NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
महिलाएं
भारत
राजनीति
दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया
बुधवार को, दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (DAWHU) ने दिल्ली सरकार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और का एक ज्ञापन सौंपा। दिल्ली सरकार पर दबाबा बनाया कि वो यूनियन से बातचीत करे और उनकी समस्या का हल करे। इस यूनियन से पहले भी एक दौर की वार्ता हो चुकी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Mar 2022
anganwadi

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में आगनबाड़ी महिला वर्कर्स एंड हेल्पर्स की कई यूनियनों में से एक, दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (DAWHU) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने ये प्रदर्शन अपनी मांगों के तत्काल समाधान के लिए दबाव बनाने के लिए किया जिसे पहले हुई बातचीत में सरकार द्वारा 'सैद्धांतिक मंजूरी' दी गई थी।

यूनियन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि, “ज्ञात हो कि 21 फरवरी को दिल्ली सचिवालय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों को लेकर हुई वार्ता में आपने (मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने) ज्ञापन में उल्लिखित हमारी अधिकांश मांगों पर अपनी सहमति दी थी . . वार्ता के बाद, हमें उम्मीद थी कि हमारी मांगों का समाधान हो जाएगा।"

यूनियन ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि कर्मचारी गुस्सा हो , क्योंकि वार्ता के इतने दिनों बाद भी अभी तक विभाग की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

पिछले महीने महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की अध्यक्षता में पहले दौर की बातचीत के बाद, DAWHU ने कहा था कि "सैद्धांतिक मंजूरी" के बावजूद, आप सरकार ने कोई लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया है ।

बुधवार को, सीटू के नेतृत्व वाले यूनियन ने दिल्ली सचिवालय तक एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया, जिसे दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। बुधवार को डीएडब्ल्यूएचयू की महासचिव कमला ने कहा, “आप सरकार ने हमारी 17 मांगों में से 15 को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी थी और आगे के विचार के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। हालाँकि, अब तक हमें इस ओर कुछ होता हुआ नहीं दिख रहा है।”

उन्होंने कहा कि उनकी यूनियन आप सरकार से आगे बातचीत की मांग कर रही है। हम जानना चाहते हैं कि हमारी मांगों पर क्या प्रगति हुई है।

पिछले महीने, राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के दबाव में आकर, दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर क्रमशः 12,720 रूपए और 6,810 रूपए कर दिया है।

आईसीडीएस-प्रशासित आंगनवाड़ी योजना के तहत 10,000 से अधिक सरकार द्वारा संचालित डे केयर सेंटर हैं, जो कुल 22,000 आंगनवाड़ी देखभालकर्ताओं के साथ दिल्ली में एक लाख से अधिक बच्चों और महिलाओं का ध्यान रखते है।

वर्तमान में, दिल्ली में, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं है और वो "कर्मचारी" की स्थिति से वंचित हैं। यानी सरकार इन्हें कर्मचारी नहीं मनाती है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 9,698 रुपये और सहायिकाओं को 4,839 रुपये देती हैं।

हड़ताली यूनियन का कहना है कि “हमारी मांग न्यूनतम वेतन लागू करने की थी। लेकिन आपने सहायिका के मामले में मानदेय में केवल 40.73 प्रतिशत और आंगनबाडी कार्यकर्ता के मानदेय में 31.43 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा किया गया दावा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय देश में सबसे ज्यादा है, वह भी सच नहीं है।

इस बीच, बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास एक अन्य संघ, दिल्ली राज्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ (DSAWHU) के नेतृत्व में हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा प्रदर्शन का 31 वां दिन भी था। DSAWHU ने कथित तौर पर CITU के नेतृत्व वाले यूनियन की भागीदारी के कारण सरकार के साथ बातचीत में हिस्सा नहीं लिया, जिसका दावा था कि "वो (सीटू) हड़ताल का हिस्सा नहीं है।"

DSAWHU के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने अब ISBT कश्मीरी गेट पर WCD विभाग के मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर अपनी हड़ताल तेज कर दी है। द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वे सरकार से पिछले सप्ताह जारी एक आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं जिसमें उन्हें काम पर शामिल नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Anganwadi Workers
AAP
aam aadmi party
CITU
workers protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License