NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
दिल्ली: महिला मज़दूर से सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता झारखंड की रहने वाली है और दो साल पहले ही दिल्ली में मजदूरी करने के लिए आई थी। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में महिला सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Aug 2020
दिल्ली: महिला मज़दूर से सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा के तमाम दावों के बीच आए दिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सुर्खियों में हैं। हाल ही में पश्चिम विहार में 12 साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या की कोशिश का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ था कि अब सरोजनी नगर इलाके में निर्माणाधीन इमारत में एक महिला मजदूर से सामूहिक दुष्कर्म का नया मामला सामने आया है। इस वारदात ने एक बार फिर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीड़िता 20 साल की श्रमिक महिला है, जो झारखंड से दो साल पहले ही दिल्ली में मजदूरी करने के लिए आई थी। वह इन दिनों नेताजी सुभाष नगर स्थित कालेज में बन रही इमारत में काम कर रही थी। साथ ही इमारत परिसर में ही झुग्गी बनाकर रहती थी।

लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार ये घटना मंगलवार, 25 अगस्त की है। बताया जाता है कि रात को वह अपनी झुग्गी में सो रही थी। तभी निर्माणाधीन इमारत का काम देख रहा अजय मुनीम अपने साथियों सरफराज, सोफी शेख और मैदुर खान के साथ पीड़िता की झोपड़ी में घुसा। फिर उन्होंने चाकू की नोक पर पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

पीड़िता ने बुधवार सुबह सरोजनी नगर थाने में अपने साथ हुए वारदात की जानकारी दी जिसके आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म एवं धमकानी की धारा में एफआईआर दर्ज कर लिया। इसके साथ ही भागने की तैयारी कर रहे चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही राजधानी में बने सबसे बड़े कोविड सेंटर से भी नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म की खबर सामने आई थी। विपक्ष ने तब जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि उसके कई और छिट-पुट घटनाएं भी सामने आईं, जो तूल न पकड़ सकीं।

मालूम हो कि दिल्ली में कानून व्यवस्था यानि लॉ एंड ऑर्डर केंद्र सरकार के अधीन है। इसे लेकर कई बार केंद्र और राज्य सरकार के बीच तकरार भी देखने को मिली है। इस साल के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी महिला सुरक्षा सभी पार्टियों के मेनिफेस्टो में मुख्य रूप से शामिल था।

आख़िर निर्भया के बाद क्या बदला?

गौरतलब है कि 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद जन सैलाब सड़कों पर उमड़ा था। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर बड़े-बड़े वादे हुए, कानून में संशोधन हुए, सरकार बदली लेकिन दिल्ली में महिलाओं की स्थिति जस की तस बनी रही।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में निर्भया के बाद रेप के मामलों में 176% का हुआ इजाफा हुआ है। साल 2012 में दिल्ली में रेप के 706 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 की 15 नवंबर तक ही 1 हजार 947 मामले दर्ज हो चुके हैं।

जब साल 2015 में आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी, तो उसने महिलाओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया था। उस साल के आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़, पूरे भारत में दिल्ली में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए थे। रॉयटर्स के साल 2017 के एक वैश्विक पोल के मुताबिक़ महिलाओं के यौन शोषण के मामले में दिल्ली का पूरी दुनिया में सबसे बुरा हाल है।

हालांकि केजरीवाल सरकार का दावा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने 'मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना' और सरकारी बसों में मुफ्त सफर जैसी पहल की, जिससे अब पहले के मुकाबले दिल्ली में महिलाएं ज्यादा सहुलियत महसूस करती हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि महिलाओं के लिए आज भी राजधानी की तस्वीर कुछ खास नहीं बदली है।
 

Delhi
gang-rape of women laborers
delhi police
NCRB
Arvind Kejriwal
AAP Govt
law and order
central govt
women safety

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

ख़बरों के आगे पीछे: हिंदुत्व की प्रयोगशाला से लेकर देशभक्ति सिलेबस तक

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में

यूपी : ‘न्यूनतम अपराध’ का दावा और आए दिन मासूमों साथ होती दरिंदगी!


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License