NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी सरकार ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बाद नए लॉकडाउन नियमों की घोषणा की
ये नियम वेस्ट बैंक के सभी गवर्नरेट्स को बंद करने के अलावा क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों और इज़रायल के मध्य आवाजाही को प्रतिबंधित करता है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Jul 2020
covid-19

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी सरकार ने COVID-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए रविवार 12 जुलाई को क़ब्ज़े वाले संपूर्ण वेस्ट बैंक क्षेत्र में सख्त लॉकडाउन नियमों की घोषणा की। इन नियमों में दो सप्ताह तक वेस्ट बैंक के सभी 9 गवर्नरेट्स के बीच लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है।

अन्य नियमों में हेब्रोन, बेथलहम, रामल्ला और नबलूस गवर्नरेट्स में और चार दिनों तक पूर्ण प्रतिबंध शामिल है साथ ही सभी गवर्नरेट्स में दो सप्ताह के लिए विकेंड कर्फ्यू भी शामिल है जो गुरुवार रात से शुरु हो कर रविवार सुबह तक रहेगा। ये चार गवर्नरेट्स एक सप्ताह तक पूरी तरह बंद रहेंगे।

सभी गवर्नरेट्स में प्रतिदिन शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक रात्रि का कर्फ्यू लागू रहेगा। फिलिस्तीनी सरकार के प्रवक्ता इब्राहिम मेलहेम ने लॉकडाउन मानदंडों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह, स्वास्थ्य मंत्री और सभी सुरक्षा सेवाओं के प्रमुख के साथ एक "ऑपरेशन रूम" बनाने की घोषणा की।

इस नोटिस में बेकरी और फार्मेसियों को छोड़कर कर्फ्यू के दिनों में सभी व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

ये नोटिस इज़रायल के फिलिस्तीनी नागरिकों को मौजूदा समय में वेस्ट बैंक में अपने परिवारों और रिश्तेदारों के घर जाने से रोकता है। यह इज़रायल में काम करने वाले फिलिस्तीनियों के गतिविधियों को भी प्रतिबंधित करता है। क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में रहने वाले हज़ारों फिलिस्तीनी हर रोज़ काम करने के लिए इज़रायल जाते हैं जहां हाल में COVID -19 के मामले बढ़े हैं जो 10 जुलाई को नए सिरे से लॉकडाउन के नियमों की घोषणा करने के लिए इज़रायल सरकार को मजबूर किया।

रविवार को फिलिस्तीनी कब्जे वाले सभी क्षेत्रों में संक्रमण के 349 नए मामले सामने आए। इस तरह यहां COVID-19 संक्रमण का मामला बढ़कर 39 मौत के साथ 7,073 हो गया। तीनों क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों की बात करें तो वेस्ट बैंक में 6,230 मामले, जबकि गाजा में 72 और पूर्वी यरूशेलम में 807 मामले सामने आए हैं।

Coronavirus
COVID-19
Palestine
West Bank

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License