NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
टीकरी बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर सेवा कर रहे एक किसान की मौत
अधिकारी ने बताया, ‘‘दीपक ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठा आंदोलनकारी किसानों को राशन बांट रहा था। इसी दौरान वह गिरा और उसके सिर में चोट आयी। पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’
भाषा
09 Feb 2021
टीकरी बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर सेवा कर रहे एक किसान की मौत

चंडीगढ़: टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में स्वयंसेवक के तौर पर कार्य कर रहे हरियाणा के रोहतक जिले के 28 वर्षीय किसान की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के कारण सिर में लगी गहरी चोट से मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

झज्जर जिले के असोदा थाने के एसएचओ कुलदीप सिंह ने फोन पर बताया कि दीपक को पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था, सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि दीपक के साथ यह दुर्घटना पांच फरवरी को बहादुरगढ़ बाईपास के पास हुई।

अधिकारी ने बताया, ‘‘दीपक ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठा आंदोलनकारी किसानों को राशन बांट रहा था। इसी दौरान वह गिरा और उसके सिर में चोट आयी। पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’

किसान ने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या की

बांदा (उप्र): बांदा जिले के जसपुरा कस्बे के एक किसान ने सोमवार की रात खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिजन आत्महत्या की वजह आवारा मवेशियों द्वारा खेत में खड़ी फसल को चर जाना बता रहे हैं।

जसपुरा थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जसपुरा कस्बे के रहने वाले किसान सुभाष सिंह (55) का शव मंगलवार सुबह खेत में लगे पेड़ में लगे फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला जिसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

मृत किसान के बेटे राहुल सिंह ने पुलिस को बताया कि 15 बीघे कृषि भूमि के काश्तकार उनके पिता सोमवार की देर शाम फसल की रखवाली करने के लिए खेत गए थे, लेकिन आधी रात तक घर न लौटने पर उनकी खोजबीन की गयी तो शव फांसी के फंदे से लटका मिला जिसकी सूचनी पुलिस को सूचना दी।

किसान के परिजनों के हवाले से पुलिस ने बताया कि तीन दिन में करीब 10-12 बीघे खेत की फसल आवारा मवेशियों द्वारा चर लिए जाने से क्षुब्ध होकर किसान सुभाष सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया है।

Tikri Border
farmers protest
PGIMS

Related Stories

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

किसान आंदोलन ने देश को संघर्ष ही नहीं, बल्कि सेवा का भाव भी सिखाया

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है
    10 Apr 2022
    एक कानून है, गोपनीयता का कानून। पहले से ही है। सरकारी गोपनीयता का कानून। बलिया में वह भंग कर दिया गया। तीन पत्रकारों ने उसे भंग किया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जय श्री राम बनाम जय सिया राम
    10 Apr 2022
    आज रामनवमी है, और इतवार भी। इसलिए ‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं जय श्री राम और जय सिया राम का फ़र्क़ और मर्म बताती मुकुल सरल की यह छोटी सी कविता।
  • worker
    पुलकित कुमार शर्मा
    पिछले तीन सालों में दिहाड़ी 50 रुपये नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई आसमान छू गयी    
    10 Apr 2022
    देश में 30 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण कामगार कृषि और गैर कृषि पेशों से जुड़े हुए हैं। जिनकी दिहाड़ी में पिछले तीन सालों में मामूली सी बढ़ोतरी हुई है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है।  
  • नाइश हसन
    उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां
    10 Apr 2022
    उर्दू अपना पहले जैसा मक़ाम हासिल कर सकती है बशर्ते हुकूमत एक खुली ज़ेहनियत से ज़बान को आगे बढ़ाने में साथ दे, लेकिन देखा तो यह जा रहा है कि जिस पैकेट पर उर्दू में कुछ छपा नज़र आ जा रहा है उस प्रोडक्ट से…
  • शारिब अहमद खान
    नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 
    10 Apr 2022
    केंद्र सरकार द्वारा दोनों चक्रों के विलय के फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले हज़ारों छात्रों को धक्का लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License