NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार और यूपी पुलिस की गिरती साख!
‘सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा' मोटो के साथ इनदिनों यूपी पुलिस आम लोगों की छोड़िए कानून की रक्षा भी नहीं कर पा रही। दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना सूचना दिल्ली से गिरफ़्तारी के एक मामले में यूपी पुलिस को जमकर फटकार लगाते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
सोनिया यादव
29 Oct 2021
UP Police
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

उत्तर प्रदेश पुलिस आए दिन अपने कारनामों को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है। कभी गाड़ी पलटने के बाद एनकाउंटर हो, या पीड़ित को और प्रताड़ित करने का मामला। कभी पिस्तौल की जगह मुंह से ठांय-ठांय बोलकर हीरो बनते दारोगा हों या फिर कथित लव जिहाद के केस में सुपर एक्टिव अंदाज़ में प्रेमी जोड़ों को पकड़ कर केस करना हो, इन सब मामलों में यूपी पुलिस ‘सदैव तत्पर’ रहती है। अपराध, विवाद में कानून का सही ढ़ंग से पालन हो रहा है या नहीं इससे यूपी पुलिस को शायद कोई फर्क नहीं पड़ता। तभी तो इलाहाबाद हाईकोर्ट की कई बार फटकार के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को अपहरण के एक मामले में तगड़ी झाड़ लगाई है।

बता दें कि यूपी पुलिस ने अपहरण के एक मामले में दिल्ली से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि ऐसा करते हुए उसने कानून का सही ढंग से पालन नहीं किया। दिल्ली हाईकोर्ट में जब मामला पहुंचा तो कोर्ट ने यूपी पुलिस की इस कार्रवाई को ‘अवैध’ बताते हुए यह तक कह डाला कि ऐसा यूपी में चलता होगा यहां नहीं।

क्या है पूरा मामला?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मामला दिल्ली के एक व्यक्ति और यूपी की एक महिला से जुड़ा है। दोनों ने इसी साल 1 जुलाई को परिजनों की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। लड़की के परिवार ने इसकी शिकायत यूपी पुलिस को कर दी और अपहरण का आरोप लगाकर मामला दर्ज करा दिया गया। इसके बाद यूपी पुलिस ने दिल्ली आकर लड़के के पिता और भाई को उनके दिल्ली स्थित घर से उठा लिया। ये कार्रवाई बीती 6 अगस्त की देर रात की गई थी। अब इसी गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार, 28 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।

लाइव लॉ के मुताबिक इसे लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने यूपी पुलिस से साफ कहा कि इस तरह की ‘अवैध’ कार्रवाई देश की राजधानी में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली में इन सब की इजाजत नहीं दी जाएगी। आप यहां गैर-कानूनी कार्य नहीं कर सकते हैं।

मालूम हो कि नव-विवाहित जोड़े ने कोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने लड़की के परिजनों की इच्छा के विरुद्ध एक जुलाई 2021 को शादी की थी। जोड़े के अनुसार उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और लड़के के भाई तथा पिता को यूपी पुलिस करीब डेढ़ महीने पहले गिरफ्तार करके ले गई थी और उनका कोई पता नहीं चल रहा है।

पुलिस महिला तक तो पहुंची नहीं, फिर परिजनों की गिरफ़्तारी को क्यों दौड़ पड़ी?

इस मामले में तथ्यों की पड़ताल करने के बाद कोर्ट ने यूपी के एसएचओ शामली को निर्देश दिया है कि वे पूरी केस फाइल के साथ न्यायालय के समक्ष उपस्थित हों। अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तथ्यों का पता लगाये बिना और यह पता किए बिना कि पक्षकार बालिग हैं या नाबालिग, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां की गईं। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि पुलिस महिला तक तो पहुंची नहीं, लेकिन उसके पति के पिता और भाई को गिरफ़्तार करने के लिए जरूर दौड़ पड़ी।

कोर्ट ने ये भी कहा कि इस केस में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हर कदम पर क़ानून का उल्लंघन किया है। जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने यूपी पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि वो कोर्ट के सामने शामली रूट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग रखे ताकि पता चले कि असल में गिरफ्तारी कहां से की गई।

उन्होंने कहा, “मैं सारे सीसीटीवी निकलवा लूंगी और अगर मुझे ये मिल गया कि शामली पुलिस दिल्ली आई थी तो मैं आप सबके खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वाली शुरू करवा दूंगी।”

जस्टिस गुप्ता ने कहा कि मामले में किसी भी अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस को क़ानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। पीठ ने कहा कि यह एक सामान्य कानून है कि याचिकाकर्ता नंबर 2 के पिता और भाई को दिल्ली पुलिस को बताए बिना उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और ले नहीं जाया जा सकता।

‘आप अपनी मर्ज़ी से किसी को भी उठाकर नहीं ले जा सकते'

अदालत की फटकार इसके बाद भी जारी रही। कोर्ट ने आगे कहा, “अगर आप बिल्कुल आंख बंद करके और दिमाग़ बंद करके काम करते हैं तो इसका हमारे पास कोई इलाज नहीं। आप अपनी मर्ज़ी से किसी को भी उठाकर नहीं ले जा सकते। यही क़ानून कहता है ना?”

इससे पहले मंगलवार, 26 अक्टूबर जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने दंपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि यह एक अति सामान्य कानून है कि दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसे सूचित किए बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।

तब जस्टिस मुक्ता ने पारित आदेश में कहा था, “कोई यह समझ नहीं पाया कि याचिकाकर्ता नंबर एक बालिग है और उसने अपनी मर्जी से अपने माता-पिता का घर छोड़ा है और उसने याचिकाकर्ता नंबर 2 से शादी की है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 366 और धारा 368 के तहत अपराध कैसे बनता है।"

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

यूपी पुलिस की कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस का भी एक पक्ष है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक यूपी पुलिस ने उसे बताया था कि महिला की मां की शिकायत पर उसने दिल्ली से दो लोगों की गिरफ़्तारी की थी, लेकिन इस कार्रवाई से पहले उसने दिल्ली आने की सूचना यहां की पुलिस को नहीं दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक महिला की उम्र 21 साल है। यानी वो नाबालिग नहीं है।

अदालत में जब महिला की उम्र पर सवाल उठे तो कोर्ट ने यूपी पुलिस को और फटकार लगाते हुए कहा, “अगर आपको और आपके जांच अधिकारी को नहीं पता कि जांच कैसे की जाती है तो इसका कोई इलाज मेरे पास नहीं है।”

सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को तुरंत महिला का बयान लेने का निर्देश दिया। ये भी कहा कि कोर्ट यूपी पुलिस को महिला को अपनी ज्यूरिस्डिक्शन से बाहर ले जाने नहीं देगी।

जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने कहा, "आप वहां (यूपी में) ले जाकर प्रताड़ित नहीं कर सकते। मैं उनको यहां दिल्ली के क्षेत्राधिकार से नहीं जाने दूंगी।"

यूपी पुलिस की गिरती साख

गौरतलब है कि यूपी पुलिस अक्सर ही अपनी कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहती है। बीते साल ही बहुचर्चित हाथरस कांड में भी पुलिस की भूमिका पर कई सवाल खड़े हुए थे। तब भी पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप था। घटना के 10 दिन बाद तक पुलिस ने किसी की गिरफ़्तारी नहीं की थी। इतना ही नहीं पुलिस और प्रशासन पर पीड़िता के परिवार की सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार किए जाने का भी गंभीर आरोप है।

योगी सरकार महिला सुरक्षा के मोर्चे पर तो लगातार विफल नज़र ही आती है लेकिन बीते कुछ समय में खस्ता कानून व्यवस्था और शासन-प्रशासन की पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश, बलात्कार और हत्या जैसे संवेदशील मामलों में एक अलग ही ट्रैंड सेट करता दिखाई पड़ रहा है। प्रदेश में कथित लव जिहाद के ख़िलाफ़ नए कानून के तहत कई मामले दर्ज हुए, कुछ में लोगों की गिरफ़्तारी भी हुईं। हालांकि कुछ कट्टरवादी हिंदू संगठनों का दबाव, पुलिस की अतिसक्रियता और बीते समय के गड़े मुर्दे उखाड़ने की कोशिश के चलते ये मामले सवालों के घेरे में ही रहे। कई बार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद पुलिस के साथ-साथ सरकार को भी लताड़ लगाई, लेकिन इन सब के बावजूद यूपी पुलिस अपनी छवि रोज बद से बदतर करवाती जा रही है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: अवैध धर्मांतरण कानून के तहत दर्ज हो रहे मामले विवादों में क्यों हैं?

Delhi High court
Justice Mukta Gupta
UP police
Love Marriage

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!


बाकी खबरें

  • women in up
    एकता वर्मा
    लड़कियां कोई बीमारी नहीं होतीं, जिनसे निजात के लिए दवाएं बनायी और खायी जाएं
    20 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के कुछ इलाक़ों में ऐसी दवाइयां बेची जा रही हैं, जो गर्भ में पल रहे भ्रूण को नर-भ्रूण में विकसित करने की गारंटी दे रही हैं। सरकारी महकमा हाथ पर हाथ रखे बैठा है और अंधविश्वास व अज्ञानता ने…
  • ग्राउंड रिपोर्ट; जहांगीरपुरी अतिक्रमण हटाओ अभियान: नफ़रत की राजनीति से प्रेरित मेहनतक़श विरोधी क़दम!
    मुकुंद झा
    ग्राउंड रिपोर्ट; जहांगीरपुरी अतिक्रमण हटाओ अभियान: नफ़रत की राजनीति से प्रेरित मेहनतक़श विरोधी क़दम!
    20 Apr 2022
    किस तरह से कही जाए जहांगीरपुरी की कहानी। यहां के लोगों ने पहले धर्म के नाम पर हिंसा झेली। फिर अतिक्रमण के नाम पर अपने घर-दुकान खो दिए। हमने न जाने कितनी ऐसी दास्तानें सुनीं कि आंसू निकल जाएं। और साथ…
  • सत्यम् तिवारी
    महंत ने भगवानपुर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, कहा ‘उत्तराखंड बन रहा कश्मीर’
    20 Apr 2022
    डाडा जलालपुर हिंसा मामले में एसडीएम, सीईओ, और एसपी की मौजूदगी में भगवानपुर टोल प्लाज़ा पर हनुमान चालीसा का पाठ कर काली सेना ने कहा कि अगर मस्जिद के इमाम की गिरफ़्तारी नहीं हुई तो उनके ‘सैनिक’ उग्र…
  • लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी
    एम.ओबैद
    लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी
    20 Apr 2022
    इसके चलते गांव के लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों में हड्डियों और जोड़ों की परेशानी के साथ-साथ दांतों की बीमारी आम बात है।
  • jahangirpuri
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्डोज़र के बहाने भाजपा सरकार बच रही है सवालों से!
    20 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज अभिसार बात कर रहे हैं जहांगीरपुरी में हुई बुलडोज़र कार्यवाही पर। साथ ही वे बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License