NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रास में उठी 'सामाजिक दूरी' के बजाय 'शारीरिक दूरी' कहने की मांग
उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे एक महत्वपूर्ण सुझाव बताते हए कहा कि ‘‘सुरक्षित दूरी’’ कहना भी बेहतर होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
15 Sep 2020
Venkiah Naidu

नयी दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने कोविड—19 महामारी के सिलसिले में उपयोग किए जा रहे शब्द ‘‘सामाजिक दूरी’’ को संदर्भ से पूरी तरह प्रतिकूल बताते हुए कहा कि इसकी जगह ‘‘शारीरिक दूरी’’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उच्च सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे एक महत्वपूर्ण सुझाव बताते हए कहा कि ‘‘सुरक्षित दूरी’’ कहना भी बेहतर होगा।

तृणमूल कांग्रेस के डॉ. शांतनु सेन ने विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा 'सामाजिक दूरी कहने पर एक तरह से सामाजिक कलंक का अहसास होता है। इसके और भी प्रतिकूल मायने हैं जैसे सामाजिक बहिष्कार या अलग—थलग कर दिया जाना आदि। '

सेन ने कहा 'कोविड—19 महामारी कब तक रहेगी , कहा नहीं जा सकता। इसलिए कोविड—19 को लेकर सामाजिक दूरी शब्द का इस्तेमाल कतई नहीं किया जाना चाहिए।'

सभापति नायडू ने उनके इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा 'सामाजिक दूरी की जगह सुरक्षित दूरी भी कहा जा सकता है।'

आपको बता दें कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में इस शब्द का इस्तेमाल किया गया था, तब भी देश के प्रबुद्ध वर्ग ने इसपर ऐतराज़ जताया था और इसकी जगह शारीरिक दूरी कहने की ही वकालत की थी। लेकिन इस ओर जागरुकता के लिए अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। और यह शब्द बदस्तूर जारी है।

M. Venkaiah Naidu
Physical distance
Social Distance
TMC
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • women
    वर्षा सिंह
    पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, कैसे तीसरी लहर का मुकाबला करेगा उत्तराखंड?
    01 Sep 2021
    उत्तराखंड के लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मात्र 17% सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और 41% बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर राज्य की स्थिति और अधिक बिगड़ी हुई है। राज्य…
  • सूहीत के सेन 
    न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी
    01 Sep 2021
    न्यायपालिका हुकूमत की ज़्यादतियों पर रोक लगाने का काम कर रही है और साथ ही पूरी की पूरी कार्यकारी के हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए क़दम बढ़ा रही है। यह सतर्क आशावाद का नतीजा है।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : कम वेतन के ख़िलाफ़, नियमतिकरण की मांग के साथ 45000 मनरेगा मज़दूर पहुंचे लखनऊ
    01 Sep 2021
    'क़रीब 45,000 अनुबंधित मज़दूर मनरेगा के तहत पिछले 14 साल से काम कर रहे हैं जिनमें से कई की हालत सरकार की नज़रअंदाज़ी की वजह से काफ़ी ख़राब है। कई मज़दूर आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य सेवा की कमी की वजह से…
  • न्यूज़क्लिक  डेली राउंडअप
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरें
    31 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • caa
    अजय कुमार
    क्या नागरिकता क़ानून अफ़ग़ानिस्तानी शरणार्थियों की मदद कर पा रहा है? नहीं, बिल्कुल नहीं
    31 Aug 2021
    भाजपा समर्थक कह रहे है कि नागरिकता संशोधन कानून की वजह से ही अफ़ग़ानिस्तान के सिख और हिंदू भारत में आ रहे हैं। ये सिर्फ़ एक झूठ है। कैसे, आइए समझिए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License