NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच इमरजेंसी की घोषणा
सरकार ने राजपक्षे के आवास के बाहर हुए प्रदर्शनों के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े एक चरमपंथी समूह को जिम्मेदार ठहराया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2022
sri lanka

कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने द्वीपीय देश के इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक संकट को लेकर देशभर में जारी प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक आपातकाल लगाने की घोषणा की है।

राजपक्षे ने शुक्रवार देर रात एक विशेष गजट अधिसूचना जारी कर श्रीलंका में एक अप्रैल से तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक आपातकाल लागू करने की घोषणा की।

गजट अधिसूचना में राष्ट्रपति ने कहा, ‘मेरी राय में श्रीलंका में सार्वजनिक आपातकाल लागू करना सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ समुदायों के लिए जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के हित में है।’

यह कदम ऐसे समय में भी उठाया गया है, जब आर्थिक संकट से निपटने में सरकार की नाकामी को लेकर द्वीपीय देश में रविवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।

स्वतंत्र थिंकटैंक ‘सेंटर फॉर पॉलिसी ऑल्टरनेटिव्स’ ने आपातकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘प्रतिबंधों से संविधान द्वारा प्रदत्त कुछ मौलिक अधिकार बाधित हो सकते हैं। इनमें अभिव्यक्ति की आजादी से लेकर सभा, आवाजाही, पेशा, धर्म, संस्कृति और भाषा की स्वतंत्रता शामिल है।’

अधिवक्ताओं ने बताया कि ये प्रतिबंध पुलिस को गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की असीम शक्ति देते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों पर उनके क्रियान्वयन के हर 30वें दिन संसद की मंजूरी ली जानी चाहिए।

आपातकाल की घोषणा उस समय की गई है, जब अदालत ने राजपक्षे के आवास के सामने प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों के एक समूह को जमानत देने का आदेश दिया है।

अधिवक्ता नुवान बोपागे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 54 प्रदर्शनकारियों में से 21 को जमानत दे दी गई है, जबकि छह को चार अप्रैल तक के लिए रिमांड पर भेजा गया है और बाकी 27 घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती है।

बोपागे कोलंबो उपनगरीय गंगोडाविला मजिस्ट्रेट की अदालत में मुफ्त सलाह देने के लिए जुटे लगभग 500 अधिवक्ताओं में शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘यह एक बेहद अहम आदेश था। अदालत ने पुलिस से प्रत्येक प्रदर्शनकारी के हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों की पुष्टि करने वाले सबूत पेश करने को कहा था। पुलिस ऐसा नहीं कर सकी।’

सरकार ने राजपक्षे के आवास के बाहर हुए प्रदर्शनों के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े एक चरमपंथी समूह को जिम्मेदार ठहराया था।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि वे किसी राजनीतिक समूह से प्रेरित नहीं हैं और उनका मकसद सिर्फ जनता द्वारा झेली जा रही दुश्वारियों का सरकार के स्तर पर समाधान खोजना है।

प्रदर्शन के हिंसक रूप अख्तियार करने के चलते कई वाहनों को आग लगा दी गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।

Sri Lanka
Emergency in Srilanka
Gotabaya Rajapaksa
Economic crisis in Sri Lanka

Related Stories

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 

कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई

श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता


बाकी खबरें

  • यूएस वॉल्वो के कर्मचारियों ने तीसरे समझौते को ठुकराया, कंपनी एकतरफ़ा लागू करेगी ये समझौता
    पीपल्स डिस्पैच
    यूएस वॉल्वो के कर्मचारियों ने तीसरे समझौते को ठुकराया, कंपनी एकतरफ़ा लागू करेगी ये समझौता
    12 Jul 2021
    प्रस्तावित समझौते पर यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (यूएडब्ल्यू) द्वारा किए गए मतदान में लगभग 3,000 यूनियन सदस्यों में से 60 प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने इसे बेहद अपर्याप्त पाते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।
  • क्यों IBC क़र्ज़ वसूली में बैंकों की मदद नहीं कर पाया है?
    सी.पी.चंद्रशेखर
    क्यों IBC क़र्ज़ वसूली में बैंकों की मदद नहीं कर पाया है?
    12 Jul 2021
    'बल्कि यह पूरी प्रक्रिया बैंकों से बड़े उद्यमियों तक संपदा के हस्तांतरण का एक सुरक्षित उपकरण बन गई है। इनमें से ज़्यादातर बैंक सरकारी हैं। मतलब इनके मालिक भारत के आम नागरिक हैं।'
  • बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में
    12 Jul 2021
    बांग्लादेश की पुलिस ने रूपगंज में एक खाद्य प्रसंस्करण फ़ैक्ट्री में आग लगने के मामले में हत्या के आरोप में कम से कम आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
  • छत्तीसगढ़ : विज्ञापन की शब्दावली पर आपत्ति, वामपंथी पार्टियों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़ : विज्ञापन की शब्दावली पर आपत्ति, वामपंथी पार्टियों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
    12 Jul 2021
    वाम नेताओं ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह विज्ञापन आदिवासी क्षेत्रों के पिछड़ेपन के लिए "वामपंथी" ताकतों को जिम्मेदार ठहराता प्रतीत होता है। इसलिए इस विज्ञापन में प्रयुक्त दक्षिणपंथी शब्दावली को…
  • बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान
    पीपल्स डिस्पैच
    बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान
    12 Jul 2021
    ख़ालिदा जर्रार की बेटी सुहा रविवार को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में रामल्ला के पास अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गई थीं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License