NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिल्ली: बढ़ते मौत के आंकड़े के बीच अंतिम संस्कार के लिए किया जा रहा है कुत्तों के श्मशान का इस्तेमाल
राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल में अब तक 4,826 कोविड-19 रोगियों की मौत हो चुकी है। इनमें से 2,500 से अधिक लोगों की मौत बीते सात दिन में हुई हैं। फरवरी में 57 जबकि मार्च में 117 रोगियों की मौत हुई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Apr 2021
दिल्ली: बढ़ते मौत के आंकड़े के बीच अंतिम संस्कार के लिए किया जा रहा है कुत्तों के श्मशान का इस्तेमाल

दिल्ली में पिछले दिनों कोरोना से मौतों का आकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस वजह से श्मशानों में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए 16 से 20 घंटो का इंतज़ार करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को थोड़ा काम करने के लिए द्वारका सेक्टर-29 में बन रहे राज्य के पहले कुत्तों के श्मशान घाट का इस्तेमाल लोगों के अंतिम संस्कार के लिए करने का निर्णय लिया गया है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि श्मशान घाटों में शवों की आमद 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसलिए यहां एक अस्थाई शवदाहगृह बनाया गया है।  

दिल्ली में कोरोना महामारी से मची तबाही का मंजर श्मशान घाटों पर लगातार देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को अपने प्रियजनों के शवों का दाह संस्कार करने के लिए 20-20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

यहां के एक श्मशान स्थल पर मंगलवार को 50 चिताएं जलीं। वहां कई शव पड़े हुए थे और कई अन्य वहां खड़े वाहनों में रखे हुए थे। कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजन अंत्येष्टि के लिए अपनी बारी के लिए प्रतीक्षारत थे।

ये दिल दहला देने वाला दुखद दृश्य नयी दिल्ली के श्मशान स्थलों के हैं।

‘मैसी फ्यूनरल’ की मालकिन विनीता मैसी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने अपने जीवन में कभी ऐसे खराब हालात नहीं देखे। लोग अपने प्रियजनों का शव लेकर भटक रहे हैं। दिल्ली के लगभग सभी श्मशान स्थल शवों से भर चुके हैं।’’

राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल में अब तक 4,826  कोविड-19 रोगियों की मौत हो चुकी है। इनमें से 2,500 से अधिक लोगों की मौत बीते सात दिन में हुई हैं। फरवरी में 57 जबकि मार्च में 117 रोगियों की मौत हुई थी।

अपने प्रियजन या रिश्तेदारों के अचानक से गुजर जाने के गम में डूबे लोगों को यह दुख भी सता रहा है कि वे अपनों को आखिरी विदाई भी नहीं दे पा रहे हैं।

लोग अपने निजी वाहनों या फिर एंबुलेंस से शवों को लेकर श्मशान पहुंच रहे हैं और फिर उन्हें एक के बाद दूसरे और फिर कई अन्य श्मशानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें अपने पिता, माता, बेटे या बेटी का दाह संस्कार के लिए बहुत ही संघर्ष करना पड़ रहा है।

दिल्ली के अशोक नगर इलाके में रहने वाले अमन अरोड़ा के पिता एम एल अरोड़ा की सोमवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

अमन कहते हैं, ‘‘पिता की तबीयत खराब होने के बाद हम उन्हें लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन स्वास्थकर्मियों ने उन्हें छुआ तक नहीं। वे कोरोना की जांच नेगेटिव होने का प्रमाणपत्र मांगते रहे। इस तरह से उनकी मौत हो गई।’’

उनका कहना है कि पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर श्मशान घाट के कर्मचारियों ने सोमवार दोपहर को उन्हें बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह ही हो पाएगा।

श्मशान में लकड़ी की कमी को लेकर महापौर ने लिखी चिठ्ठी

कोरोना से मौत के मामलों में हो रही तेज वृद्धि के कारण निगम द्वारा संचालित श्मशानों में चिता की लकड़ियों की कमी के बीच उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुरोध किया कि वह वन विभाग को इन श्मशानों में लकड़ियों की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दें। साथ ही उन्होंने शवों को लाने के लिए करीब 100 शव वाहन की समय रहते व्यवस्था हो इसके लिए दिल्ली सरकार तुरंत प्रभावी कदम उठाने का आग्रह भी किया।

प्रकाश ने केजरीवाल को चिट्ठी में लिखा, “आपसे अनुरोध है कि वन विभाग को बिना किसी रुकावट के इन श्मशानों में लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दें।”

कोविड-19 महामारी के दूसरे दौर में न केवल अस्पतालों जबकि श्मशानों में भी कतारें लगी हुई हैं। शवों की संख्या इतनी ज्यादा है कि श्मशानों को उनके अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त चबूतरे बनाने पड़ रहे हैं।

प्रकाश ने पत्र में लिखा, 'कृपा करके वन विभाग को उचित निर्देश दें ताकि श्मशान निर्बाध तरीके से अपना काम जारी रख सकें और शोकाकुल परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।'

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

cartoon click
Irfan ka cartoon
COVID-19
Corona in Delhi
Corona Deaths

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    आप ने भगवंत मान को बनाया सीएम उम्मीदवार, चुनाव आयोग पर भेदभाव का आरोप और अन्य ख़बरें
    18 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी आम आदमी पार्टी का भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार घोषित करने पर , चुनाव आयोग की कार्रवाइयों पर उठते सवाल और अन्य ख़बरों पर।
  • up elections
    अजय कुमार
    5 साल के कामकाज में महंगाई और मज़दूरी के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी तरह से फेल!
    18 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश और पंजाब में 5 साल में रोजगार पहले से भी कम हुआ है। बेरोजगारी बढ़ी है। महंगाई बढ़ी है। कमाई कम हुई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: क्या कोरोना के नए मामलों में आई है कमी? या जाँच में कमी का है असर? 
    18 Jan 2022
    दिल्ली में अचानक कोरोना मामलों में कमी आई है। आखिर केस कम होने के पीछे क्या कारण है? क्योंकि इस बीच कोरोना जाँच में भी भारी कमी हुई है। आँकड़े बताते हैं कि जाँच की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
  • BJP
    रवि शंकर दुबे
    बीजेपी में चरम पर है वंशवाद!, विधायक, मंत्री, सांसद छोड़िए राज्यपाल तक को चाहिए परिवार के लिए टिकट
    18 Jan 2022
    यूपी विधानसभा चुनावों से पहले इन दिनों बीजेपी के भीतर जमकर बवाल चल रहा है। हर नेता अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांग रहा है, ऐसे में बीजेपी ने कुछ की ख्वाहिशें तो पूरी कर दी हैं, लेकिन कुछ…
  • Asaduddin Owaisi
    अजय गुदावर्ती
    राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता के बारे में ओवैसी के विचार मुसलमानों के सशक्तिकरण के ख़िलाफ़ है
    18 Jan 2022
    मुसलमानों के सामाजिक बस्तीकरण के खिलाफ और उनकी आर्थिक गतिशीलता के लिए निरंतर अभियान, जो एआइएमआइएम और उसके नेताओं की राजनीति से परे है, के जरिए ही देश की अल्पसंख्यक राजनीति सही दिशा में आगे बढ़ेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License