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भारत
राजनीति
रास में उठी 'सामाजिक दूरी' के बजाय 'शारीरिक दूरी' कहने की मांग
उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे एक महत्वपूर्ण सुझाव बताते हए कहा कि ‘‘सुरक्षित दूरी’’ कहना भी बेहतर होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
15 Sep 2020
Venkiah Naidu

नयी दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने कोविड—19 महामारी के सिलसिले में उपयोग किए जा रहे शब्द ‘‘सामाजिक दूरी’’ को संदर्भ से पूरी तरह प्रतिकूल बताते हुए कहा कि इसकी जगह ‘‘शारीरिक दूरी’’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे एक महत्वपूर्ण सुझाव बताते हए कहा कि ‘‘सुरक्षित दूरी’’ कहना भी बेहतर होगा।

तृणमूल कांग्रेस के डॉ. शांतनु सेन ने विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा 'सामाजिक दूरी कहने पर एक तरह से सामाजिक कलंक का अहसास होता है। इसके और भी प्रतिकूल मायने हैं जैसे सामाजिक बहिष्कार या अलग—थलग कर दिया जाना आदि। '

सेन ने कहा 'कोविड—19 महामारी कब तक रहेगी , कहा नहीं जा सकता। इसलिए कोविड—19 को लेकर सामाजिक दूरी शब्द का इस्तेमाल कतई नहीं किया जाना चाहिए।'

सभापति नायडू ने उनके इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा 'सामाजिक दूरी की जगह सुरक्षित दूरी भी कहा जा सकता है।'

आपको बता दें कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में इस शब्द का इस्तेमाल किया गया था, तब भी देश के प्रबुद्ध वर्ग ने इसपर ऐतराज़ जताया था और इसकी जगह शारीरिक दूरी कहने की ही वकालत की थी। लेकिन इस ओर जागरुकता के लिए अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। और यह शब्द बदस्तूर जारी है।

M. Venkaiah Naidu
Physical distance
Social Distance
TMC
COVID-19

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