NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से गैर कानूनी रूप से निकाले गए कोविड कर्मचारी प्रदर्शन पर बैठे हुए थे। इस दौरान पुलिस ने मज़दूर संगठन ऐक्टू सचिव समेत कोविड योद्धाओं को हिरासत में लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2022
protest

आज जब देशभर में लाखों परिवार कोविड महामारी की चपेट में अपने प्रियजनों को गवां चुके हैं तब कोविडग्रस्त रोगियों की सेवा और देखभाल करने वाले चिकित्साकर्मियों को काम से निकाला जा रहा है।

गौरतलब है कि जो मोदी सरकार इन कोविड योद्धाओं पर कल तक फूल बरसा रही थी वो आज फंड की कमी या ज़रूरत खत्म हो जाने जैसी बातें कहकर इन कोविड योद्धाओं को दूध में मक्खी की तरह निकालकर बाहर कर रही है। ऐक्टू के नेतृत्व में दिल्ली के अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में ऐसे ही जन-विरोधी कदम के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी संघर्षरत हैं।

कोविड में जिन्होंने जनता की जान बचाई, आज उनकी जान बचाने वाला कोई नही

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से लेकर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल तक केंद्र सरकार ने भारी मात्रा में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छटनी शुरू कर दी है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर और बाइपैप मशीन जैसी महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक मशीनों को संचालित करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छटनी कर दी गई है। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बारह-तेरह साल से कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों समेत दर्जनों कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों तक की छटनी की जा चुकी है। इसी प्रकार से केंद्र सरकार के ही अधीन आने वाले राजकुमारी अमृत कौर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद काम से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन उप-श्रमायुक्त कार्यालय के निर्देशों के ठीक विपरीत जाकर सरकारी संस्थान कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रखने को तैयार नही है।

दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के इशारों पर मज़दूर नेताओं और कर्मचारियों को कर रही है परेशान

इन सभी संस्थानों में ऐक्टू के नेतृत्व में कॉन्ट्रैक्ट के स्वास्थ्य कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। आज दिनांक 2 अप्रैल को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के बाहर शांतिपूर्ण रूप से धरना दे रहे। कर्मचारियों और उनका नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के राज्य सचिव सूर्य प्रकाश को दिल्ली पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से उठाकर मंदिर मार्ग थाने में बंद कर दिया गया। रिपोर्ट लिखे जाने तक ऐक्टू नेता सूर्य प्रकाश और सभी 'कोविड नेता' थाने में बंद हैं।

पुलिस द्वारा मोदी सरकार के समक्ष उठाई गई मांगों के प्लेकार्ड को लेकर धरने के दौरान आपत्ति जताई गई थी- जो सरासर गैरकानूनी हस्तक्षेप है।

मंदिर मार्ग थाने में बंद ऐक्टू दिल्ली के सचिव सूर्य प्रकाश ने बताया कि पुलिस-दमन और सरकारी दबाव के बावजूद हम अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नही हटेंगे। केंद्र सरकार को कोविड योद्धाओं से किये गए धोखे का उचित जवाब दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें: देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

COVID-19
Corona warriors
Corona Warriors Protest
AICCTU
Lady Hardinge

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • कार्टून क्लिक: एक संकट—कई आयाम, आपदा भी, अवसर भी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कार्टून क्लिक: एक संकट—कई आयाम, आपदा भी, अवसर भी
    02 Mar 2022
    रूस-यूक्रेन जंग जिस वजह से छिड़ी है, यूक्रेन उसी तरफ़ जा रहा है। यूक्रेन को यूरोपियन खेमे और नेटो की तरफ़ जाने से रोकने के लिए रूस ने यह युद्ध शुरू किया है, लेकिन यूक्रेन उसी तरफ़ तेज़ी से बढ़ रहा है…
  • chandigarh discom
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली निगमों का निजीकरण "अलोकतांत्रिक" और "संघीय ढांचे के ख़िलाफ़"
    02 Mar 2022
    "पुडुचेरी को छोड़कर किसी अन्य केंद्र शासित प्रदेश में निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार नहीं है...चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में पंजाब और हरियाणा के दो राज्यों की संयुक्त राजधानी है और चंडीगढ़…
  • muslim
    विजय विनीत
    यूपी का रणः सत्ता के संघर्ष में किधर जाएंगे बनारस के मुसलमान?
    02 Mar 2022
    बनारस के मुस्लिम वोटरों के मन की थाह न सपाई-कांग्रेसी लगा पा रहे हैं और न ही सत्ता के अलंबरदार भाजपा नेता। ध्रुवीकरण की राजनीति में मुसलमान किसे वोट देंगे, अभी कह पाना आसान नहीं है। इतना तय है कि…
  • poorvanchal
    रवि शंकर दुबे
    छठा चरण—पूर्वांचल में रण: इस बार योगी आदित्यनाथ के सामने चुनौतियों का ढेर
    02 Mar 2022
    यूपी चुनावों के छठे चरण की एक-एक सीट बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इस बार ख़ुद योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि माहौल पिछली बार से थोड़ा अलग है, ऐसे में भाजपा के लिए विपक्षियों से…
  • musahar
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित
    02 Mar 2022
    दलित आम तौर पर ऐसे मूक मतदाता माने जाते हैं, जो अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं का आसानी से इज़हार नहीं करते। हालांकि, इस चुनाव को नज़दीक से देखने पर इस बात के साफ़ संकेत मिल जाते हैं कि उनका झुकाव बसपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License