NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
भारत
राजनीति
दिल्ली: तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर
हिंदूराव दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है जिसकी बिस्तरों की क्षमता 900 है और इस समय यह कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए समर्पित है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Oct 2020
हिंदू राव अस्पताल

दिल्ली: उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी एक बार फिर हड़ताल पर हैं। यहां के स्टॉफ को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। गौरतलब है कि इस अस्पताल में हड़ताल और कामबंदी आम बात हो गई है। ताजा मामला रविवार से चल रही पूर्ण हड़ताल का है। यहां के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रशासन द्वारा उनका वेतन जारी न किए जाने के बाद रविवार से अपनी सेवाएं रोक दी है। इससे पहले आरडीए ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि अगर प्रशासन ने 48 घंटे के अंदर उनके वेतन का भुगतान नहीं किया तो वे सेवाएं रोक देंगे। यह समय सीमा रविवार की सुबह को समाप्त हो गई।  

IMG-20201012-WA0030.jpg

आरडीए के अध्यक्ष अभिमन्यु सरदाना ने कहा, '200 से अधिक रेजीडेंट डॉक्टर और 300 से अधिक नर्सिंग कर्मचारी पांच अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। प्रशासन ने पिछले तीन महीने से हमें वेतन नहीं दिया है। ऐसे में कार्य जारी रखना बेहद कठिन है।'

इससे पहले शनिवार को दिल्ली सरकार ने हिंदू राव अस्पताल के सभी कोविड-19 मरीजों को अपने अस्पतालों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। दिल्ली सरकार ने यह आदेश गत कई  महीने से वेतन नहीं मिलने को लेकर, हिंदू राव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों की कई दिनों से चल रही ‘सांकेतिक अनिश्चितकालीन हड़ताल’  के मद्देनजर दिया था, जो रविवार से पूर्ण हड़ताल में बदल गई हैं।  

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया था कि इस समय हिंदूराव अस्पताल में 20 मरीज भर्ती थे। उन्होंने कहा, ‘हमने कोविड-19 मरीजों को हिंदूराव अस्पताल से हमारे अपने अस्पतालों में स्थनांतरित करने का आदेश दिया। उन्हें विकल्प दिया था कि या तो लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में स्थानांतरित हों या अपने घर के नजदीक किसी अन्य सरकारी अस्पताल में भर्ती हों जाए।’

सतेंद्र जैन ने कहा, ‘भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। वे विभिन्न करों से कमाते हैं और अगर अपने अस्पतालों को चला नहीं सकते तो उन्हें इन्हें दिल्ली सरकार को सौंप देना चाहिए।’

वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने पलटवार करते हुए दावा किया था कि निगम को दिल्ली सरकार से करोड़ो रुपये का कोष नहीं मिल सका है और वे 'हमें असमर्थ करने के लिए कोष का भुगतान नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने इस हड़ताल के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को ज़िम्मेदार बताया।

दरअसल विडंबना यही है कि नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन भुगतान नहीं होने को लेकर भाजपा के नेता दिल्ली सरकार को जिम्मेदार बताते है और दिल्ली सरकार इसके लिए निगम में भ्रष्टाचार को जिम्मेदार बताती है। इन दोनों के बीच कर्मचारी फुटबाल बनकर रह गए हैं।
 
आपको बता दें कि हिंदूराव दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है जिसकी बिस्तरों की क्षमता 900 है और इस समय यह कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए समर्पित है। यह सिर्फ अस्पताल नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेज भी ही है,इससे  पहले अस्पताल के कई स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

यहां वेतन न मिलने की शिकयत काफी लंबे समय से रही है। इस कारण समय समय पर यहां हड़ताल होती रहती हैं। यह सिर्फ़ इस अस्पताल का ही नहीं बल्कि उत्तर नगर निगम के सभी विभागों का हाल है। यहां शिक्षकों को भी कई कई महीने वेतन नहीं मिलता है। इसको लेकर हाई कोर्ट ने भी उत्तरी नगर निगम को फटकार लगाई थी। आपको यह भी बता दें कि हिंदूराव अस्पताल भाजपा द्वारा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम के न्यायाधिकार क्षेत्र में आता है। पिछले कई सालों से यहां भाजपा का ही कब्जा है।  

Hindu Rao Hospital
Doctors Protest
delay in salary
Municipal Corporation of Delhi
COVID-19
Corona warriors
Doctors and health workers
BJP

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?


बाकी खबरें

  • सुहित के सेन
    हिन्दू दक्षिणपंथ द्वारा नफरत फैलाने से सांप्रदायिक संकेतों वाली राजनीति बढ़ जाती है  
    08 Apr 2022
    पत्रकारों और अल्पसंख्यकों पर हमले और भाजपा सरकारों के बदतर शासन के रिकॉर्ड दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?
    08 Apr 2022
    एक ओर किसान आंदोलन की नई हलचलों का दौर शुरू हो रहा है, दूसरी ओर उसके ख़िलाफ़ साज़िशों का जाल भी बुना जा रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिड-डे-मील में लापरवाहीः बिहार के बाद राजस्थान में खाने के बाद 22 बच्चे बीमार
    08 Apr 2022
    मिड-डे-मील योजना में लापरवाही से बच्चों के बीमार पड़ने की ख़बरें अक्सर आती रही हैं। ताज़ा मामला राजस्थान का है जहां इस भोजन के करने के बाद 22 बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है।
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर
    08 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव भी बेहद दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है तो कहीं-कहीं बाहुबलियों के करीबी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।
  • मार्को फर्नांडेज़
    चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र
    08 Apr 2022
    अमेरिकी में विदेश नीति के विशेषज्ञ लैटिन अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को लेकर सतर्क हो गए हैं, यह भावना आने वाले वक़्त में और भी तेज़ होगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License