NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
दिल्ली : लॉकडाउन में वेतन में हुई देरी से 20 हज़ार गेस्ट टीचर परेशान!
कोरोना संकट को देखते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 20 मार्च को साफ़ किया था कि सभी गेस्ट टीचर और दिल्ली सरकार के अन्य अस्थायी कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा, लेकिन अभी तक शिक्षकों को उनका वेतन नहीं मिला है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Apr 2020
 गेस्ट टीचर
फाइल फोटो

दिल्ली: कोरोना लॉकडाउन के दौर में भी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हज़ारों शिक्षकों को वेतन नहीं मिला हैं। अप्रैल के 10  दिन बीत जाने के बाद भी मार्च का वेतन नहीं दिया गया, जिसके चलते शिक्षकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली में लगभग 20 हज़ार गेस्ट टीचर्स हैं। जो दिल्ली के एक हज़ार सरकारी स्कूलों में पढ़ाते है। इन टीचर्स को कोई निश्चित मासिक वेतन नहीं दिया जाता है, बल्कि इन्हें दिहाड़ी मज़दूर की तरह प्रतिदिन के आधार पर वेतन दिया जाता है। इनका वेतन इस बात पर निर्भर करता है कि कितने दिन स्कूल खुला और ये शिक्षक कितने दिन पढ़ाने गए।

सामान्य तौर पर इन शिक्षकों को एक महीने 20 से 22 दिनों का ही वेतन मिल पाता है। इसके अलावा इन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त छुट्टिया का भी कोई भुगतान नहीं किया जाता है।

वैश्विक महामारी कोरोना के बचाव में किये गए लॉकडाउन के कारण दिल्ली के सभी स्कूलों में 19 मार्च से ही शिक्षकों की छुट्टी कर दी गई। यानी इन शिक्षकों ने केवल 19 मार्च तक ही काम किया था लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 20 मार्च को साफ किया था कि सभी गेस्ट टीचर्स और बाकी दिल्ली सरकार के अस्थायी कर्मचारियों को भी वेतन दिया जाएगा जो इस लॉकडाउन के कारण काम पर नहीं आ रहे हैं। लेकिन अभी तक शिक्षकों को उनका वेतन नहीं मिला है और कई ऐसे शिक्षक ऐसे भी हैं जिन्हें जनवरी और फरवरी का भी वेतन नहीं मिला हैं। जिसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

ऐसे ही एक गेस्ट टीचर है इशरत जो बीते कई सालो से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रही हैं। उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बतया कि "उन्हें पिछले जनवरी से ही कोई वेतन नहीं मिला है। इसके लिए स्कूल प्रशासन कई तरह के बहाने बनाकर हमारी सैलरी नहीं दे रहा है। कभी कहता है कि बजट नहीं है। बजट आएगा तो सैलरी दे दी जाएगी।"

आगे वो गुस्से में सवाल करती है कि सिर्फ हम गेस्ट टीचरों के लिए बजट नहीं होता है बाकी स्थायी शिक्षकों की सैलरी तो समय पे आ जाती है। जबकि हम किसी भी स्थायी शिक्षक से कम काम नहीं करते बल्कि हम उनसे अधिक ही काम करते हैं। इसके बाद भी हमारी सैलरी समय पर नहीं दी जाती है,जो कि पहले से ही इतनी कम है कि उसमें घर चलाना बहुत मुश्किल है।"

दिल्ली जैसे शहर में कई महीनों तक बिना वेतन के गुजरा करना कितना मुश्किल है। ऐसे में इन शिक्षकों की परेशानी और गुस्सा सहज ही समझा जा सकता है। इशरत की तरह दिल्ली में कई शिक्षक हैं जिन्हें कई माह का वेतन नहीं मिला हैं। दिल्ली में इन गेस्ट टीचर्स के लिए लेट वेतन मिलना, कई-कई स्कूलों में कई महीनों तक वेतन न मिलना यह सब अब बहुत सामान्य हो गया है। परन्तु इस लॉकडाउन में वेतन में देरी से यह शिक्षक बहुत ही परेशान हैं।

2012 से दिल्ली के स्कूलों में गेस्ट टीचर के तौर पढ़ाने वाले और शिक्षकों की मांग को लेकर लगातर आंदोलनों का हिस्सा रहे संजय जोशी ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि "हम शिक्षकों की आय का एक ही स्रोत है, वो है सरकारी वेतन, वो भी इतना मामूली जिसमें बड़ी मुश्किल से दिल्ली जैसे शहर में गुजर बसर हो सके। अगर वो भी हमें समय से न मिले तो आप खुद सोचिए की हमारे लिए कितना मुश्किल है।”
आगे उन्होंने कहा कि "सामान्य स्थिति में तो चलो किसी से उधार लेकर भी काम चला लेते हैं, लेकिन इस लॉकडाउन में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई टीचर के परिवार गांव या दूसरे शहर में रहते हैं, उन्हें उनके लिए भी पैसे भेजने होते हैं, लेकिन इस संकट में कोई भी अपने परिवार की मदद नहीं कर पा रहा है क्योंकि उन्हें खुद ही वेतन नहीं मिला हैं।"

अश्वनी भी दिल्ली में ही गेस्ट टीचर हैं, उन्होंने कहा "जब प्रधानमंत्री ने 24 मार्च को कहा कि आज रात 12 बजे से सब बंद हो रहा है, उसके बाद सभी लोग अपने घरों में सामान स्टॉक करने के लिए दुकानों की तरफ़ भागे, लेकिन हमारे पास मूलभुत ज़रूरी सामान भी खरीद के लाने के लिए पैसे नहीं थे। जो कुछ बचा था अब वो भी ख़त्म हो गया है, अगर जल्द ही वेतन नहीं दिया गया तो हमारे समाने रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।"

गेस्ट टीचर्स की वेतन समय पर न मिल पाने के आलावा भी कई तरह की समस्याएं हैं, जिनपर सरकार कभी ध्यान नहीं देती है। इसको लेकर ये शिक्षक कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं।  

वरिष्ठ वकील अशोक अग्रवाल ने भी गेस्ट टीचर्स को वेतन न दिये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण कहा और दिल्ली सरकार से जल्द ही इन शिक्षकों को वेतन देने के लिए कहा।

सरकार के अधिकारियों का कहना है कि गेस्ट टीचर्स के वेतन के लिए बजट जारी कर दिया गया है और उन्हें जल्द ही वेतन दे दिया जाएगा। इस पर शिक्षकों ने कहा अगर आज हमारा बजट जारी हुआ है तो वेतन मिलने में पांच से सात दिन लग जाएंगे। 

Coronavirus
Lockdown
guest teacher
Delhi Guest Teacher
Arvind Kejriwal
economic crises
AAP
school teachers
Delhi school
BJP
MANISH SISODIA

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान
    पीपल्स डिस्पैच
    बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान
    12 Jul 2021
    ख़ालिदा जर्रार की बेटी सुहा रविवार को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में रामल्ला के पास अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गई थीं।
  • झारखण्ड : फादर स्टैन स्वामी की मौत से जनता में रोष, न्याय के लिए छिड़ी मुहिम
    अनिल अंशुमन
    झारखण्ड : फादर स्टैन स्वामी की मौत से जनता में रोष, न्याय के लिए छिड़ी मुहिम
    12 Jul 2021
    फादर स्टैन स्वामी की मौत के खिलाफ राज्य के गैर भाजपा दलों व संगठनों ने संयुक्त मुहिम शुरू की। स्वामी की हिरासत में मौत की जांच, यूएपीए रद्द करने समेत सभी विचाराधीन राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग…
  • EXCLUSIVE: मोदी सरकार ने मिर्ज़ापुर के किसानों पर डाल दी अकाल की काली छाया!
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: मोदी सरकार ने मिर्ज़ापुर के किसानों पर डाल दी अकाल की काली छाया!
    12 Jul 2021
    मिर्ज़ापुर में किसानों के दुखों की वजह है “नमामि गंगे” पेयजल परियोजना। मोदी सरकार ने खेतों का पानी छीनकर उसे नलों के जरिए गांवों में पहुंचाने की योजना बनाई है। नतीजा, रेगिस्तान में बदलते खेत और सूखी…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से अब तक 3 करोड़ से ज़्यादा लोग रिकवर
    12 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 37,154 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना से अब तक 97.21 फ़ीसदी यानी 3 करोड़ 14 हज़ार 713 लोग रिकवर हो चुके हैं।
  • निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी कम : रिपोर्ट
    दित्सा भट्टाचार्य
    निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी कम : रिपोर्ट
    12 Jul 2021
    यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) की 2019-20 की रिपोर्ट के अनुसार, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का अनुपात तुलनात्मक रू
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License