर्चा के बिना ध्वनिमत पारित कर दिया गया जो संविधान के अनुच्छेद 100 और 107 का उल्लंघन है।

उन्होंने यह दावा भी किया कि ये कानून संविधान के 14,19 और 21 अनुच्छेद का उल्लंघन करते हैं।

Supreme Court
Agricultural laws
CPI
RJD
Farmers Bill
Farm Bills

Related Stories

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

किसान आंदोलन के 9 महीने : किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जन कार्रवाइयां

किसान मई में संसद तक पैदल मार्च करेंगे: संयुक्त किसान मोर्चा

जिसके पास ज़मीन के दस्तावेज़ नहीं, उसके फ़सल की MSP पर ख़रीददारी नहीं!

कृषि क़ानूनों को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा, कृषि मंत्री से नोकझोंक

संसद अपडेट: राज्यसभा में विपक्ष ने किसान आंदोलन पर सरकार को घेरा, लोकसभा हुई स्थगित

बिहार में कई ज़िलों में बनाई गई मानव श्रृंखला : वकील, शिक्षक, महिलाओं की बड़ी भागीदारी

कृषि कानूनों को एक निश्चित अवधि के लिए टालने का सरकार का प्रस्ताव, किसान करेंगे चर्चा

26 जनवरी परेड: एक तरफ़ जवान और एक तरफ़ किसान

किसान आंदोलन: सरकार से किसानों की एक बार फिर वार्ता परंतु समाधान की उम्मीद कम


बाकी खबरें

  • CDSCO
    भाषा
    CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
    28 Dec 2021
    सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (…
  • sunil
    भाषा
    पेले से आगे निकले छेत्री, भारत ने आठवां सैफ ख़िताब जीता, महिला टीम भी चमकी
    28 Dec 2021
    भारतीय फुटबॉल को वर्ष 2021 में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली । पचास और साठ के दशक का अपना खोया गौरव लौटाने की कोशिश में जुटी टीम उस पल का इंतजार ही करती रही जो देश में इस खेल की दशा और दिशा बदल सके।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: किसानों की आय दोगुनी होने का टूटता वादा, आत्महत्या का सिलसिला जारी
    28 Dec 2021
    बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में युवा किसान राम रुचि और प्रमोद पटेल ने इसी साल क़र्ज़ के दबाव में आत्महत्या कर ली। न्यूज़क्लिक ने दोनों परिवारों से मिल कर बात की और जानने की कोशिश की कि सरकार का किसानों…
  • officers of Edu dept eating MDM with students
    राजेश डोबरियाल
    उत्तराखंड: 'अपने हक़ की' लड़ाई अंजाम तक पहुंचाने को तैयार हैं दलित भोजन माता सुनीता देवी
    28 Dec 2021
    “...चूंकि क्रिसमस की बैठक में सभी पक्ष अभी क्षेत्र का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने पर सहमत हुए हैं इसलिए वे जांच कमेटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमानुसार तो सुनीता देवी की ही भोजनमाता…
  • UP Election 2022
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव 2022: बेरोज़गार युवा इस चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं
    28 Dec 2021
    मोदी-योगी से नाउम्मीद युवाओं को विपक्ष से चाहिए रोजगार का भरोसा
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License