NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली : स्थाई पद की मांग को लेकर डीबीसी कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
हड़ताली कर्मचारियों ने साफ़ किया कि आम आदमी पार्टी हो या बीजेपी जो भी नगर निगम चुनाव से पहले उनके लिए काम करेगा उनका वोट उसी को जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Feb 2022
DBC workers

दिल्ली में डेंगू, मलेरिया चिकनगुनिया जैसे मच्छरों के प्रजनन की जाँच करने और रोकने के लिए काम करने वाले तीन नगर निगमों के सैकड़ों कर्मचारी अपने पदों को तत्काल नियमित करने की मांग को लेकर आज सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस तरह की हड़ताल 2017 में भी हुई थी जिसके बाद प्रशासन ने यूनियन से लिखित वादा किया था लेकिन आज भी वो वादा पूरा नहीं हुआ है।

राष्ट्रीय राजधानी में 3,500 डीबीसी यानी डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स हैं, जो तीन नगर निगमों - उत्तर, दक्षिण और पूर्व में अनुबंध(कॉन्ट्रेक्ट) के आधार पर कार्यरत हैं। सोमवार को, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) समर्थित एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन (एएमईकेयू) के नेतृत्व में कर्मचारी ने अपनी मांगों को लेकर सेंट्रल दिल्ली स्थति नगर निगम मुख्यालय सिविक सेंटर के बाहर हड़ताल और प्रदर्शन शुरू कर दिया है ।

यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा ने सोमवार को कहा, "2017 में हड़ताल के बाद हमें एक नियमित पद का आश्वासन दिया गया था। पिछले साल भी मेयर और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने हमें इसी तरह का आश्वासन दिया था।"

उन्होंने कहा कि इस तरह के कई आश्वासनों के बावजूद, डीबीसी कार्यकर्ता एक नियमित कर्मचारी के लाभों से वंचित हैं, जिसमें अन्य बातों के अलावा, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के तहत कवरेज के साथ-साथ मासिक वेतन में वृद्धि भी शामिल है।

शर्मा ने दुःख जताते हुए कहा, “हम में से कई ऐसे हैं जो पिछले 26 वर्षों से कार्यरत हैं। लेकिन कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।"

पिछले साल भी एएमईकेयू ने निगम के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें उनकी मांगों को सूचीबद्ध किया गया था।

ग़ौरतलब है कि डीबीसी कार्यकर्ताओं की ताजा हड़ताल ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजधानी अपने तीन नगर निगमों के 272 वार्डों के चुनाव के लिए तैयार हो रही है। चुनाव इस साल अप्रैल में होने हैं।

ऐसे में डीबीसी कार्यकर्ताओं के नियमितीकरण के मुद्दे ने भी अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सियासी जंग छेड़ दी है। वर्तमान में बीजेपी ही दिल्ली में तीनों निगमों पर शासन कर रही है।

पिछले हफ्ते आप ने वादा किया था कि एमसीडी में सत्ता में आने पर वह तीनों नगर निकायों के डेंगू ब्रीडिंग चेकिंग (डीबीसी) कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को नियमित करेगी। तब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप नेता सोमनाथ भारती ने डीबीसी कार्यकर्ताओं का 15 साल तक "शोषण" करने के लिए बीजेपी पर निशाना साधा था ।

इस बीच, दक्षिण दिल्ली के मेयर मुकेश सूर्यन ने भी कर्मचारियों को भविष्य में स्थाई करने की बात कही है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है, "कर्मचारियों को सिर्फ 26 वर्षों से चुनावी 'लॉलीपॉप' दिया जा रहा है हमारे स्थाई पद को लेकर न ही निगम चिंतित है न दिल्ली सरकार, अब दिल्ली सरकार चुनाव के समय हमें सुनहरे सपने दिखा रही है।"

तीनों दिल्ली नगर निगम में डीबीसी कर्मचारियों का बुरा हाल 

लगातार 26 वर्षों से कार्यरत डीबीसी कर्मचारी दिल्ली में हर तरह की महामारी से लड़ने के लिए फ्रंट लाइन में रहते हैं। 1996 से आज तक लगातार डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया ,पीलिया, हैजा और पिछले 2 वर्षों से कोरोना (कोविड-19) के दौरान अपनी जान को जोखिम में डालकर लगातार बिना कोताही किए कार्य को बेहतरीन तरीके से करते आ रहे हैं।

यूनियन का कहना है कि कई कर्मचारी अपनी जान भी गंवा बैठे हैं। कई रिटायर हो चुके हैं। कोरोना में कई साथियों की मृत्यु भी हुई लेकिन निगम का दिल फिर भी नहीं पसीजा और ना ही उनके परिवार के लिए कुछ किया गया जो कि शर्मनाक है।

उन्होंने आगे कहा कि लगातार डीबीसी कर्मचारियों की मांग को लेकर एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन ने कई बार निगम से बातचीत भी की, प्रदर्शन भी किए लेकिन 26 वर्षो के बीत जाने के बाद भी, तीनों निगम कमिश्नर के मीटिंग मिनट्स बन जाने के बाद भी, हाईकोर्ट से आर्डर हो जाने के बाद भी निगम को रहम नहीं आया है।

प्रशासन के आश्वासनों से आहत कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें कोई भी पद नहीं दिया गया है जबकि तीनों निगम में डीबीसी कर्मचारी लगभग 25 तरह के कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, "निगम के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से लेकर हाउस टैक्स कलेक्शन, पॉल्यूशन ड्यूटी और डोर टू डोर सर्वे जो डीडीए द्वारा प्रधानमंत्री योजना के तहत करवाए गए और ना जाने कितने तरह के काम निगम के आदेश पर करवाये गए, जो दिल्ली की गंभीरता से जुड़े हैं। इन सब कामों के लिए हमेशा डीबीसी कर्मचारी अपने आप को हर आग में झोंकने के लिए तैयार रहे हैं।"

हड़ताली कर्मचारियों ने साफ़ किया कि दिल्ली सरकार हो या दिल्ली नगर निगम, जो भी चुनाव से पहले उनके लिए काम करेगा उनका वोट उसी को जाएगा।

दिल्ली सीटू के महासचिव अनुराग सक्सेना ने कहा कि डीबीसी कार्यकर्ताओं के मुद्दे को तुरंत हल करने के लिए नगर निगमों और दिल्ली सरकार को एक-दूसरे के साथ “समन्वय” करना चाहिए। तब तक कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।

सक्सेना ने कहा, "नगरपालिका चुनाव से पहले, हम देखेंगे कि कौन सी पार्टियां हमारी मांगों को पूरा करने के लिए सहमत हैं।"

DBC
DBC workers
DBC Workers protest
Delhi Municipal Corporation
BJP
AAP
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License