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कोविड-19 अस्पताल में आग पर अदालत ने गुजरात सरकार को लिया आड़े हाथ
पीठ ने कहा, ‘‘ यह अदालतों द्वारा पूर्व में पारित किए गए सभी आदेशों की अवमानना के समान है। अंतत: यह राज्य द्वारा अदालत की अवमानना है क्योंकि वह कहने के बावजूद चौकसी बरतने में विफल रही।’’
भाषा
11 May 2021
कोविड-19 अस्पताल में आग पर अदालत ने गुजरात सरकार को लिया आड़े हाथ

अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय ने भरूच जिले में पिछले दिनों एक कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना पर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह चौकसी में ढिलाई बरतने और ऐसी घटनाओं को टालने में नाकाम रहने के कारण अवमानना की दोषी है। अदालत ने इस संबंध में अपने पूर्व में पारित कई आदेशों का उल्लेख किया।

अदालत की एक खंडपीठ ने महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी के इस जवाब पर हैरानी जताई कि एक ट्रस्ट द्वारा संचालित भरूच वेलफेयर अस्पताल में कोविड -19 केंद्र को प्राधिकारियों को सूचित किए बिना गुपचुप तरीके से स्थापित किया गया था। एक मई को इस केंद्र में आग लगने की घटना में 18 लोग मारे गए थे जिनमें से सोलह मरीज और दो नर्सें थीं ।

न्यायाधीश बेला त्रिवेदी और न्यायाधीश भार्गव डी कारिया की पीठ ने कहा कि इस विनाशकारी आग लगने की घटना के लिए किसी की तो जवाबदेही तय करनी होगी।

पीठ अधिवक्ता अमित पांचाल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने और अदालत के पिछले आदेशों की अनुपालना में विफल रहने के लिए उन्हें दंडित करने के लिए निर्देश दिए जाने की अपील की गई थी।

पीठ ने कहा, ‘‘ यह अदालतों द्वारा पूर्व में पारित किए गए सभी आदेशों की अवमानना के समान है। अंतत: यह राज्य द्वारा अदालत की अवमानना है क्योंकि वह कहने के बावजूद चौकसी बरतने में विफल रही ।’’

पीठ ने इस मामले में भरूच नगर पालिका, अस्पताल को चलाने वाले ट्रस्ट, अग्नि सुरक्षा के लिए इसके नोडल अधिकारी तथा सरकार को भी नोटिस जारी किए और मामले को दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया।

Gujrat
gujrat government
Gujrat High Court

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