NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फ़ैसले के लिए समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में मुकदमा पूरा करने और फैसला सुनाने के लिए 31 अगस्त तक की समयसीमा तय की थी। यह मामला लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Aug 2020
babri

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में मुकदमा पूरा करने के लिए समयसीमा एक महीने बढ़ा दी है और कहा कि 30 सितंबर तक फैसला सुना दिया जाना चाहिए।

मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती सहित 32 लोग आरोपी हैं।

शीर्ष अदालत ने पूर्व में मुकदमा पूरा करने और फैसला सुनाने के लिए 31 अगस्त तक की समयसीमा तय की थी।

न्यायमर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने विशेष न्यायाधीश एस के यादव द्वारा दायर की गई रिपोर्ट का संज्ञान लिया और समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी।

यह मामला लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा है। आपको बता दें कि अभी 24 जुलाई को वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अदालत के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना बयान दर्ज कराया था और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इंकार किया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)  

babri masjid
Babri Demolition
Babri Masjid demolition
Supreme Court
BJP
lal krishna advani
murli manohar joshi
uma bharti
kalyan singh

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार


बाकी खबरें

  • AZAMGARH POLICE
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः आज़मगढ़ में दलित चिकित्सक को गिरफ़्तार करने के लिए ख़ाकी ने फिर गढ़ी फ़र्ज़ी कहानी!
    12 Oct 2021
    आज़मगढ़ में ज़ुल्म-ज़्यादती का पहाड़ तोड़ने के लिए बदनाम रही पुलिस ने डॉ. शिवकुमार को फकत इस बात पर गिरफ्तार किया कि दलित होकर उन्होंने करणी सेना के कृत्यों पर प्रतिक्रिया स्वरूप टिप्पणी कैसे कर दी।…
  • Lakhimpur Kheri
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखीमपुर:आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी के बाद मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े के लिए भाजपा पर दबाव
    12 Oct 2021
    लखीमपुर घटना, जिसमें 04 किसानों, 01 पत्रकार समेत 08 लोगों की मौत हो गई, के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा के जेल जाने के बाद अब विपक्ष उसके पिता गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफ़े की माँग कर रहा है।
  • A World Without Hunger
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    भुखमरी रहित दुनिया
    12 Oct 2021
    लोग भूखे इसलिए नहीं हैं क्योंकि लोगों की संख्या अधिक है या भोजन की कमी है बल्कि इसलिए हैं क्योंकि दुनिया भर में जीवनयापन के लिए जितने पैसे की जरूरत होती है उतना पैसा कई लोगों के पास नहीं है।
  • chile
    तान्या वाधवा
    चिली के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में कौन-कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार?
    12 Oct 2021
    21 नवंबर को चिली में होने वाले आम चुनावों से पहले हम इस देश में मौजूद विभिन्न मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रमुख राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों, और उनकी ओर से किये गए जा रहे प्रस्तावों पर नज़र डालते…
  • Nobel Peace Prize
    एम.ओबैद
    'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पुरज़ोर समर्थक दो पत्रकारों को 'नोबेल शांति पुरस्कार'
    12 Oct 2021
    सत्ता और विरोधियों से टकराने के चलते पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े पत्रकारों ने अपनी जानें गंवाई हैं। इस बीच विश्व के दो पत्रकारों को मिला नोबेल शांति पुरस्कार उन पत्रकारों की आवाज़ को और शक्ति देगा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License