NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोविड-19 अस्पताल में आग पर अदालत ने गुजरात सरकार को लिया आड़े हाथ
पीठ ने कहा, ‘‘ यह अदालतों द्वारा पूर्व में पारित किए गए सभी आदेशों की अवमानना के समान है। अंतत: यह राज्य द्वारा अदालत की अवमानना है क्योंकि वह कहने के बावजूद चौकसी बरतने में विफल रही।’’
भाषा
11 May 2021
कोविड-19 अस्पताल में आग पर अदालत ने गुजरात सरकार को लिया आड़े हाथ

अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय ने भरूच जिले में पिछले दिनों एक कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना पर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह चौकसी में ढिलाई बरतने और ऐसी घटनाओं को टालने में नाकाम रहने के कारण अवमानना की दोषी है। अदालत ने इस संबंध में अपने पूर्व में पारित कई आदेशों का उल्लेख किया।

अदालत की एक खंडपीठ ने महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी के इस जवाब पर हैरानी जताई कि एक ट्रस्ट द्वारा संचालित भरूच वेलफेयर अस्पताल में कोविड -19 केंद्र को प्राधिकारियों को सूचित किए बिना गुपचुप तरीके से स्थापित किया गया था। एक मई को इस केंद्र में आग लगने की घटना में 18 लोग मारे गए थे जिनमें से सोलह मरीज और दो नर्सें थीं ।

न्यायाधीश बेला त्रिवेदी और न्यायाधीश भार्गव डी कारिया की पीठ ने कहा कि इस विनाशकारी आग लगने की घटना के लिए किसी की तो जवाबदेही तय करनी होगी।

पीठ अधिवक्ता अमित पांचाल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने और अदालत के पिछले आदेशों की अनुपालना में विफल रहने के लिए उन्हें दंडित करने के लिए निर्देश दिए जाने की अपील की गई थी।

पीठ ने कहा, ‘‘ यह अदालतों द्वारा पूर्व में पारित किए गए सभी आदेशों की अवमानना के समान है। अंतत: यह राज्य द्वारा अदालत की अवमानना है क्योंकि वह कहने के बावजूद चौकसी बरतने में विफल रही ।’’

पीठ ने इस मामले में भरूच नगर पालिका, अस्पताल को चलाने वाले ट्रस्ट, अग्नि सुरक्षा के लिए इसके नोडल अधिकारी तथा सरकार को भी नोटिस जारी किए और मामले को दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया।

Gujrat
gujrat government
Gujrat High Court

Related Stories

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक

गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त

गुजरात मछुआरा गोलीबारी: 10 पाकिस्तानी नौवहन सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

गुजरात में किसानों की करंट लगने से मौत

गुजरातः ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बचाने में जुटे हैं मोदी-आरएसएस 


बाकी खबरें

  • doctor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गया ज़िले में 15 लाख से ज़्यादा की महिला आबादी पर केवल 24 महिला डॉक्टर
    19 Nov 2021
    बिहार में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ़ की भारी कमी है साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का भी अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत तो बद से बदतर है। नीति आयोग की 2019 के हेल्थ इंडेक्स में 21 राज्यों की सूची में…
  •  Savita is the captain of Indian hockey team in Asian Champions Trophy, Rani rested
    भाषा
    एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में सविता भारतीय हॉकी टीम की कप्तान, रानी को आराम
    19 Nov 2021
    टूर्नामेंट दक्षिण कोरिया के डोंगाइ में पांच से 12 दिसंबर तक खेला जायेगा। भारत को पहले ही दिन अभियान की शुरूआत करनी है। टूर्नामेंट में चीन, कोरिया, जापान, थाईलैंड, मलेशिया भी भाग ले रहे हैं।
  • kisan andolan
    शंभूनाथ शुक्ल
    कृषि क़ानूनों की वापसी : कोई भी जनांदोलन बेकार नहीं जाता
    19 Nov 2021
    किसानों के इस आंदोलन ने बिहार के तीसा आंदोलन और उत्तर प्रदेश में बाबा रामचंदर द्वारा चलाए गए किसान आंदोलन की यादें ताज़ा कर दीं। उन्हें एक साल बाद अपने उद्देश्य में सफलता मिली।
  • cartoon
    लाल बहादुर सिंह
    त्वरित टिप्पणी: विशुद्ध चुनावी है मोदी जी का यू-टर्न, लेकिन किसानों की जंग अभी जारी है
    19 Nov 2021
    जाहिर है किसानों ने 3 कानूनों की लड़ाई जीत ली है, लेकिन कृषि के विकास के कारपोरेट रास्ते के ख़िलाफ़ किसान-रास्ते की विजय का युद्ध अभी बाकी है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत: तीनों कृषि क़ानून रद्द, लेकिन अभी कई सवाल बाक़ी
    19 Nov 2021
    ‘‘ आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार, एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।’’
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License