NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: आशा कार्यकर्ताओं का ‘पोस्टकार्ड अभियान’, प्रधानमंत्री को भेजेंगी मांगें
दिल्ली में कार्यरत आशाओं ने ‘चुप्पी तोड़ो पोस्टकार्ड अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कार्यरत आशाकर्मी, अपनी मांगों को पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Sep 2021
दिल्ली: आशा कार्यकर्ताओं का ‘पोस्टकार्ड अभियान’, प्रधानमंत्री को भेजेंगी मांगें

ऐक्टू से सम्बद्ध दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) ने दिल्ली में कार्यरत आशाओं के बीच ‘चुप्पी तोड़ो पोस्टकार्ड अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कार्यरत आशाकर्मी अपनी मांगों को पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही हैं।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड के माध्यम से बधाई सन्देश देने का प्रायोजित कार्यक्रम काफी चर्चा में  है। यह तब हो रहा है जब दिनोंदिन बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और जन-विरोधी सरकारी नीतियों के चलते पूरी देश की जनता बेहाल है।

'नहीं मिला 33 रूपए प्रतिदिन कोरोना भत्ता'

दिल्ली आशा कामगार यूनियन की महासचिव श्वेता राज ने एक बयान जारी कर कहा कि कोरोना महामारी के भयावह दौर में जिन आशाओं ने देश की राजधानी दिल्ली में लगातार अपनी जान की परवाह किये बिना, लोगों के बीच जाकर कोरोना-रोकथाम व बचाव का कार्य किय, उन आशाओं को सरकार द्वारा घोषित मात्र 33 रूपए प्रतिदिन के कोरोना भत्ते का भी भुगतान नहीं किया गया।  

गौरतलब है कि देशभर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ के रूप में कार्य करनेवाली आशाओं को सरकार द्वारा कर्मचारी का दर्जा तक नहीं दिया जाता। आशाओं के काम करने के घंटे तक तय नहीं होते. बिना दिन और रात की परवाह किये जच्चे-बच्चे के काम के सिलसिले में आशा कर्मियों को कई बार असमय अपने दायित्व को निभाना पड़ता है। महामारी के दौरान दिल्ली में कार्यरत हर आशा को लगभग पांच सौ घरों के ‘कोविड सर्वे’ का काम करना पड़ा, जिसके पैसे कई आशाओं को अभी तक नहीं मिले।

‘सही मायने में सेवा और समर्पण की मिसाल हैं आशा कर्मी’

यूनियन ने कहा है कि प्रधानमंत्री के 71वें जन्मदिवस पर सत्तारूढ़ भाजपा ने ‘सेवा और समर्पण अभियान’ चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रधानमंत्री को उनकी ‘उपलब्धियों’ पर बधाई देते हुए भाजपा कार्यकर्ता पोस्टकार्ड लिखेंगे. परन्तु आश्चर्य की बात है कि सही मायने में सेवा और समर्पण करने वाली आशाओं को सरकार ‘कर्मचारी’ तक मानने को तैयार नहीं. दिल्ली में कोरोना भत्ते के नाम पर केवल 1000 रूपए मासिक की घोषणा की गई पर वो भी आशाओं को नहीं दिया गया।  

दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) कोरोना महामारी की शुरुआत से ही सभी आशा कर्मियों के लिए 10,000 रूपए प्रतिमाह कोरोना भत्ते का मांग कर रही है, महामारी के दौरान बीमार हुई आशाओं को ‘इंसेंटिव’ तक नहीं मिला. दिल्ली में कोरोना महामारी से मारी गई आशाओं को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया. दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में ‘नूरमाह नाज़’ नामक आशा की मौत का मुआवजा अभी तक नहीं मिला.

केंद्र और दिल्ली सरकार ने नहीं ली सुध

यूनियन से जुड़ी आशाओं ने इन सभी मुद्दों पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन भी किया है। बीते अगस्त और सितम्बर के पहले सप्ताह में दिल्ली के जहांगीरपुरी, वजीरपुर, आदर्श नगर, त्रिलोकपुरी, मुस्तफाबाद, करावल नगर, संगम विहार, देवली, द्वारका, पालम, मंगलापुरी, महरौली, महिपालपुर इत्यादि इलाकों में आशाओं ने काम के दौरान काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया था। इससे पहले आशाओं ने दिल्ली स्तर पर तय अपने मांगपत्र को केंद्र और दिल्ली सरकार को जमा भी किया है परन्तु अभी तक केंद्र या दिल्ली सरकार से कोई जवाब नहीं आया है।

पोस्टकार्ड पर लिख डाली आशाओं ने अपने ‘मन की बात’

श्वेता राज बताती हैं कि आशाएं कोरोना महामारी के बीच लोगों की जान बचाने के साथ-साथ अपने अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रही हैं. ‘सेवा’ के नाम पर आशाओं का शोषण लगातार जारी है जिसके लिए केंद्र और राज्य की सरकारें ज़िम्मेदार हैं. राजधानी दिल्ली में भी जब मात्र 1000 रूपए प्रतिमाह कोरोना भत्ते का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा, तो देश के अन्य हिस्सों के हालात कैसे होंगे?

वजीरपुर की डिस्पेंसरी में काम करने वाली एक आशा ने पोस्टकार्ड लिखते हुए प्रधानमंत्री से आशाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की तो वहीं आदर्श नगर की एक आशा ने प्रधानमंत्री से कोरोना भत्ते को लेकर सवाल पूछा।

यूनियन ने कहा कि पोस्टकार्ड द्वारा आशाओं की बात को प्रधानमंत्री के सामने रखने और अपना विरोध दर्ज करने का कार्यक्रम अभी दिल्ली के अन्य डिस्पेंसरियों में जारी रहेगा। आगामी 24 सितम्बर को ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर देशभर में आशाएं अपना विरोध दर्ज करेंगी। दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) देशव्यापी आह्वान के तहत 24 सितम्बर को दिल्ली के मंडी हाउस से विरोध मार्च निकालकर कार्यक्रम में भागीदारी करेगी।

asha wokers
Delhi ASHA workers
Postcard campaign
AICCTU
Narendra modi
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • Sameer Wankhede illegally tapped phones: Nawab Malik
    भाषा
    समीर वानखेड़े ने गैरकानूनी तरीके से फोन टैप कराए: नवाब मलिक का आरोप
    26 Oct 2021
    मलिक ने कहा, ‘‘समीर वानखेड़े मुंबई और ठाणे के दो लोगों के जरिए कुछ लोगों के मोबाइल फोन पर गैरकानूनी तरीके से नजर रख रहे हैं।’’ मलिक अपने दामाद की गिरफ्तारी के बाद से लगातार वानखेड़े पर निशाना साध रहे…
  • SC
    भाषा
    लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को गवाहों के संरक्षण का निर्देश
    26 Oct 2021
    शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले से जुड़ी दो शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘‘ राज्य को इन मामलों में अलग-अलग जवाब…
  • Defence Unions
    रौनक छाबड़ा
    रक्षा कर्मचारी संघों का केंद्र सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप, आंदोलन की चेतावनी 
    26 Oct 2021
    कर्मचारी महासंघों ने ने केंद्र को उनकी सेवा शर्तों के साथ हेराफेरी नहीं करने के अपने वादे से मुकरने का दोषी ठहराया है।जिसे देखते हुए श्रमिक संघों ने अपनी 11 मांगों को सूचीबद्ध करते हुए “आंदोलन का…
  • cricket
    भाषा
    आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कुमारा और दास पर जुर्माना
    26 Oct 2021
    मैदान पर तीखी बहस के बाद दोनों क्रिकेटर एक दूसरे पर प्रहार करने की कोशिश में थे जिससे अंपायरों और बाकी खिलाड़ियों को दखल देना पड़ा ।
  • diwali
    भाषा
    दिल्ली सरकार का 27 अक्टूबर से ‘पटाखे नहीं दीया जलाओ’ अभियान
    26 Oct 2021
    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 सितंबर को पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए कहा था कि यह ‘‘जीवन बचाने के लिए आवश्यक’’ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License