NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
दिल्ली: सबसे बड़े कोविड सेंटर में दुष्कर्म का मामला, आख़िर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
राजधानी के सरदार पटेल कोविड सेंटर में नाबालिग कोविड पॉज़ीटिव के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है।
सोनिया यादव
25 Jul 2020
सबसे बड़े कोविड सेंटर में दुष्कर्म का मामला
Image Credit: Arpita Biswas/Feminism in India

कोरोना कहर के बीच महिलाएं दोहरी चुनौती का सामना कर रही हैं। लॉकडाउन के चलते घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी तो हुई ही है, साथ ही आए दिन कोविड सेंटर और आइसोलेशन वार्ड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की तमाम घटनाएं सामने आ रहीं हैं। ताज़ा मामला राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े कोविड सेंटर 'सरदार पटेल कोविड सेंटर' का है, जहां एक नाबालिग कोविड पॉज़ीटिव के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। तो वहीं उसके एक अन्य साथी को भी वारदात का वीडियो बनाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है।

इसे भी पढ़ें : लॉकडाउन के चलते घरेलू हिंसा के मामले बढ़े, महिला उत्पीड़न में यूपी सबसे आगे

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक घटना 15 जुलाई की है। युवती जब देर रात वॉशरूम जा रही थी, तभी आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। कोविड सेंटर के मैनेजमेंट ने पुलिस को इसकी सूचना 16 जुलाई को दी। जिसके बाद आईपीसी की धारा 376 (रेप) व पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ़ चल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफ़ेस) के तहत मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है।

साउथ दिल्ली के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस परविंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि पीड़िता ने सेंटर में ही इलाज करा रहे 19 साल के एक युवक पर रेप का आरोप लगाया है। वहीं उसके एक अन्य साथी पर रेप का वीडियो बनाने की शिकायत दर्ज हुई है। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। साथ ही एफ़आईआर भी दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पीड़िता को पुलिस की निगरीनी में दूसरी जगह शिफ़्ट कर दिया गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज़क्लिक को बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि 11 जुलाई को उसका कोविड टेस्ट हुआ था जिसमें वो पॉजिटिव निकली थी। इसके बाद उसे 11 जुलाई की ही रात सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया।

अधिकारी ने कहा, “पीड़िता के मुताबिक दुष्कर्म के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसके बाद वो बुरी तरह से डर गई थी। हालांकि पीड़िता ने अगले दिन सेंटर में मौजूद डॉक्टरों को इसकी सूचना दी। जिसके तुरंत बाद डॉक्टरों ने पुलिस को इस बारे में अवगत करा दिया था।”

दिल्ली सरकार का क्या कहना है?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सरकार भी मामले की जांच करवा रही है। दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।

बता दें कि साउथ दिल्ली के छतरपुर इलाक़े में स्थित 10,000 बिस्तर वाला सरदार पटेल कोविड सेंटर राधा स्वामी सत्संग ब्यास परिसर में बना है। यह कोविड सेंटर भारत का सबसे अधिक क्षमता वाला कोविड सेंटर है। इसके संचालन की ज़िम्मेदारी आईटीबीपी के हवाले है। आईटीबीपी ही इसकी नोडल एजेंसी है। ऐसे में सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई, इस पर भी कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।

आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार ऋचा सिंह इस मामले पर कहती हैं, “इस कोविड सेंटर की समीक्षा गृहमंत्री अमित शाह ने खुद की थी। सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी और दिल्ली पुलिस दोनों गृहमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, ऐसे में इस घटना की जिम्मेदारी भी उनकी ही बनती है।

सवाल उठता है कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे? लेकिन गृहमंत्री ने अभी तक एक बार भी इस घटना को लेकर कुछ नहीं बोला है, प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन में देश के नाम कई संबोधन किए लेकिन कभी महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ बढ़ते अपराधों पर कुछ नहीं कहा। महिला एवं बाल विकास मंत्री भी मौन साधे हुए हैं। सत्ता पर काबिज़ लोगों को ये समझना होगा कि सिर्फ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ का नारा देने से कुछ नहीं होता इसके प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी होनी चाहिए। तभी अपराधों में कमी आएगी।

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉकडाउन में बढ़ती घरेलू हिंसा और बाल उत्पीड़न के संदर्भ में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि लॉकडाउन के चलते महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा-उत्पीड़न के मामलों की कार्रवाई में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े हुए सभी पक्षों जिसमें केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली महिला आयोग, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार शामिल हैं से कहा कि वह लोगों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग कैंपेन चलाएं। मदद के लिए जरूरी हेल्पलाइन नंबर जारी करें, जो हर समय कार्यात्मक हों और इन्हें मैनज करने के लिए कुशल लोगों को लगाया जाए, जो शिकायतकर्ता की परेशानी समझ कर उसकी सही काउंसलिंग कर सके।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन में भी महिलाओं, बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ी, दिल्ली हाईकोर्ट सख़्त, तत्काल कार्रवाई के आदेश

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में किसी कोविड सेंटर में आया यह अपने तरह का पहला मामला है। लेकिन इससे पहले बिहार और उत्तर प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। बिहार के एक मामले में तो पीड़िता की मौत भी हो गई थी। महिला के परिवार वालों ने कोविड सेंटर के वॉर्ड ब्वॉय पर दुराचार करने का आरोप लगाया था।

इसे भी पढ़ें: बिहार: अस्पतालों में भी नहीं सुरक्षित हैं महिलाएं, पीएमसीएच में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप

Coronavirus
COVID-19
crimes against women
violence against women
women safety
Sardar Patel Covid Center
rape case
Arvind Kejriwal
Amit Shah
modi sarkar
AAP Govt

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License