NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
कोविड-19 : अमेरिकी गिग कर्मचारियों ने इस संकट के दौरान बेहतर सुरक्षा की मांग की
अमेज़न, इंस्टाकर्ट और होल फ़ूड के कर्मचारियों ने असुरक्षित स्थिति और कंपनियों के अपर्याप्त सुरक्षा निर्देशों की वजह से काम पर जाना बंद कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Apr 2020
Whole food Market

31 मार्च को होल फ़ूड मार्किट के डिलीवरी और गोदाम के कर्मचरियों ने घर बैठ कर कंपनी की कोरोना वायरस के दौरान लागू की गईं अपर्याप्त सुरक्षा नीतियों का विरोध किया। विरोध के इस तरीक़े को 'सिकआउट' कहा जाता है, जिसके तहत कर्मचारी काम पर नहीं गए और घर रह कर सिक लीव ले ली।

इससे पहले की योजना के अनुसार कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस यानी 1 मई को हड़ताल लड़ने वाले थे लेकिन कोरोना संकट के मद्देनज़र इस तारीख़ को आगे बढ़ा दिया गया। अमेरिका में मंगलवार तक कोरोना के 1,89,000 मामले रिपोर्ट किये गए हैं।

इससे पहले 30 मार्च सोमवार को गिग वर्कर्स कलेक्टिव के आह्वान पर इंस्टाकार्ट के हज़ारों कर्मचारी देश भर में हड़ताल पर थे। यह हड़तालें लंबे समय से अमेरिका में चले आ रहे आंदोलन का हिस्सा हैं, जो कॉर्पोरेट नज़रअंदाज़ी और काम करने की ख़राब स्थिति के ख़िलाफ़ हो रहा है।

इसी दिन न्यू यॉर्क में अमेज़न स्टेट आइलैंड डिलीवरी स्टेशन के भी दर्जनों कर्मचारी इसी वजह से काम पर नहीं आये थे। इस हड़ताल की वजह से कंपनी ने हड़ताल के संस्थापक क्रिस स्मॉल्स को काम से निकाल दिया, और कहा कि उन्होंने कर्मचारियों को इकट्ठा कर के 'सोशल डिस्टेंसिंग' के निर्देशों का उल्लंघन किया है।

कर्मचारियों ने कंपनियों से छुट्टी नियमों, सुरक्षा निर्देशों, सफ़ाई योजनाओं पर ध्यान देने की मांग की है साथ ही कहा है कि इस संकट के दौरान कर्मचारियों को तनख्वाह बढ़ा कर दी जाए। एक ऐसे वक़्त में जब कोरोना के ख़तरे की वजह से डिलीवरी और वेयरहाउस के कर्मचारी अमेरिका में बेहद ज़रूरी हो गए हैं, कंपनियों पर लगातार उन्हें नज़रअंदाज़ करने के आरोप लग रहे हैं।

डिलीवरी और वेयरहाउसिंग कर्मचारी लगातार कोरोना के ख़तरे के दौरान उनके सुरक्षा और तनख्वाह बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुछ जगहों पर प्रशासन ने कुछ मांगें मान ली हैं, मगर बाक़ी जगहों पर वो भी नहीं हो सका है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

COVID-19
Corona Virus
Corona Crisis
America
Food Workers

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • brooklyn
    एपी
    ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी से जुड़ी वैन मिली : सूत्र
    13 Apr 2022
    गौरतलब है कि गैस मास्क पहने एक बंदूकधारी ने मंगलवार को ब्रुकलिन में एक सबवे ट्रेन में धुआं छोड़ने के बाद कम से कम 10 लोगों को गोली मार दी थी। पुलिस हमलावर और किराये की एक वैन की तलाश में शहर का चप्पा…
  • non veg
    अजय कुमार
    क्या सच में हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ है मांसाहार?
    13 Apr 2022
    इतिहास कहता है कि इंसानों के भोजन की शुरुआत मांसाहार से हुई। किसी भी दौर का कोई भी ऐसा होमो सेपियंस नही है, जिसने बिना मांस के खुद को जीवित रखा हो। जब इंसानों ने अनाज, सब्जी और फलों को अपने खाने में…
  • चमन लाल
    'द इम्मोर्टल': भगत सिंह के जीवन और रूढ़ियों से परे उनके विचारों को सामने लाती कला
    13 Apr 2022
    कई कलाकृतियों में भगत सिंह को एक घिसे-पिटे रूप में पेश किया जाता रहा है। लेकिन, एक नयी पेंटिंग इस मशहूर क्रांतिकारी के कई दुर्लभ पहलुओं पर अनूठी रोशनी डालती है।
  • एम.के. भद्रकुमार
    रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं
    13 Apr 2022
    यह दोष रेखाएं, कज़ाकिस्तान से म्यांमार तक, सोलोमन द्वीप से कुरील द्वीप समूह तक, उत्तर कोरिया से कंबोडिया तक, चीन से भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तक नज़र आ रही हैं।
  • ज़ाहिद खान
    बलराज साहनी: 'एक अपरिभाषित किस्म के कम्युनिस्ट'
    13 Apr 2022
    ‘‘अगर भारत में कोई ऐसा कलाकार हुआ है, जो ‘जन कलाकार’ का ख़िताब का हक़दार है, तो वह बलराज साहनी ही हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बेहतरीन साल, भारतीय रंगमंच तथा सिनेमा को घनघोर व्यापारिकता के दमघोंटू…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License