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राजनीति
दिल्ली: सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान एक मज़दूर की मौत
दक्षिण पूर्वी दिल्ली में जल बोर्ड के कार्यालय में सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दूसरा शख्स बेहोश हो गया। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्ति सीवर के अंदर पड़े मिले। उन्होंने सुरक्षा संबंधी उपकरण नहीं पहने हुए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Mar 2020
सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान एक मज़दूर की मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री सहित तमाम सरकारें आम लोगों से सफाई कर्मचारी समेत सभी कर्मचारियों को सम्मान देने की बात कर रही हैं , लेकिन कोई उनसे सवाल करे की सरकारों की लापरवाही से जिन मज़दूरों की मौत हो रही है, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? मज़दूर को सम्मान भाव से अधिक सुरक्षा की जरूरत हैं। कल यानी 25 मार्च  को सरकार को इसी लापरवाही से एक और मज़दूर की मौत हो गई हैं।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली में जल बोर्ड के कार्यालय में सीवर टैंकर की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दूसरा शख्स बेहोश हो गया।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान सुरेश के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्ति सीवर के अंदर पड़े मिले। उन्होंने सुरक्षा संबंधी उपकरण नहीं पहने हुए थे।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि पुलिस को बुधवार सुबह करीब सवा 11 बजे जल बोर्ड के दफ्तर से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस दल को दो व्यक्ति सुरेश और जगबीर सीवर शोधन संयंत्र में बेहोश पड़े मिले।

उन्होंने बताया कि दिल्ली ने अग्निशमन सेवा को इस बाबत सूचित किया और दमकलकर्मियों ने दोनों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

मीणा ने बताया सुरेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि जगबीर (43) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने बताया कि उन्हें बचाने के लिए मुरारी (40) नाम का एक शख्स सीवर में गया था मगर उनकी मदद नहीं कर पाया।

पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर लिया है।

जब इस मज़दूर की मौत हुई, उसी समय प्रधनमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र के लोगो को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये संवाद में कहा, सभी लोगों को डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मचारियों को सम्मान दे।

मोदी जी ने जितनी बाते बोली सब सही है लेकिन उनको यह भी बताना चाहिए जिस तरह से लगातर सफाई  कर्मचारी  की मौत हो रही है। उनके लिए क्या किया हैं ? या फिर सिर्फ भाषणों में सम्मान और पांवो धोने से ही काम चलेगा।

आपको बता सरकार के लाख दवाओं के बाद भी पिछले तीन सालो में 271 सफाई कर्मचारियों की मौत  सीवर की सफाई करते हुए है।  यह आकड़ां सरकार का है , राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने यह आकड़ा 9 मार्च को जारी किया था।  जबकि सफाई कर्मचारियों के लिए काम करने वाले संगठनों का दवा है की यह आकड़ा से बहुत अधिक है।  सरकारी आकड़े की ही बात करे तो साला 2019 में ही सिर्फ 110 कर्मचारियों की मौत हुई जबकि साल 2018 के दौरन यह आकड़ा 68  का था।  

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

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