NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली : केजरीवाल सरकार राशन कार्ड को लेकर दे रही है विरोधाभासी आंकड़ें
दिल्ली सरकार ने दावा किया कि उसने 2016-2018 तक राशन कार्ड के किसी आवेदन को मंजूरी नहीं दी, लेकिन यह आरटीआई के तहत हासिल की गई जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017 में 8,351 आवेदन मंज़ूर किये गए और 2018 में इनकी संख्या 31,688 थी जबकि 2019 और 2020 में स्वीकृत आवेदनों की संख्या क्रमश: 36,158 और 11,965 है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Dec 2020
केजरीवाल

दिल्ली: दिल्ली में राशन कार्ड की समस्या बहुत गंभीर है पिछले कई सालों से लोगो का आरोप रहा है कि केजरीवाल सरकार नए राशन कार्ड बना नहीं रही है। इसको ही लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में यचिका दायर की गई है ,उसपर सुनवाई के दौरान बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दावा किया कि उसने 2016-2018 तक राशन कार्ड के किसी आवेदन को मंजूरी नहीं दी, लेकिन यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हासिल की गई जानकारी के विरोधाभासी है जिसमें संकेत मिलता है कि इस अवधि के दौरान हजारों आवेदन मंज़ूर किये गए। इन्ही आकड़ों में अब केजरीवाल सरकार फंसती दिख रही है।

दिल्ली सरकार ने न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष दो महिलाओं की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह प्रतिवेदन दिया। याचिकाओं में महिलाओं ने रियायती खाद्यान्न प्राप्त करने के लिये उन्हें राशन कार्ड जारी करने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय को बताया कि आरटीआई के तहत प्राप्त की गई सूचना के मुताबिक वर्ष 2017 में 8,351 आवेदन मंज़ूर किये गए और 2018 में इनकी संख्या 31,688 थी जबकि 2019 और 2020 में स्वीकृत आवेदनों की संख्या क्रमश: 36,158 और 11,965 है।

दिल्ली सरकार द्वारा अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता अनुज अग्रवाल के जरिये दायर की गई स्थिति रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत दिल्ली को आवंटित 72.77 लाख राशन कार्डों की अधिकतम सीमा 2016 में ही पूरी हो गई थी और उसके बाद 2018 तक किसी भी आवेदन को मंज़ूर नहीं किया गया।

दिल्ली सरकार द्वारा शहर में राशन कार्ड आवेदनों के लंबित होने के पीछे 2018 और 2019 में कर्मचारियों की भीषण कमी और उसके बाद 2019 और 2020 में क्रमश: आम चुनावों व विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों की तैनाती को इसकी वजह बताया गया और इस साल सरकार ने उनके कोविड-19 संबंधी ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला दिया।

दोनों महिलाओं की तरफ से पेश हुए वकील तुषार सान्नू दहिया ने हालांकि अदालत को बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस दौरान हजारों आवेदन स्वीकृत किये हैं।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी 2021 को तय की है।

राशन कार्ड को लेकर वाम दल ने कई बार दिल्ली में प्रदर्शन भी किया है। सीपीएम उत्तर -पूर्वी दिल्ली जो दिल्ली में प्रवासी मज़दूरों के गढ़ के तौर पर स्थापित हुआ है ,वहाँ के स्थानीय नेता फुलकान्त मिश्रा ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा दिल्ली में बड़ी संख्या में परवशी मज़दूर रहते है जिनके लिए आज भी राशन कार्ड दूर की कौड़ी है। जिसकी वजह से उन्हें सरकारी राशन नहीं मिल पात है अन्य सरकारी सुविधा से भी वो वंचित रहते है। इसका बड़ा उदाहरण हमे कोरोना महामारी के दौरान दिखा जहाँ राशन कार्ड न होने की वजह से लोगो के सामने भोजन का संकट आ गया था ,जिस कारण हज़ारों मज़दूर पैदल ही अपने मूल स्थान की ओर चल दिए थे। उस दौरान सरकार ने बड़ी संख्या में तात्कालिक राशन कूपन मुहैया कराया लेकिन वो केवल तीन महीने के लिए ही वैलिड था।

उन्होंने केजरीवाल सरकार पर कई गभींर आरोप लगाए और कहा इस सरकार ने अपने कार्यकाल में राशन व्यवस्था को मज़बूत करने का वादा किया था लेकिन आज के समय में राशन कार्ड बनाना दूर की कौड़ी है। उन्होंने सरकार के उस दावे का भी जवाब दिया जिसमे सरकार ने कहा कि उसने 2016 के बाद से कोई राशन कार्ड की एप्लिकेशन मंजूर नहीं की है.  

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Arvind Kejriwal
Kejriwal government
AAP
Ration card scam
RTI
National Food Security Act
NFSA

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक


बाकी खबरें

  • दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!
    सोनिया यादव
    दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!
    11 Sep 2021
    परिवार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के गठन और मामले की हाई लेवल जांच की मांग कर रहा है, तो वहीं कई समाजिक संगठन और आम लोग भी महिला सुरक्षा को लेकर अपने- अपने तरीके से आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
  • अमेरिकी विदेश नीति ने न केवल विश्व को, बल्कि अमेरिकियों को भी पहुंचाया नुकसान
    कैटरीना वेंडेन ह्यूवेल
    अमेरिकी विदेश नीति ने न केवल विश्व को, बल्कि अमेरिकियों को भी पहुंचाया नुकसान
    11 Sep 2021
    9/11 की बरसी पर हमें दशकों से असफल हो रही अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की तरफ़ ध्यान देने की जरूरत है। अमेरिकी विदेशी नीति के सतत सैन्यीकरण ने वास्तविक सुरक्षा चिंताओं से निपटने में अमेरिका की…
  • छत्तीसगढ़: विधवा महिलाओं ने बघेल सरकार को अनुकंपा नियुक्ति पर घेरा, याद दिलाया चुनावी वादा!
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़: विधवा महिलाओं ने बघेल सरकार को अनुकंपा नियुक्ति पर घेरा, याद दिलाया चुनावी वादा!
    11 Sep 2021
    प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं ने इनकी मांग पूरी करने का वादा किया था। ढाई साल बीत गए लेकिन अब तक मांगों का कुछ नहीं हुआ। इसलिए अब रायपुर में धरना स्थल के पेड़ के…
  • 10 सितंबर को अपने कार्यालय पर आयकर विभाग के "सर्वेक्षण" पर न्यूज़क्लिक का बयान
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    10 सितंबर को अपने कार्यालय पर आयकर विभाग के "सर्वे" पर न्यूज़क्लिक का बयान
    11 Sep 2021
    हम अपना काम यूंही बेबाक जारी रखेंगे और साहस के साथ सत्ता से सच बोलेंगे।
  • मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा दर्ज, एक गिरफ़्तार
    ज़ाकिर अली त्यागी
    शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार
    11 Sep 2021
    क्या पश्चिमी यूपी ख़ासतौर से मुज़फ़्फ़रनगर और आसपास किसान आंदोलन के चलते बनी ऐतिहासिक हिन्दू-मुस्लिम एकता को एकबार फिर तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। दरअसल यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License