NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली दंगे: पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां ने यूएपीए के मामले में जमानत मांगी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत 12 जुलाई को याचिका पर दलीलें सुनेंगे। इशरत की बहन सरवर जहां के साथ ही वकील प्रदीप तेवतिया उनका पक्ष रख रहे हैं।
भाषा
06 Jul 2021
इशरत जहां

नयी दिल्ली: गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार की गयीं कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां ने यहां एक अदालत में याचिका दाखिल कर उत्तर-पूर्व दिल्ली में पिछले साल फरवरी में हुए दंगों की साजिश के मामले में जमानत का अनुरोध किया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत 12 जुलाई को याचिका पर दलीलें सुनेंगे। इशरत की बहन सरवर जहां के साथ ही वकील प्रदीप तेवतिया उनका पक्ष रख रहे हैं।

सरवर जहां ने कहा, ‘‘उसे विरोध प्रदर्शन का प्रमुख महिला चेहरा दर्शाया गया। जमानत अर्जी में यह हमारा एक आधार है। हम न्याय के लिए तथा उसकी बेगुनाही साबित करने के लिए लड़ रहे हैं क्योंकि उसे गलत तरह से फंसाया गया है।’’

अदालत ने पिछले साल नवंबर में अपराध की गंभीरता को देखते हुए इशरत जहां को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इनमें गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले शामिल हैं।

इशरत जहां मंडोली जेल में कोविड-19 के प्रकोप और अन्य चिकित्सा संबंधी मुद्दों का हवाला देते हुए जमानत मांग रही है।

इससे पहले उन्हें शादी के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी गयी थी और गवाहों को प्रभावित नहीं करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया गया था। उनकी शादी 12 जून, 2020 को होनी तय हुई थी।

इशरत जहां के अलावा जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कालिता, पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन तथा कई अन्य पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन सभी पर फरवरी 2020 में हुए दंगों की साजिश रचने का आरोप है। दंगों में 53 लोगों की मौत हो गयी थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गये थे।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में आसिफ, नरवाल तथा कालिता को मामले में जमानत दी थी और कहा था कि सरकार ने असंतोष को दबाने की जल्दबाजी में प्रदर्शन के अधिकार तथा आतंकवादी गतिविधि के बीच की रेखा को धूमिल कर दिया।

Delhi riots
Ishrat Jahan
UAPA

Related Stories

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

कश्मीर यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर को 2011 में लिखे लेख के लिए ग़िरफ़्तार किया गया

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

गाँधी पर देशद्रोह का मामला चलने के सौ साल, क़ानून का ग़लत इस्तेमाल जारी

दिल्ली हिंसा: उमर ख़ालिद के परिवार ने कहा ज़मानत नहीं मिलने पर हैरानी नहीं, यही सरकार की मर्ज़ी है

दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License