NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
कोविड टीकाकरण के दैनिक औसत में 21 जून से गिरावट: सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि कोविड वैक्सीन लगाने का आंकड़ा लगातार गिरता जा रहा है।
भाषा
12 Jul 2021
कोविड टीकाकरण के दैनिक औसत में 21 जून से गिरावट: सरकारी आंकड़े
Image courtesy : India Today

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण का नया चरण आरंभ होने के बाद दैनिक औसत में 21 जून से कमी देखी जा रही है। सरकारी आंकड़ों से यह पता चला है।

कोविन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 21-27 जून वाले हफ्ते में प्रत्येक दिन कोविड रोधी टीके की औसतन 61.14 लाख खुराक दी गईं। इसके बाद के हफ्ते में, 28 जून से 4 जुलाई के बीच यह आंकड़ा कम होकर प्रतिदिन 41.92 लाख खुराक रह गया। इसके बाद, 5 से 11 जुलाई वाले हफ्ते में प्रतिदिन लगाई गई टीके की खुराकों की औसत संख्या और कम होकर 34.32 लाख रह गई।

राज्यों में टीकाकरण को लेकर मिलीजुली प्रवृत्ति देखने को मिली है, जिसमें कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टीकाकरण में निरंतरता है जबकि कहीं इसमें गिरावट आई है।

कोविन के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 21-27 जून वाले हफ्ते से औसत दैनिक टीकाकरण में गिरावट देखी गई जबकि केरल, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, दादरा नागर हवेली और जम्मू-कश्मीर में दैनिक कोविड-19 टीकाकरण में निरंतरता देखी गई है।

असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में, जहां कोरोना वायरस के नए मामलों में वृद्धि देखी जा रही है वहां दैनिक औसत टीकाकरण में गिरावट देखी जा सकती है। इस गिरावट के बावजूद, कोविड रोधी टीकाकरण के इससे पहले के चरण के मुकाबले यहां अब दैनिक औसत टीकाकरण अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक 14-20 जून वाले हफ्ते में दैनिक औसत टीकाकरण 33.97 लाख था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 रोधी टीके की 1.54 करोड़ से अधिक अप्रयुक्त खुराकें मौजूद हैं। इसमें बताया गया कि टीके की कुल खुराकों में से 37,31,88,834 खुराकों (बेकार गई खुराकों समेत) का इस्तेमाल हुआ है।

महाराष्ट्र जहां सोमवार को कोविड-19 के सबसे अधिक मामले सामने आए, उसने टीके की अधिक खुराक मांगी है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए राज्य की पूरी पात्र आबादी का जल्द से जल्द टीकाकरण करने के लिए प्रति माह कोविड रोधी टीके की कम से कम तीन करोड़ खुराक की जरूरत होगी।

वहीं दूसरी ओर, गुजरात सरकार के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि राज्य की जनता के कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्र से अब तक कोविड रोधी टीके की ‘पर्याप्त’ खुराक मिली हैं और राज्य के पास अभी टीके की करीब सात लाख खुराक और हैं। यहां के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि राज्य के सभी पात्र लोगों को इस साल के अंत तक टीका लगा दिया जाएगा।

आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, गुजरात की टीके के लिहाज से पात्र आबादी के पूर्ण टीकाकरण के लिए राज्य को कुल 9.6 करोड़ खुराक की आवश्यकता है।

COVID-19
Covid Vaccination
corona vaccine

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • अफ़ग़ानिस्तान से बाइडेन की नाकाम वापसी अमेरिका के दो दशकों के ग़लत क़दमों का सिला है
    सोनाली कोल्हटकर
    अफ़ग़ानिस्तान से बाइडेन की नाकाम वापसी अमेरिका के दो दशकों के ग़लत क़दमों का सिला है
    23 Aug 2021
    बाइडेन के अफ़ग़ानिस्तान से हटने की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है। लेकिन, इन ज़्यदातर आलोचनाओं से असली बात ग़ायब हैं।
  • Modi
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: थैंक यू तालिबान जी
    23 Aug 2021
    सस्ता तेल चाहिए, अफ़ग़ानिस्तान चला जा! मोदी जी नये इंडिया में पब्लिक के लिए हर चीज में च्वाइस है। बेकारी और तालिबान में से कोई एक चुन लो। चुनावी तानाशाही और तालिबान में से कोई एक चुन लो।
  • अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर एक नज़र – भाग 5
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर एक नज़र – भाग 5
    23 Aug 2021
    काबुल हवाईअड्डे पर आपस में मिलकर काम करने के सबंध में यूएस-तालिबान में निश्चित रूप से न्यूनतम विचार पैदा हो रहा है। क़तर इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
  • जलवायु परिवर्तन : बेलगाम विकास से बर्बाद होता इकोसिस्टम
    टिकेंदर सिंह पंवार
    जलवायु परिवर्तन : बेलगाम विकास से बर्बाद होता इकोसिस्टम
    23 Aug 2021
    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जैसे पूर्ववर्ती ठंडे रेगिस्तानों में अधिक वर्षा के साथ जलविद्युत संयंत्रों और सड़कों के निर्माण से तबाही हो रही है।
  • 1946 डायरेक्ट एक्शन डे पर क्या हुआ था?
    न्यूज़क्लिक टीम
    1946 डायरेक्ट एक्शन डे पर क्या हुआ था?
    22 Aug 2021
    नीलांजन मुखोपाध्याय के साथ 'इतिहास के पन्ने' के इस अंग में हम जानेंगे 1946 कलकत्ता Killings के इतिहास के बारे में. क्यों दिया था जिन्ना ने डायरेक्ट एक्शन डे का कॉल और क्या हुआ उसके बाद
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License