NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
दिल्ली: कोविड-19 के दौरान 60 प्रतिशत बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को ही मिल पाया पोषाहार
नींव फोर्सेस नेटवर्क के सर्वे से यह बात सामने आई कि कोरोना के दौरान दिल्ली में बच्चों के टीकाकरण में भी बहुत दिक्कत आई और कुल 13 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Feb 2021
दिल्ली: कोविड-19 के दौरान 60 प्रतिशत बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को ही मिल पाया पोषाहार

दिल्ली: कोविड-19 के दौरान छोटे बच्चों और संबंधित सेवाओं की स्थिति पर नींव फोर्सेस नेटवर्क ने दिल्ली की सुंदर नगरी में गुरुवार को परिचर्चा का आयोजन किया।

परिचर्चा में नेटवर्क द्वारा समुदाय स्तर पर किए गए सर्वे के आंकड़ों को प्रस्तुत किया गया जिसमें मुख्य बात यह निकली कि 60 प्रतिशत बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को पोषाहार मिल पाया, 13 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो पाया। आंकड़ों में भी यह पाया गया कि 13 प्रतिशत बच्चों को स्कूल-पूर्व शिक्षा की प्राप्ति और 47 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच हो पाई। चौंकाने वाली बात जो सामने आई वह थी कि पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा सिर्फ 3.5 प्रतिशत लाभार्थियों को ही नसीब हो पाई। इसमें 2.30 प्रतिशत आबादी दिव्यांग है।

इस परिचर्चा में 10 अलग-अलग बस्तियों से 70 प्रतिनिधियों एवं चुने गए जनप्रतिनिधि रामनिवास गोयल, अध्यक्ष दिल्ली विधानसभा, और क्षेत्रीय निगम पार्षद नीलम कोली व सभी हितधारकों ने साथ मिलकर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, पढ़ाई, देखरेख एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

समुदाय से कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। ऐसी ही एक महिला सोनिया जो गाजीपुर बस्ती से आई थीं, उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका प्रसव हुआ और उनकों बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रसव पीड़ा के दौरान उनको अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया जिससे उनके बच्चा घर में ही जन्मा। उन्होंने अपनी व्यथा को व्यक्त करते हुए और सरकारी संस्थाओं की लापरवाही का जिक्र करते हुए आगे बताया कि उनके बच्चे का टीकाकरण भी नहीं हो पाया और अब तक उसका जन्म प्रमाणपत्र भी नहीं बन पाया है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि उनके बच्चे को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का भी लाभ नहीं मिल पाया।

जरीना जो नई सीमापुरी से आईं थीं उन्होंने बताया कि उनके पति को कैंसर है और वह काम नहीं कर पा रहे हैं, उसके तीन बच्चे हैं। और वह लॉकडाउन से पहले घरों में काम कर अपने परिवारों का भरण पोषण कर रही थीं लेकिन अब उसका वह काम भी छूट गया है जिससे उनके परिवार का भरण पोषण और पति का इलाज करवाना मुश्किल हो रहा है।

परिचर्चा में शामिल समुदाय ने अपनी कुछ जरूरी एवं बुनियादी मांगें सामने रखीं। इसमें जल्द से जल्द कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन करते हुए बच्चों को आंगनवाड़ी सेवाओं का पूरा लाभ, राज्य स्तरीय बजट में क्रैश सुविधा के लिए प्रावधान (स्कूल परिसर में, आंगनवाड़ी में या सामुदायिक स्तर पर) हो ताकि कामकाजी महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में आसानी से अपने काम में भागीदारिता दे पायें, शर्तों के बिना मातृत्व हक का सर्वव्यापीकरण हों।

परिचर्चा में मौजूद सभी उपरोक्त मांगें का सभी हितधारकों और जनप्रतिनिधियों ने समर्थन किया और भाग लेने वाले सभी लोगों को आश्वासन दिया कि वह अपने-अपने स्तर पर इन मुद्दों को उठाने का भरपूर प्रयत्न करेंगे।

दिल्ली फोर्सेस नींव, शहरी बस्तियों में कार्यरत 45 स्वयंसेवी संस्थाओं का एक अनौपचारिक समूह है जो दिल्ली की स्लम एवं पुनर्वास 150 बस्तियों में रहने वाले 1,50000 परिवारों के साथ छोटे बच्चों के अधिकारों के लिए सन् 2001 से काम कर रहा है।

COVID-19
Pregnant women
Nutrition

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Women in Afghanistan
    अब्दुल रहमान
    तालिबान के मज़बूत होने के कारण अब अफ़ग़ान महिलाओं के सामने अनिश्चित भविष्य
    11 Aug 2021
    अमेरिका की ओर से अफगनिस्तान पर आक्रमण करने की मुख्य वजह को अफगानी महिलाओं की स्तिथि बताई गई थी। आज जब अमेरिका यहाँ से लौट रहा है और तालिबान दोबारा से सर उठा रहा है, तो ऐसे में आज महिलाओं की स्थिति…
  • मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    11 Aug 2021
    सीपीएम ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण, संदिग्ध संक्रमण, अन्य बीमारियों में इलाज न मिल पाने की वजह से हुयी समस्त मौतों को इस राहत की श्रेणी में लिया जाए।
  • trans
    एनआईएफ तीन अनुवाद फेलोशिप प्रदान करेगा  
    11 Aug 2021
    असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू के अनुवादकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनका चयन भाषा विशेषज्ञ समिति करेगी।
  • सोनिया यादव
    गोरखपुर: बच्चों की मौत के चार साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ़, शायद डॉक्टर कफ़ील ख़ान को मिल जाए!
    11 Aug 2021
    साल 2017 के अगस्त महीने में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कई मासूमों की मौत कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी। तब शासन-प्रशासन ने सारा लापरवाही का ठीकरा डॉक्टर कफ़ील ख़ान पर फोड़ दिया था। अब चार साल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    पराग्वेः हज़ारों डॉक्टरों, किसानों, शिक्षकों और ट्रक चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया
    11 Aug 2021
    विभिन्न क्षेत्र राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनिटेज़ की अतिदक्षिणपंथी सरकार के साथ हुए समझौतों के लागू करने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License