NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
कानून
कोविड-19
भारत
अकेले ड्राइविंग करते हुए भी मास्क पहनना अनिवार्य है : दिल्ली उच्च न्यायालय
अदालत ने कहा कि अगर किसी वाहन में केवल एक व्यक्ति बैठा है तो उसे भी सार्वजनिक स्थान माना जाएगा।
भाषा
07 Apr 2021
Delhi High Court
फोटो साभार: आईएएनएस

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान चेहरे को ढकना ‘सुरक्षा कवच’ की तरह है और निजी वाहन में ड्राइविंग करते हुए अकेले होने के बावजूद भी मास्क पहनना अनिवार्य है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने निजी वाहन में अकेले ड्राइविंग करते हुए मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने के दिल्ली सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से भी इनकार करते हुए कहा कि अगर किसी वाहन में केवल एक व्यक्ति बैठा है तो उसे भी सार्वजनिक स्थान माना जाएगा।

अदालत ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के संदर्भ में मास्क पहनना अनिवार्य है।’’ अदालत ने कहा कि मास्क पहनना जरूरी है चाहे किसी व्यक्ति ने टीका लगवा रखा हो या नहीं।

न्यायमूर्ति सिंह ने वकीलों की उन चार याचिकाओं को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां की जिनमें अकेले निजी वाहन चलाते हुए मास्क न पहनने के लिए भी ‘चालान’ काटने को चुनौती दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मास्क पहनना कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह है।’’ अदालत ने कहा कि मास्क व्यक्ति की रक्षा करता है और साथ ही उस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की भी रक्षा करता है।

उसने कहा कि चेहरे पर मास्क पहनना ‘‘ऐसा कदम है जिसने महामारी के दौरान लाखों लोग की जान बचाई।’’

अदालत ने कहा, ‘‘वकील होने के नाते याचिकाकर्ताओं को महामारी को फैलने से रोकने के लिए इन कदमों को लागू करने में मदद करनी चाहिए न कि इसकी वैधता पर सवाल उठाने चाहिए।’’

उसने कहा कि वकीलों द्वारा इन कदमों का पालन करने से आम जनता भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होगी।

सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील फरमान अली माग्रे ने अदालत को बताया कि उसने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है जिसमें लोगों को कार में अकेले बैठे रहने के दौरान भी मास्क पहनने के लिए कहा गया है।

मंत्रालय ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और दिल्ली सरकार को इस पर फैसला लेना है।

दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया था कि पिछले साल अप्रैल में एक आदेश के जरिए किसी आधिकारिक या निजी वाहन में ड्राइविंग करते वक्त मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था और यह अब भी लागू है।

साथ ही उसने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने निजी वाहन को सार्वजनिक स्थान बताया था।

ट्रैफिक सिग्नल पर विवाद में दिल्ली नागरिक रक्षा के तीन कर्मी घायल

दिल्ली में मास्क नहीं पहनने के सिलसिले में दिल्ली नागरिक रक्षा के कर्मियों के एक ट्रैफिक सिग्नल पर मोटरवाहन चालक को अचानक रोकने से एक अन्य व्यक्ति की कार में दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी। इसके बाद हुए विवाद में दिल्ली नागरिक रक्षा के तीन कर्मी घायल हो गये। पुलिस ने मंगलवार को इस बारे में बताया।

पुलिस ने बताया कि कोविड-19 के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाते समय मास्क नहीं पहनने के लिए 2,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इन कर्मियों के पास जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं है बल्कि उन्हें पुलिस के साथ सहयोग करते हुए नियमों का पालन कराना है।

पुलिस ने बताया कि सोमवार दोपहर दक्षिण दिल्ली के हौज खास में जितेश डागर इस विवाद में कूद पड़े और घायल हो गये।

पुलिस ने बताया कि आईआईटी गेट के पास सिग्नल पर हुई घटना में तीन वाहन शामिल थे।

उन्होंने बताया कि हरी बत्ती के जलते ही दिल्ली नागरिक रक्षा के कर्मियों ने एक कार के ड्राइवर को मास्क नहीं पहनने की वजह से जुर्माना लगाने के लिए रोका।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि नतीजतन ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया जिससे जितेश डागर की कार उसके वाहन से टकरा गयी। वाहन के अचानक रुकने के कारण डागर की कार को पीछे की भी एक कार ने टक्कर मार दी।

उन्होंने बताया, ‘‘डागर अपनी कार से उतरे और दिल्ली नागरिक रक्षा के कर्मियों से उलझ पड़े। इसके बाद कर्मियों ने कथित रूप से उन पर बेल्ट से वार किया।’’

पैदल यात्री घटनास्थल पर जमा हो गये और उन्होंने डागर के साथ मिलकर कथित रूप से नागरिक रक्षा कर्मियों पर हमला किया जिससे तीन कर्मी घायल हो गये। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने कहा कि घायल व्यक्तियों की चिकित्सकीय-कानूनी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है और घायलों का बयान दर्ज किया जा रहा है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि घटना के संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

ठाकुर ने बताया कि एक प्राथमिकी दिल्ली नागरिक रक्षा कर्मियों की ओर से दर्ज की गयी है और दूसरी शिकायत डागर ने दर्ज करायी है। उन्होंने बताया, ‘‘मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जायेगी और जांच जारी है।’’

Delhi High court
Coronavirus
Mask compulsory

Related Stories

नौसेना लीक मामला: सीबीआई ने नौसेना के दो कमांडर के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया

न्यायालय ने पत्रकार कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य के बाहर भेजने का योगी सरकार को दिया निर्देश

महाराष्ट्र रेमडेसिवीर मामला : भाजपा पर उठे गंभीर सवाल?

दिल्ली: सबसे बड़े कोविड सेंटर में दुष्कर्म का मामला, आख़िर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

अन्याय में लिपटा योगी का रामराज, इंडिगो में कर्मचारियों की छँटनी और अन्य

यूपी: चित्रकूट में काम के बदले मासूम बच्चियों का यौन शोषण!

आवाज़ का असर : कानपुर शेल्टर होम मामले में प्रोबेशन अधिकारी सस्पेंड, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी डिटेल एक्शन रिपोर्ट

सावधान! कोरोना संकट के बीच साइबर क्राइम भी रफ्तार पकड़ रहा है!

कोरोना से ज़्यादा ख़तरनाक है बलात्कार पितृसत्ता का वायरस

लॉकडाउन में भी महिलाओं, बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ी, दिल्ली हाईकोर्ट सख़्त, तत्काल कार्रवाई के आदेश


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License