NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन
फ़िलिस्तीन में इज़रायली सेना द्वारा मारी गईं अल-जज़ीरा की पत्रकार शिरीन अबु अकलेह के समर्थन में राजधानी दिल्ली के राजीव चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
रवि शंकर दुबे
13 May 2022
protest

फ़िलिस्तीन और फ़िलिस्तीनियों पर इज़रायल हर दिन ज़ुल्म की नई दास्तां लिख रहा है, कभी लोगों के घर जला दिए जाते हैं, तो कभी लोगों का दमन किया जाता है, और इसके खिलाफ बोलने वाले लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। जिस में सबसे ज्यादा निशाने पर पत्रकार हैं। पिछले दिनों अल-जज़ीरा की वरिष्छ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह जब फ़िलिस्तीनियों पर हो रहे जुल्म को कवर करने पहुंची तो इज़राइल की सेना ने उन्हें बिना कुछ बताए चेहरे पर गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद पूरे देश में लोगों का गुस्सा व्याप्त है।

इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली राजीव चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 6 के पास ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले पत्रकार की हत्या का विरोध किया गया। इसमें ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के जनरल सेक्रेटरी पल्लव सेन गुप्ता समेत ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता शामिल हुए, उनके साथ छात्रों और महिला संगठनों का समूह नज़र आया। इन प्रदर्शनकारियों ने इंकलाब ज़िंदाबाद, इज़राइल मुर्दाबाद, पत्रकारों का सोशण बंद करों जैसे नारे बुदंल किए। प्रदर्शनकारियों ने हिंदुस्तान के पत्रकारों के साथ हो रहे सोशण के खिलाफ भी आवाज़ उठाई।

इस मामले में जब न्यूज़क्लिक ने ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के जनरल सेक्रेटरी पल्लव सेन गुप्ता से बात की तब उन्हें शिरीन अबु अकलेह की मौत पर दुख जताया और कहा कि दुर्भाग्य है कि आज सच दिखाने वालों की हत्या की जा रही है। पल्लव सेन गुप्ता का कहना था कि हम लोग 1936 से फ़िलिस्तीन के पक्ष में खड़े हैं क्योंकि हम लोगों को हिंसा बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की आवाज़ें दबाई जाएंगी तो इस बार हम इज़ाराइल की एंबेंसी के सामने आंदोलन करेंगे। पल्लव सेन गुप्ता ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि यहां भी ऐसा ही किया जा रहा है, सच दिखाने वाले पत्रकारों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब शिरीन की हत्या पर पूरा विश्व बोल रहा है ऐसे में इंडियन प्रेस क्लब की शांति यहां के पत्रकारों के लिए घातक साबित हो सकती है।

ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के एक शांति सदस्य अयूब खान से जब न्यूज़क्लिक ने शिरीन की हत्या के बारे में पूछा, तब उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि जो भी देश शांति पसंद करते हैं, हम सभी इस हत्या की निंद करते हैं। इज़रायल जिस तरह से फिलीस्तियों पर हमला कर रहा है, हत्याएं कर रहा है उसकी निंदा पूरे देश में पूरी दुनिया में होनी चाहिए। ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के तहत हम लोगों को बताना चाहते हैं हम अमनपसंद लोग हैं, इसलिए हम इन हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से प्रदर्शन करने आए सदस्य अरुन कुमार ने भी न्यूज़क्लिक से बात की। उन्होंने कहा कि इज़रायल ने जिस तरह से दुनिया ही नहीं भारत में भी जंग छिड़वाने का प्रोग्राम चला रखा है। हम इसे खत्म करना चाहते हैं। हमार उद्देश्य है गरीबी खत्म करना, दुनिया भर के सामने अलग-अलग बड़ी-बड़ी परेशानियां है, इसी लिए ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेटिरी ऑर्गेनाइज़ेशन ऐसे कृत्यों के खिलाफ हमेशा खड़ी रहती है।

अरुन ने आगे अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर भारत और इज़रायल की तुलना करते हुए कहा कि दोनों ही सरकारों की विचारधारा एक ही है, यही कारण है कि जैसे वहां पत्रकारों के साथ हो रहा है वैसा ही यहां भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे इज़राइल में यहूदी हैं वैसे ही भारत में हिन्दुत्व को बढ़ावा देने वाले सत्ताधीश हैं। ये दोनों ही एक तरह के हैं और लोगों में नफरत फैलाने का काम करते हैं खासकर मुस्लिमों के खिलाफ।

ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के सैकड़ों सदस्यों और कार्यकर्ताओं के साथ छात्रों ने भी अपनी आवाज़ें बुलंद की और इज़राइल में हुई पत्रकार शिरीन की हत्या की निंदा की। इस दौरान न्यूज़क्लिक ने SFI  के सदस्य उत्कर्ष कुमार से बात की। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में दक्षिणपंथी ताकतें मज़बूत हो रही हैं, हिन्दुस्तान में भी सरकार के खिलाफ़ बोलने वाले गिरफ्तार कर लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, क्योंकि शिरीन अमरीकी नागरिक थी इसलिए लोग थोड़ी आवाज़ उठा रहा हैं, लेकिन ऐसे ही न जाने कितने पत्रकार मार दिए जाते हैं, ऐसे ही वहां पर न जाने कितने नागरिक मारे जा रहे हैं, कितने घर तोड़े जा रहे हैं, कितने लोग अंधे हो रहे हैं। लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता। उत्कर्ष ने इन दिनों हिन्दुस्तान में बुल्डोज़र के सहारे अतिक्रमण के नाम हो रहे अत्याचार की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि ये बुल्डोज़र का जो न्याय देखने को मिल रहा है इसका ओरिज़िन इज़राइल से ही आया है। इज़राइल ने फ़िलिस्तीन में बुल्डोज़र की शुरआत की थी, उसी तर्ज पर ये भारत सरकार भी लोगों के घऱों पर इस्तेमाल कर रही है।

प्रदर्शन में आए ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइजेशन के साथ छात्र और महिला संगठन ने साफ कहा है कि अगर इस तरह की घटनाएं फ़िलिस्तीन में होती रहेंगी तो इज़राइली एंबेसी का घेराव किया जाएगा।

Delhi
delhi protest
All India Peace and Solidarity Organization
Palestinian journalist
Shireen Abu Akleh
Human Rights in Palestine
israeli apartheid
Israeli occupation forces
Press freedom

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव


बाकी खबरें

  • जोश क्लेम, यूजीन सिमोनोव
    जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 
    09 Apr 2022
    जलविद्युत परियोजना विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को रोकने में न केवल विफल है, बल्कि यह उन देशों में मीथेन गैस की खास मात्रा का उत्सर्जन करते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकट को बढ़ा देता है। 
  • Abhay Kumar Dubey
    न्यूज़क्लिक टीम
    हिंदुत्व की गोलबंदी बनाम सामाजिक न्याय की गोलबंदी
    09 Apr 2022
    पिछले तीन दशकों में जातिगत अस्मिता और धर्मगत अस्मिता के इर्द गिर्द नाचती उत्तर भारत की राजनीति किस तरह से बदल रही है? सामाजिक न्याय की राजनीति का क्या हाल है?
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे
    09 Apr 2022
    एक तरफ लोगों को जहां बढ़ती महंगाई के चलते रोज़मर्रा की बुनियादी ज़रूरतों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भी अब ज़्यादा से ज़्यादा पैसे खर्च…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...
    09 Apr 2022
    अविश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले देश के नाम अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने दो-तीन बार भारत की तारीफ़ की। हालांकि इसमें भी उन्होंने सच और झूठ का घालमेल किया, ताकि उनका हित सध सके। लेकिन यह दिलचस्प है…
  • ऋचा चिंतन
    डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है
    09 Apr 2022
    चूँकि डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोवैक्सिन के निलंबन के संदर्भ में विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह इसकी प्रभावकारिता एवं सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License