NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
डीसीजीआई ने डीआरडीओ की ओर से विकसित कोविड रोधी दवा के इस्तेमाल को आपात मंजूरी दी
रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि मुंह के जरिये ली जाने वाली इस दवा को कोरोना वायरस के मध्यम से गंभीर लक्षण मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति सहायक पद्धति के रूप में दी गई है।
भाषा
10 May 2021
डीसीजीआई ने डीआरडीओ की ओर से विकसित कोविड रोधी दवा के इस्तेमाल को आपात मंजूरी दी
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली: भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने डीआरडीओ द्वारा विकसित कोविड रोधी दवा के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि मुंह के जरिये ली जाने वाली इस दवा को कोरोना वायरस के मध्यम से गंभीर लक्षण मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति सहायक पद्धति के रूप में दी गई है।

मंत्रालय ने बताया कि चिकित्सकीय परीक्षण में सामने आया कि 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) दवा अस्पताल में भर्ती मरीजों के जल्द ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ अतिरिक्त ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है।

इस दवा को ऐसे समय मंजूरी मिली है जब भारत कोरोना वायरस की महामारी की दूसरी लहर से घिरा है और देश के स्वास्थ्य अवसंरचना पर भारी दबाव है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोविड-19 की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। इस दवा से कीमती जिंदगियों के बचने की उम्मीद है क्योंकि यह दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है। यह कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम करती है।’’

इस दवा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला नामिकीय औषिध तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉ.रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर विकसित किया है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘एक मई को डीसीजीआई ने इस दवा को कोविड-19 के मध्यम एवं गंभीर लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए सहायक पद्धति के रूप में आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी। सामान्य अणु और ग्लूकोज के अनुरूप होने की वजह से इसे भारी मात्रा में देश में ही तैयार व उपलब्ध कराया जा सकता है।’’

सहायक पद्धति वह इलाज है जिसका इस्तेमाल प्राथमिक इलाज में मदद करने के लिए किया जाता है।

मंत्रालय ने बताया कि 2-डीजी दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोल कर पीना होता है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘डीआरडीओ की 2-डीजी दवा वायरस से संक्रमित कोशिका में जमा हो जाती है और वायरस की वृद्धि को रोकती है। वायरस से संक्रमित कोशिका पर चुनिंदा तरीके से काम करना इस दवा को खास बनाता है।’’

दवा के असर के बारे में मंत्रालय ने बताया कि जिन लक्षण वाले मरीजों का 2डीजी से इलाज किया गया वे मानक इलाज प्रक्रिया (एसओसी) से पहले ठीक हुए।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ इस दवा से इलाज करने पर मरीजों के विभिन्न मापदंडों के समान होने में एसओसी के औसतन समय के मुकाबले 2.5 दिन कम समय लगा।’’

बयान के मुताबिक, ‘‘चिकित्सकीय परीक्षण के नतीजों के मुताबिक इस दवा से अस्पताल में भर्ती मरीज जल्दी ठीक हुए और उनकी अतिरिक्त ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हुई। 2डीजी से इलाज कराने वाले अधिकतर मरीज आरटी-पसीआर जांच में निगेटिव आए।’’

मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 का सामना कर रहे मरीजों को यह दवा बहुत लाभ पहुंचाएगी।

बयान के मुताबिक पिछले साल के शुरुआत में महामारी शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तैयारियां करने का आह्वान किया गया जिसके बाद डीआरडीओ ने इस परियोजना पर काम शुरू किया।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ अप्रैल 2020 में महामारी की पहली लहर के दौरान आईएनएमएएस-डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्यूलर ऐंड मॉलिक्यूल बायोलॉजी के साथ मिलकर प्रयोशाला में प्रयोग किया और पाया कि ये अणु सार्स कोव-2 वायरस के खिलाफ कारगर हैं और वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकते हैं।’’

मंत्रालय के मुताबिक इन नतीजों के बाद डीसीजीआई के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने मई 2020 में 2-डीजी के कोविड-19 मरीजों पर दूसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण करने की मंजूरी दी।

बयान के मुताबिक प्रभाव एवं सुरक्षा की जांच करने के बाद मई से अक्टूबर 2020 तक दूसरे चरण का परीक्षण किया गया और पाया गया कि सुरक्षित होने के साथ-साथ कोविड-19 मरीजों के ठीक होने भी मदद करता है।

मंत्रालय ने बताया, ‘‘द्वितीय चरण के पहले हिस्से में छह अस्पतालों में और द्वितीय चरण के दूसरे हिस्से में देश के 11 अस्पतालों में 110 मरीजों पर परीक्षण किया गया।’’

बयान के मुताबिक सफल नतीजों के बाद डीसीजीआई ने नवंबर 2020 में तीसरे चरण के परीक्षण को मंजूरी दी।

मंत्रालय ने बताया कि तीसरे चरण का चिकित्सकीय परीक्षण दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच देश भर के 27 अस्पतालों के 220 मरीजों पर किया गया। ये अस्पताल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, ‘‘तीसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण के आंकड़े डीसीजीआई के समक्ष प्रस्तुत किए गए। नतीजों के मुताबिक 2-डीजी दवा से लक्षण वाले मरीजों में उल्लेखनीय सुधार हुआ और तीसरे दिन से ही एसओसी के मुकाबले इस दवा से ऑक्सीजन निर्भरता (31 प्रतिशत के मुकाबले 42 प्रतिशत) पूरी तरह से समाप्त हो गई।’’

इसी तरह का सुधार 65 साल से अधिक उम्र के मरीजों में भी देखने को मिला।

DCGI
DRDO
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय बेंचों की ज़रूरत पर एक नज़रिया
    शैविका अग्रवाल
    सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय बेंचों की ज़रूरत पर एक नज़रिया
    27 Aug 2021
    देश का सबसे प्रमुख और शीर्ष न्यायिक प्राधिकरण होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय का दायित्व और कर्तव्य दोनों है कि वह अपने लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करे। 
  • कॉमरेड बीबी पांडेय: एक आदर्श शिक्षक और संरक्षक
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कॉमरेड बीबी पांडेय: एक आदर्श शिक्षक और संरक्षक
    27 Aug 2021
    विज्ञान से लेकर साहित्य तक और संस्कृति से लेकर राजनीति और इतिहास तक सभी विषयों में उनकी गहरी रुचि थी। जिस भी विषय की तरफ वे ध्यान लगाते थे, जल्दी ही उसमें दक्षता हासिल कर लेते थे।
  • जेंडर के मुद्दे पर न्यायपालिका को संवेदनशील होने की ज़रूरत है!
    सोनिया यादव
    जेंडर के मुद्दे पर न्यायपालिका को संवेदनशील होने की ज़रूरत है!
    27 Aug 2021
    अपने कई फैसलों में भारतीय न्यायपालिका पितृसत्तात्मक सोच से ग्रसित लगती है। यौन उत्‍पीड़न के मामलों में पीड़िताओं के प्रति न्यायपालिका की प्रतिक्रिया संवेदनशील और विचारशील से लेकर सेक्सिस्ट और स्त्री…
  • किसान-आंदोलन राष्ट्रीय जनान्दोलन बनने की ओर!
    लाल बहादुर सिंह
    किसान-आंदोलन राष्ट्रीय जनान्दोलन बनने की ओर!
    27 Aug 2021
    किसान आंदोलन के 9 माह: राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण करता किसान आंदोलन जनान्दोलन और गैर-संसदीय विपक्ष बनने की राह पर है। इसमें कोई शक नहीं है कि देश को कॉरपोरेट लूट के चारागाह में बदलने की साज़िश के ख़िलाफ़…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे, दिल्ली HC ने बिजली मिस्त्री को मुआवज़े का आदेश दिया और अन्य ख़बरें
    26 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे, दिल्ली HC का बिजली मिस्त्री को मुआवज़ा देने का आदेश और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License