NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान एक मज़दूर की मौत
दक्षिण पूर्वी दिल्ली में जल बोर्ड के कार्यालय में सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दूसरा शख्स बेहोश हो गया। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्ति सीवर के अंदर पड़े मिले। उन्होंने सुरक्षा संबंधी उपकरण नहीं पहने हुए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Mar 2020
सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान एक मज़दूर की मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री सहित तमाम सरकारें आम लोगों से सफाई कर्मचारी समेत सभी कर्मचारियों को सम्मान देने की बात कर रही हैं , लेकिन कोई उनसे सवाल करे की सरकारों की लापरवाही से जिन मज़दूरों की मौत हो रही है, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? मज़दूर को सम्मान भाव से अधिक सुरक्षा की जरूरत हैं। कल यानी 25 मार्च  को सरकार को इसी लापरवाही से एक और मज़दूर की मौत हो गई हैं।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली में जल बोर्ड के कार्यालय में सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दूसरा शख्स बेहोश हो गया।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान सुरेश के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्ति सीवर के अंदर पड़े मिले। उन्होंने सुरक्षा संबंधी उपकरण नहीं पहने हुए थे।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि पुलिस को बुधवार सुबह करीब सवा 11 बजे जल बोर्ड के दफ्तर से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस दल को दो व्यक्ति सुरेश और जगबीर सीवर शोधन संयंत्र में बेहोश पड़े मिले।

उन्होंने बताया कि दिल्ली ने अग्निशमन सेवा को इस बाबत सूचित किया और दमकलकर्मियों ने दोनों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

मीणा ने बताया सुरेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि जगबीर (43) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने बताया कि उन्हें बचाने के लिए मुरारी (40) नाम का एक शख्स सीवर में गया था मगर उनकी मदद नहीं कर पाया।

पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर लिया है।

जब इस मज़दूर की मौत हुई, उसी समय प्रधनमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र के लोगो को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये संवाद में कहा, सभी लोगों को डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मचारियों को सम्मान दे।

मोदी जी ने जितनी बाते बोली सब सही है लेकिन उनको यह भी बताना चाहिए जिस तरह से लगातर सफाई  कर्मचारी  की मौत हो रही है। उनके लिए क्या किया हैं ? या फिर सिर्फ भाषणों में सम्मान और पांवो धोने से ही काम चलेगा।

आपको बता सरकार के लाख दवाओं के बाद भी पिछले तीन सालो में 271 सफाई कर्मचारियों की मौत  सीवर की सफाई करते हुए है।  यह आकड़ां सरकार का है , राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने यह आकड़ा 9 मार्च को जारी किया था।  जबकि सफाई कर्मचारियों के लिए काम करने वाले संगठनों का दवा है की यह आकड़ा से बहुत अधिक है।  सरकारी आकड़े की ही बात करे तो साला 2019 में ही सिर्फ 110 कर्मचारियों की मौत हुई जबकि साल 2018 के दौरन यह आकड़ा 68  का था।  

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Sewer deaths
Sewer tank
Water Board in South East Delhi
deaths in sewer
Sewer Cleaning

Related Stories

सीवर और सेप्टिक टैंक मौत के कुएं क्यों हुए?

71 साल के गणतंत्र में मैला ढोते लोग  : आख़िर कब तक?

सेप्टिक टैंक-सीवर में मौतें जारी : ये दुर्घटनाएं नहीं हत्याएं हैं!

ख़तरे में किसान और कृषि, सीवर या सेप्टिक टैंकों की सफ़ाई करते समय कुल 288 मौतें और अन्य

तीन साल में सीवर, सेप्टिक टैंकों की सफ़ाई के दौरान 288 लोगों की मौत : सरकार

खोज ख़बर : कोरोना नहीं जाति के वायरस ने गटर में मारे 26, अत्याचार के 115 से अधिक केस

दिल्ली चुनाव: कौन सुनेगा सफ़ाईकर्मियों की आवाज़?

खोज ख़बर: रैली ग्राउंड में सीवर मौत पर चुप्पी क्यों Mr PM?

‘पापा कया ऐतै (पापा कब आएंगे)?’

डेली राउंड अप : सफ़ाई कर्मचारियों की मौत, तीन तलाक़ मामला और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • Budget 2022
    भरत डोगरा
    जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 
    18 Feb 2022
    2022-23 के केंद्रीय बजट में जलवायु परिवर्तन, उर्जा नवीनीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जिस मात्रा में समर्थन किये जाने की आवश्यकता है, वैसा कर पाने में यह विफल है।
  • vyapam
    भाषा
    व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
    18 Feb 2022
    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2013 के प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में धांधली करने के आरोप में 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया है। आरोपियों में प्रदेश के तीन निजी मेडिकल…
  • Modi
    बी सिवरमन
    मोदी के नेतृत्व में संघीय अधिकारों पर बढ़ते हमले
    18 Feb 2022
    मोदी सरकार द्वारा महामारी प्रबंधन के दौरान अनुच्छेद 370 का निर्मम हनन हो, चाहे राज्यों के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो या एकतरफा पूर्ण तालाबंदी की घोषणा हो या फिर महामारी के शुरुआती चरणों में अत्यधिक…
  • kannauj
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: कन्नौज के पारंपरिक 'इत्र' निर्माता जीवनयापन के लिए कर रहे हैं संघर्ष
    18 Feb 2022
    कच्चे माल की ऊंची क़ीमतें और सस्ते, सिंथेटिक परफ्यूम के साथ प्रतिस्पर्धा पारंपरिक 'इत्र' निर्माताओं को पहले से कहीं अधिक प्रभावित कर रही है।
  • conteniment water
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कथित तौर पर चीनी मिल के दूषित पानी की वजह से लखीमपुर खीरी के एक गांव में पैदा हो रही स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायें
    18 Feb 2022
    लखीमपुर खीरी ज़िले के धरोरा गांव में कथित तौर पर एक चीनी मिल के कारण दूषित होते पानी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव के लोग न सिर्फ़ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, बल्कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License