NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अदालत ने सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी रद्द की 
अदालत ने कहा, “चूंकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप, भारतीय दंड संहिता की धारा 153-बी और 505 (2) के तहत अपराधों के कारित होने का खुलासा नहीं करते, इसलिए कानून की नजर में यह टिकाऊ नहीं हैं और रद्द किये जाने योग्य हैं। इसलिए प्राथमिकी रद्द की जाती है।
भाषा
25 May 2022
Siddharth Varadarajan

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नई दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान एक युवक की मौत पर समाचार प्रकाशित करने को लेकर ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और एक रिपोर्टर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी बुधवार को रद्द कर दी।

न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने सिद्धार्थ वरदराजन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।

अदालत ने कहा, “चूंकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप, भारतीय दंड संहिता की धारा 153-बी और 505 (2) के तहत अपराधों के कारित होने का खुलासा नहीं करते, इसलिए कानून की नजर में यह टिकाऊ नहीं हैं और रद्द किये जाने योग्य हैं। इसलिए प्राथमिकी रद्द की जाती है।”

उल्लेखनीय है कि केन्द्र के तीन कृषि कानूनों (जिन्हें अब वापस ले लिया गया है) के खिलाफ आंदोलन के दौरान 26 जनवरी, 2021 को दिल्ली में किसानों का विरोध प्रदर्शन हुआ और आईटीओ के निकट एक दुर्घटना में रामपुर के नवरीत सिंह डिबडिबा को गंभीर चोटें आईं और उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस का कहना है कि यह दुर्घटना डिबडिबा का ट्रैक्टर पलटने से हुई, जबकि कुछ चश्मदीद गवाहों का दावा है कि व्यक्ति की मृत्यु गोली लगने से हुई।

‘द वायर’ ने 30 जनवरी को एक खबर प्रकाशित की जिसका शीर्षक था- पोस्टमार्टम के डाक्टर ने गोली से लगी की चोट देखी, लेकिन वह कुछ नहीं कर सकता क्योंकि उसके हाथ बंधे हैं।

यह खबर वरदराजन द्वारा 30 जनवरी, 2021 को प्रकाशित की गई और उसके अगले दिन 31 जनवरी, 2021 को संजू तुरइहा नाम के व्यक्ति की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

प्राथमिकी में आरोप है कि वरदराजन ने ट्वीट के जरिए लोगों को भड़काने, दंगा फैलान, चिकित्सा अधिकारियों की छवि खराब करने और कानून व्यवस्था गड़बड़ करने की कोशिश की।

Siddharth Varadarajan
The Wire

Related Stories

पेगासस खुलासे के बाद वायर के दफ़्तर में पुलिस जांच: यह रूटीन चेकअप तो नहीं है जनाब!

ऑपरेशन Pegasus : पत्रकारों की जासूसी किसने करवाई?

इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप के मालवेयर ने पत्रकारों, कार्यकर्ताओं को बनाया निशाना

परंजॉय के लेख पढ़िए, तब आप कहेंगे कि मुक़दमा तो अडानी ग्रुप पर होना चाहिए!

11 डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ने 'स्वस्थ न्यूज़ वातावरण' के लिये DIGIPUB का गठन किया

क्या सरकार डिजिटल न्यूज़ मीडिया पर लगाम लगा रही है?

मानवाधिकार-कर्मियों और लेखकों-पत्रकारों की गिरफ्तारियों का सिलसिला बंद करो! 

'दि वायर' के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को अग्रिम ज़मानत

165 पत्रकारों ने मीडिया की ज़बान बंद करने के यूपी सरकार के क़दम की निंदा की 

देश की 90 हस्तियों ने की ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ FIR की निंदा


बाकी खबरें

  • Gautam Gambhir
    भाषा
    गंभीर के पास बड़ी मात्रा में फैबीफ्लू मिलने की सही जांच नहीं करने के लिए औषधि नियंत्रक को फटकार
    31 May 2021
    उच्च न्यायालय ने क्रिकेट खिलाड़ी से नेता बने गंभीर द्वारा दवा खरीद के मामले की जांच के सिलसिले में दाखिल औषधि नियामक की स्थिति रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि इस संस्था से अदालत का भरोसा डगमगा गया…
  • मजबूत सरकार से हाहाकारः मजबूर सरकार की दरकार
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    मजबूत सरकार से हाहाकारः मजबूर सरकार की दरकार
    31 May 2021
    उत्तर भारत में दलित आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की एक बात बहुत याद आती है। वे कहा करते थे कि हमें देश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार चाहिए। क्योंकि मजबूर सरकार जनता के लिए जवाबदेह होती है और मजबूत सरकार…
  • बदलाव के मुहाने पर इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष
    एम. के. भद्रकुमार
    बदलाव के मुहाने पर इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष
    31 May 2021
    जब तक फिलिस्तीनी भूभाग पर कब्जा और जातीय संहार वाली इजरायल की नीतियां जारी रहती हैं एवं हिंसा जारी रहती है,  तब तक उसका प्रतिरोध और मज़बूत होता रहेगा। 
  • भारत के विकास की दिशा की ख़ामियों को महामारी ने उधेड़ कर सामने रख दिया है
    टिकेंदर सिंह पंवार
    भारत के विकास की दिशा की ख़ामियों को महामारी ने उधेड़ कर सामने रख दिया है
    31 May 2021
    अगर भारत अपने संधारणीय विकास लक्ष्यों के पास पहुंचना और मौसम परिवर्तन, आय और लैंगिक असमानताओं की चुनौतियों का सामना करना चाहता है, तो देश को अपने तरीकों में बदलाव करना होगा।
  • 7 साल: कैसे कम हुआ “शूरवीर” का पराक्रम
    सुबोध वर्मा
    7 साल: कैसे कम हुआ “शूरवीर” का पराक्रम
    31 May 2021
    आर्थिक और सामाजिक अव्यवस्था और बढ़ते संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सात साल का शासन पूरा कर लिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License