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टीकरी बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर सेवा कर रहे एक किसान की मौत
अधिकारी ने बताया, ‘‘दीपक ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठा आंदोलनकारी किसानों को राशन बांट रहा था। इसी दौरान वह गिरा और उसके सिर में चोट आयी। पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’
भाषा
09 Feb 2021
टीकरी बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर सेवा कर रहे एक किसान की मौत

चंडीगढ़: टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में स्वयंसेवक के तौर पर कार्य कर रहे हरियाणा के रोहतक जिले के 28 वर्षीय किसान की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के कारण सिर में लगी गहरी चोट से मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

झज्जर जिले के असोदा थाने के एसएचओ कुलदीप सिंह ने फोन पर बताया कि दीपक को पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था, सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि दीपक के साथ यह दुर्घटना पांच फरवरी को बहादुरगढ़ बाईपास के पास हुई।

अधिकारी ने बताया, ‘‘दीपक ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठा आंदोलनकारी किसानों को राशन बांट रहा था। इसी दौरान वह गिरा और उसके सिर में चोट आयी। पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’

किसान ने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या की

बांदा (उप्र): बांदा जिले के जसपुरा कस्बे के एक किसान ने सोमवार की रात खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिजन आत्महत्या की वजह आवारा मवेशियों द्वारा खेत में खड़ी फसल को चर जाना बता रहे हैं।

जसपुरा थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जसपुरा कस्बे के रहने वाले किसान सुभाष सिंह (55) का शव मंगलवार सुबह खेत में लगे पेड़ में लगे फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला जिसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

मृत किसान के बेटे राहुल सिंह ने पुलिस को बताया कि 15 बीघे कृषि भूमि के काश्तकार उनके पिता सोमवार की देर शाम फसल की रखवाली करने के लिए खेत गए थे, लेकिन आधी रात तक घर न लौटने पर उनकी खोजबीन की गयी तो शव फांसी के फंदे से लटका मिला जिसकी सूचनी पुलिस को सूचना दी।

किसान के परिजनों के हवाले से पुलिस ने बताया कि तीन दिन में करीब 10-12 बीघे खेत की फसल आवारा मवेशियों द्वारा चर लिए जाने से क्षुब्ध होकर किसान सुभाष सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया है।

Tikri Border
farmers protest
PGIMS

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