NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए
DBC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  ये कर्मचारी 21 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं। इस दौरान निगम के मेयर और आला अधिकारियो ने इनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया। परन्तु कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक कर्मचारी के हक में फैसला नहीं आ जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Mar 2022
 DBC

दिल्ली में नगर निगम मुख्यालय पर डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी रही। DBC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  ये कर्मचारी 21 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं लेकिन निगम द्वारा लगातार उनकी माँग को अनसुनी करने की वजह से डीबीसी कर्मचारी अपनी मांग पर डटे हुए हैं। हालाँकि इस दौरान निगम के मेयर और आला अधिकारियो ने इनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया। परन्तु कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक निगम मे बैठे आला अधिकारी और निगम के मेयर, कर्मचारी के हक में फैसला नहीं करते तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आश्वासन नहीं निर्णय चाहिए।

ये कर्मचारी लगातार 15 दिन से अपने स्थाई पद की मांग को लेकर सिविक सेंटर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। कल यानी हड़ताल के 15वें दिन दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश सूर्यान ने पूरा आश्वासन दिया कि आपके मसले पर एक-दो दिन में हल निकाल लिया जाएगा। साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल और पूर्व मेयर जयप्रकाश ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सभी डीबीसी कर्मचारियों को एक-दो दिन में जल्द ही हल निकालने का आश्वासन दिया।

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन जिसके नेतृत्व में ये हड़ताल चल रही है। उसने इस कदम का स्वागत किया। यूनियन का ये भी फैसला है कि अगर हल नहीं निकल पाता है तो हड़ताल जारी रहेगी।

यूनियन के अध्यक्ष देबानंद ने कहा ये सभी 12 जोन के यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक द्वारा तय किया गया है। जब तक कर्मचारियों को उनका स्थाई पद नहीं मिलेगा जब तक कर्मचारी अपने काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

उन्होंने आगे कहा- दिल्ली में बढ़ रहे डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया के केस पर हम यह कहना चाहते हैं। यह पूर्ण रूप से निगम प्रशासन की ही जिम्मेदारी है जो लगातार हो रही प्रशासनिक मीटिंग में बात को मानने के बावजूद भी अपना अडियल और बेरुखी का रवैया कर्मचारियों के विरुद्ध अपना आ रहा है। 

हड़ताली कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बताया कि 3 मार्च 2022 को उत्तरी और दक्षिणी नगर निगम के अधिकारियों के साथ यूनियन का समझौता हुआ जिसमें अतिरिक्त आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. रणधीर सहाय ने अधिकारियों को खाली पड़े पदो पर DBC कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लगाने का आदेश जारी करने के लिए कहा। लेकिन अधिकारियों ने गोल-मोल तरीका इख़्तियार करते हुए आदेश को गलत तरीके से निकाला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पद सृजित करने के लिए एक फाइल सदन द्वारा पारित की गई और कई मौकों पर मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार को भेजी गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

देबानंद ने कहा- प्रशासन के रवैए के कारण यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी बैठक कर फैसला लिया। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि बैठक में हुई बात के अनुसार ऑर्डर जारी नहीं किया जाता। उसके लिए चाहे कितना भी इंतजार क्यों ना करना पड़े।

यूनियन के महासचिव मदन पाल ने कहा- जब तक निगम के साथ हुई वार्ता के अनुसार सही ऑर्डर हाथ में नहीं आ जाता, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। अगर हमारी मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो हमारे पास अपना संघर्ष तेज करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचेगा।

आपको बता दें कि भूख हड़ताल पर बैठे कई कर्मचारियों की हालत भी गंभीर है। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को एंबुलेंस के द्वारा लोकनायक अस्पताल भी ले जाया गया। लगातार 26 वर्षों से कार्यरत डीबीसी कर्मचारी दिल्ली में हर तरह की महामारी से लड़ने के लिए फ्रंट लाइन में थे। सन 1996 से आज तक लगातार डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया ,पीलिया, हैजा और पिछले 2 वर्षों से कोरोना (कोविड-19) में अपनी जान को जोखिम में डालकर बेहतरीन तरीके से अपना काम करते आ रहे हैं।
 
डीबीसी कर्मियों की मांग को लेकर एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन ने लगातार कर्मचारियों को स्थायी करने और पद नाम को लेकर कई बार निगम से बातचीत भी की, प्रदर्शन भी किए, लेकिन 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी, तीनों निगम कमिश्नर के मीटिंग मिनट्स बन जाने के बाद भी, हाईकोर्ट से ऑर्डर हो जाने के बाद भी  इन्हें स्थायी पद नहीं दिया गया है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली : स्थाई पद की मांग को लेकर डीबीसी कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

DBC
DBC workers
DBC Workers protest
Delhi Municipal Corporation
BJP
AAP
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • attack on journalist
    एम.ओबैद
    बिहारः एक महीने के भीतर एक और पत्रकार पर जानलेवा हमला, स्थिति नाज़ुक 
    23 Nov 2021
    बिहार में एक सप्ताह पहले ही मधुबनी ज़िले के बेनीपट्टी इलाक़े में एक न्यूज़ पोर्टल से जुड़े पत्रकार बुद्धिनाथ झा की बदमाशों ने हत्या कर, उनके शव को जला दिया था। वे बेनीपट्टी में फ़र्ज़ी नर्सिंग होम का…
  • Death of 3 dalit girls
    विजय विनीत
    पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में
    23 Nov 2021
    परिजन इसे हत्या का मामला बता रहे हैं और पुलिस आत्महत्या का। अगर यह हत्या है तब भी कई सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस को ढूंढना होगा और अगर यह वाकई ग़रीबी की वजह से की गईं आत्महत्याएं हैं तब तो यह ज़िला…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक : किसान एकता का असर
    23 Nov 2021
    किसान आंदोलन की वजह से तीनों विवादित कृषि कानून वापस हो गए हैं और अब किसान एकता और मजबूत होती जा रही है। यही वजह है कि किसानों के अल्टीमेटम के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी ने लखीमपुर में…
  • Tripura
    संदीप चक्रवर्ती
    त्रिपुरा; यदि मतदान निष्पक्ष रहा तो बीजेपी हारेगी : जितेंद्र चौधरी 
    23 Nov 2021
    नगरपालिका चुनावों से पहले और इस पूर्वोत्तर राज्य में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद, माकपा और आदिवासी नेता तथा पूर्व लोकसभा सांसद का कहना है कि त्रिपुरा के लोग भाजपा से नाराज़ हैं।
  • JP Nadda in Chamoli PC DIPR
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: सैन्य धाम ही नहीं स्वास्थ्य धाम भी ज़रूरी, चुनाव में सेहत मुद्दा नहीं
    23 Nov 2021
     “कोविड के बीच चुनाव में स्वास्थ्य मोर्चे पर सुधार का मुद्दा कौन उठाएगा? मुद्दा तो राजनीतिक दल ही उठाते हैं। यहां न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ज़मीनी मुद्दों पर बात कर रहा है। सवाल मतदाता पर भी है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License