NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमा में लोगों ने तोड़ा कर्फ्यू, सरकार ने लगाया पांच मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध
म्यांमा की सेना ने तख्तापलट के बाद दर्जनों पत्रकारों को हिरासत में लिया है। इन प्रदर्शनों की कवरेज करने को लेकर पांच मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है।
एपी
09 Mar 2021
म्यांमा में लोगों ने तोड़ा कर्फ्यू, सरकार ने लगाया पांच मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध
फोटो साभार : प्रभा साक्षी

यांगून: म्यांमा में सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए गए लगभग 200 छात्रों के समर्थन में देश के सबसे बड़े शहर यांगून में सोमवार को प्रदर्शन किया गया और लोगों ने रात आठ बजे लगे कर्फ्यू का उल्लंघन किया।

म्यांमा की सेना ने इन प्रदर्शनों की कवरेज करने को लेकर पांच मीडिया संस्थानों पर प्रतिबंध लगा दिया।

आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार को पिछले महीने हटाकर सेना द्वारा किए तख्तापलट के विरोध में हर दिन म्यांमा के नागरिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

सैन्य सरकार ने इसके मीडिया कवरेज पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है और पांच स्थानीय मीडिया संस्थानों- मिज्जिमा, डीवीबी खित थित मीडिया, म्यांमा नाउ और सेवन डे न्यूज के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

सरकारी चैनल एमआरटीवी पर कहा गया, “इन मीडिया कंपनियों को किसी भी मंच या तकनीक से प्रसारण करने की अनुमति नहीं है।”

गौरतलब है कि ये पांच मीडिया संस्थान प्रदर्शन से संबंधित समाचारों और घटनाओं का सीधा प्रसारण कर रहे थे।

प्रतिबंध लगाने से पहले ‘म्यांमा नाउ’ के कार्यालय पर सोमवार को छापेमारी की गई थी।

सरकार ने तख्तापलट के बाद दर्जनों पत्रकारों को हिरासत में लिया है जिनमें म्यांमा नाउ के संवाददाता और एसोसिएटेड प्रेस के थिन जौ शामिल हैं। इन पर अशांति फैलाने का आरोप है जिसके लिए तीन साल जेल की सजा हो सकती है।

पुलिस ने यांगून के पड़ोस में स्थित सानचौंग में घेराबंदी कर घर-घर तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद रात में प्रदर्शन शुरू हुआ।

माना जा रहा है कि सुरक्षा बलों की नजर से बचकर कुछ लोगों के घरों के छिपे व्यक्तियों की तलाश के करने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया।

सोशल मीडिया पर यह बातें तेजी से फैलीं, जिसके बाद लोग प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए।

इंसीन जिले में लोगों ने सड़कों पर गीत गाते हुए और नारे लगाकर लोकतंत्र की बहाली के लिए प्रदर्शन किया।

म्यांमा के समयानुसार आधी रात तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की कोई घटना होने की खबर नहीं मिली, हालांकि सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, खिड़की से देख रहे लोगों को फटकारा और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया।

कुछ जगहों पर रबर की गोलियां चलने की भी खबरें मिली हैं जिनसे लोग घायल हुए।

Myanmar
Aung San Suu
myanmar coup
military government

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License