NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने देशद्रोह के कानून की संवैधानिक वैधता पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष आगामी सुनवाई के मद्देनजर सुनवाई टाल दी और इसी मामले में शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर दिल्ली पुलिस का रुख पूछा।
भाषा
29 Apr 2022
umar khalid

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में यहां दंगों के पीछे कथित साजिश से संबंधित गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई 6 मई तक के लिए टाल दी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने देशद्रोह के कानून की संवैधानिक वैधता पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष आगामी सुनवाई के मद्देनजर सुनवाई टाल दी और इसी मामले में शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर दिल्ली पुलिस का रुख पूछा।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली पीठ ने निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका को खारिज करने के खिलाफ इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया और शीर्ष अदालत द्वारा पांच मई को आईपीसी की धारा 124ए की वैधता के मुद्दे पर विचार करने के बाद इसे खालिद की याचिका के साथ आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील त्रिदीप पाइस ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के “ सुनवाई उसी दिन समाप्त करने की संभावना नहीं है” और वर्तमान जमानत की कार्यवाही केवल धारा 124 ए तक सीमित नहीं है, बल्कि यूएपीए के प्रावधानों से संबंधित है।

पीठ ने कहा, “किसी भी चीज का, जिसका भले ही दूर से ही सही असर हो सकता है, तो हमें (उसके लिए) इंतजार करना चाहिए। जैसा आपने कहा, परिणाम महत्वपूर्ण होने जा रहा है।”

पीठ में न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर भी शामिल हैं। अदालत ने आगे कहा कि इमाम और खालिद को मामले में “सह-साजिशकर्ता” बताया गया था और इस तरह वह दोनों जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।

इमाम की ओर से पेश अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने जोर देकर कहा कि उच्चतम न्यायालय में देशद्रोह के मुद्दे पर सुनवाई हो रही है, उनकी याचिका जमानत के लिए है।

अदालत ने कहा, “अगर हमें सह-आरोपी को सुनना है, तो हम इसे एक बार में भी कर सकते हैं।” अदालत ने दिल्ली दंगों के एक अलग मामले में इमाम की एक और जमानत याचिका को भी 6 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

खालिद, इमाम और कई अन्य पर फरवरी 2020 के दंगों के “मास्टरमाइंड” होने के लिए यूएपीए मामले में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे।

संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी।

Delhi riots
Umar khalid
UAPA

Related Stories

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

कश्मीर यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर को 2011 में लिखे लेख के लिए ग़िरफ़्तार किया गया

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

गाँधी पर देशद्रोह का मामला चलने के सौ साल, क़ानून का ग़लत इस्तेमाल जारी

दिल्ली हिंसा: उमर ख़ालिद के परिवार ने कहा ज़मानत नहीं मिलने पर हैरानी नहीं, यही सरकार की मर्ज़ी है


बाकी खबरें

  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Western media
    नतालिया मार्क्वेस
    यूक्रेन को लेकर पश्चिमी मीडिया के कवरेज में दिखते नस्लवाद, पाखंड और झूठ के रंग
    05 Mar 2022
    क्या दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध का ढोल पीटकर अंग्रेज़ी भाषा के समाचार घराने बड़े पैमाने पर युद्ध-विरोधी जनमत को बदल सकते हैं ?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License